सिंहगड संस्था की 13 स्कूलों की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई पर कोर्ट ने लगाई रोक
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शिक्षकों का वेतन महीनों से अटका था और पढ़ाई ठप थी। शिक्षा विभाग ने सिंहगड संस्था की 13 स्कूलों की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई की थी। कोर्ट ने उस कार्रवाई को फिलहाल रोक दिया है।
पुणे में सिंहगड टेक्निकल एजुकेशन सोसायटी की 13 स्कूलों की मान्यता रद्द करने की शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर कोर्ट ने रोक लगा दी है। शुक्रवार, 6 नवंबर को हुई सुनवाई में कोर्ट ने निर्देश दिया कि यह कार्रवाई फिलहाल रोक दी जाए। इसकी जानकारी शिक्षा उपसंचालक मच्छिंद्रनाथ कदम ने दी।
इन स्कूलों के शिक्षकों का वेतन कई महीनों से बकाया है। वेतन न मिलने पर शिक्षकों ने पढ़ाने का बहिष्कार कर दिया था, जिससे बच्चों की रोज़ की पढ़ाई बिगड़ गई थी। शिक्षा विभाग की जांच में भी यह बात सामने आई थी।
इस मामले में 20 जुलाई 2026 को तत्कालीन शिक्षा उपसंचालक के सामने सुनवाई हुई थी। उसमें संस्था के प्रतिनिधियों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने अपना-अपना पक्ष रखा था। विद्यार्थियों की पढ़ाई का नुकसान, शिक्षकों का बहिष्कार और वेतन के सवाल का हल न निकलना, ये बातें मान्यता रद्द करने के फैसले में अहम रही थीं।
संस्था ने पैसों की तंगी का हवाला दिया था। उसका दावा था कि 2017 से 2026 के बीच की आरटीई फीस प्रतिपूर्ति के करीब 10.5 करोड़ रुपये सरकार के पास बकाया हैं। संस्था ने सुनवाई में यह भी कहा था कि यह रकम मिल जाए तो शिक्षकों को वेतन दिया जा सकता है।
मान्यता रद्द होने की हालत में बच्चों की पढ़ाई का नुकसान न हो, इसके लिए उन्हें दूसरी स्कूलों में समायोजित करने के निर्देश भी दिए गए थे। अब कोर्ट के निर्देश के चलते आगे का फैसला कोर्ट के आदेश के बाद ही लिया जाएगा।
कार्रवाई की जद में आई माध्यमिक स्कूलों में सिंहगड कॉलेज ऑफ आर्ट्स, कॉमर्स एंड साइंस (नरहे), सिंहगड कॉलेज ऑफ आर्ट्स, कॉमर्स एंड साइंस (आंबेगांव), सिंहगड पब्लिक स्कूल (खुसगांव), आर. एम. डी. स्प्रिंगडेल माध्यमिक स्कूल (वारजे), आर. एम. डी. स्प्रिंगडेल माध्यमिक स्कूल (कर्वेनगर-एरंडवणे) और सिंहगड कॉलेज ऑफ आर्ट्स, कॉमर्स एंड साइंस (कोंढवा) शामिल हैं।
प्राथमिक स्कूलों में सिंहगड स्प्रिंगडेल स्कूल (आंबेगांव), सिंहगड स्प्रिंगडेल पब्लिक स्कूल (वडगांव), सिंहगड सिटी स्कूल (कोंढवा) और आर. एम. डी. सिंहगड स्प्रिंगडेल स्कूल (वारजे) का नाम है। इनके अलावा तीन और स्कूलों पर भी कार्रवाई की गई थी।
कदम ने कहा कि शिक्षा विभाग ने संस्था की कुल 13 स्कूलों की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई की थी, लेकिन कोर्ट ने उसे रोकने का निर्देश दिया है। इसलिए आगे की कार्रवाई पर फैसला कोर्ट के अगले आदेश के मुताबिक होगा।
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