चंद्रपुर में प्रारूप मतदाता सूची से छूटे पात्र मतदाताओं को नाम जुड़वाने का एक और मौका
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विशेष सघन पुनरीक्षण में जिन पात्र मतदाताओं के नाम प्रारूप सूची में नहीं आ सके, उन्हें चुनाव आयोग ने अंतिम सूची में नाम जुड़वाने का दोबारा मौका दिया है। जिलाधिकारी वसुमना पंत ने फॉर्म भरने की अपील की है।
चंद्रपुर में विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR-2026) के दौरान जिन पात्र मतदाताओं के नाम प्रारूप मतदाता सूची में नहीं आ सके, उन्हें भारत निर्वाचन आयोग ने अंतिम सूची में नाम जुड़वाने का एक और मौका दिया है। इन मतदाताओं को अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या दोहरी प्रविष्टि वाला दर्ज किया गया था, इसी वजह से उनके नाम प्रारूप सूची में शामिल नहीं हो पाए। जिलाधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी वसुमना पंत ने ऐसे मतदाताओं से अपील की है कि वे जरूरी गणना फॉर्म और आवेदन जमा करके इस मौके का फायदा उठाएं।
आयोग के 6 नवंबर 2026 के निर्देश के मुताबिक, जिन मतदाताओं को पुनरीक्षण में गणना फॉर्म बांटा गया था, लेकिन अलग-अलग कारणों से उनका नाम प्रारूप सूची में नहीं आया, उनकी मतदान केंद्र के हिसाब से सूची फिर से जारी की जाएगी। यह सूची संबंधित मतदान केंद्रों के सूचना फलक पर, ग्राम पंचायत दफ्तरों में, शहरी स्थानीय निकायों के दफ्तरों में और संबंधित निर्वाचन अधिकारियों के दफ्तरों में देखने को मिलेगी। इसके अलावा मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर भी सूची डाली जाएगी।
प्रारूप सूची में जिनका नाम नहीं है, वे भरा हुआ और दस्तखत किया हुआ गणना फॉर्म मतदाता पंजीकरण अधिकारी (ERO), सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारी (AERO) या मतदान केंद्र स्तर के अधिकारी (BLO) को दें।
जो मतदाता अपने पुराने पते पर ही रह रहे हैं, उन्हें गणना फॉर्म के साथ परिशिष्ट-B का आवेदन देना होगा। इस आवेदन में यह लिखना जरूरी है कि उन्होंने पहले गणना फॉर्म क्यों जमा नहीं किया था।
जिन मतदाताओं ने राज्य के अंदर ही दूसरी जगह रहने का ठिकाना बदला है, वे नया पता और विधानसभा क्षेत्र का ब्योरा लिखकर गणना फॉर्म के साथ परिशिष्ट-C का आवेदन और नए पते का सबूत दें। ऐसे मतदाताओं को अलग से फॉर्म-8 (Form-8) भरने की जरूरत नहीं है।
मतदाता अपने पुराने मतदाता फोटो पहचान पत्र (EPIC) के नंबर से भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट या ECINET ऐप के जरिए गणना फॉर्म डाउनलोड करके जमा कर सकते हैं। मतदान केंद्र स्तर के अधिकारियों से बात करने के लिए "Book a Call with BLO" की सुविधा भी दी गई है।
पुनरीक्षण के दौरान नए मतदाता के तौर पर नाम दर्ज कराने के लिए जो लोग पहले ही फॉर्म-6 (Form-6) जमा कर चुके हैं, उन्हें दोबारा गणना फॉर्म देने की जरूरत नहीं है।
संबंधित मतदान केंद्र स्तर के अधिकारी ऐसे मतदाताओं से संपर्क करेंगे और उन्हें जरूरी मार्गदर्शन देने के साथ गणना फॉर्म भी उपलब्ध कराएंगे। मिले हुए आवेदनों की नियम के मुताबिक जांच और सत्यापन होगा, उसके बाद पात्र मतदाताओं के नाम अंतिम मतदाता सूची में जोड़े जाएंगे।
वसुमना पंत ने कहा है कि कोई भी पात्र मतदाता वोट देने के हक से वंचित न रहे, इसके लिए सब लोग पहले यह पक्का कर लें कि प्रारूप सूची में उनका नाम है या नहीं। नाम न हो तो जरूरी कागजात के साथ गणना फॉर्म तय तरीके से जमा करें। उन्होंने जिले के सभी संबंधित पात्र मतदाताओं से चुनाव आयोग के दिए इस मौके का फायदा उठाने की अपील की है।
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