शनिवार, 7 नवंबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट

SIR में छूटे 7 राज्यों के पात्र मतदाताओं को दोबारा मौका, फॉर्म 6 की जरूरत नहीं

SIR में छूटे 7 राज्यों के पात्र मतदाताओं को दोबारा मौका, फॉर्म 6 की जरूरत नहीं तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
सियासत PT24 टीम

चुनाव आयोग ने दिल्ली, महाराष्ट्र समेत सात राज्यों के उन पात्र मतदाताओं को अंतिम सूची में नाम जुड़वाने का एक और मौका दिया है, जिनके नाम SIR के दौरान प्रारूप सूची में नहीं आ पाए।

चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान छूट गए मतदाताओं के लिए एक अहम फैसला लिया है। दिल्ली और महाराष्ट्र समेत सात राज्यों के पात्र मतदाताओं को अंतिम मतदाता सूची में अपना नाम दोबारा जुड़वाने का एक और मौका दिया गया है। खास बात यह है कि एक तय श्रेणी के मतदाताओं को इसके लिए नया फॉर्म 6 नहीं भरना पड़ेगा। वे अपना पहले वाला गणना फॉर्म (Enumeration Form) दोबारा भरकर जमा कर सकेंगे।

यह सुविधा दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना और नागालैंड के संबंधित मतदाताओं को मिलेगी। इन जगहों पर SIR के दौरान जिन पात्र मतदाताओं के नाम प्रारूप मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके, उन्हें फिर से मौका देने का फैसला हुआ है। फैसले का जोर खासकर उन मतदाताओं पर है जिन्हें अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या दोहरी एंट्री वाला बताकर अलग श्रेणी में रखा गया था और जिनके गणना फॉर्म वापस नहीं मिले थे।

SIR की प्रक्रिया में कई मतदाताओं के नाम प्रारूप सूची से हट गए थे। इनमें वे लोग भी हैं जो घर पर नहीं मिले, कहीं और रहने चले गए या वक्त पर अपना गणना फॉर्म जमा नहीं कर पाए। अब इन लोगों को सूची में नाम वापस लाने के लिए आवेदन करने का मौका दिया गया है।

6 नवंबर 2026 को जारी निर्देशों के मुताबिक संबंधित मतदाता अपना पुराना गणना फॉर्म दोबारा भरकर, जरूरी घोषणापत्र के साथ जमा कर सकते हैं। इस खास प्रक्रिया में फॉर्म 6 भरने की जरूरत नहीं है। आवेदन मंजूर होने पर मतदाता अपना पुराना मतदाता पहचान पत्र नंबर (EPIC) बनाए रख सकेंगे।

आयोग ने संबंधित राज्यों के अफसरों से कहा है कि वे मतदाताओं तक पहुंचने के लिए खास इंतजाम करें। इसके तहत मतदान केंद्र के हिसाब से छूटे हुए मतदाताओं की सूचियां दोबारा प्रकाशित की जाएंगी। मतदाताओं से संपर्क के लिए बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की मदद ली जाएगी। अफसर घर जाकर मिल सकते हैं, और फोन, व्हाट्सऐप, ई-मेल या एसएमएस से भी संपर्क कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर परिवार के लोगों, पड़ोसियों और स्थानीय प्रतिनिधियों की मदद से भी मतदाताओं को ढूंढा जाएगा।

महाराष्ट्र के जिन मतदाताओं का नाम SIR के बाद की प्रारूप सूची में नहीं दिख रहा, उन्हें सबसे पहले यह देखना चाहिए कि उनका नाम किस वजह से हटा है। इसके बाद अपने मतदान केंद्र के BLO या निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी से मिलकर आगे की प्रक्रिया समझनी चाहिए। गणना फॉर्म दोबारा जमा करते समय जरूरी घोषणापत्र और कागजात साथ देने होंगे। जिन्होंने पहले ही फॉर्म 6 भर दिया है, उन्हें उसे दोबारा भरने की हड़बड़ी नहीं करनी चाहिए, बल्कि अपने पुराने आवेदन की स्थिति जांच लेनी चाहिए। आयोग के पहले के स्पष्टीकरण के मुताबिक पहले से भरे गए फॉर्म 6 पर भी विचार किया जाएगा।

एक बात साफ रहे कि इस फैसले का मतलब यह नहीं कि सभी पुराने मतदाताओं के लिए फॉर्म 6 भरना बंद कर दिया गया है। फॉर्म 6 के बिना नाम जुड़वाने की सुविधा सिर्फ उन पात्र मतदाताओं के लिए है जो एक तय श्रेणी में आते हैं और SIR प्रक्रिया में छूट गए थे। दूसरे मामलों में लागू नियमों के हिसाब से अलग प्रक्रिया हो सकती है। इसलिए मतदाता अपना नाम जांच लें और संबंधित अफसरों की हिदायतों के मुताबिक वक्त पर कार्रवाई करें।

#नागपुर#सियासत#PT24#Politics#Nagpur

विज्ञापन

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप 'आप' पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे