चंद्रपुर में ओबीसी छात्रों के दो सरकारी हॉस्टल, जोरगेवार ने मंत्री सावे से मांगी मंजूरी
विधायक किशोर जोरगेवार ने मुंबई में मंत्री अतुल सावे से मिलकर चंद्रपुर के प्रस्तावित हॉस्टलों को प्रशासकीय मान्यता और 27 करोड़ 91 लाख रुपये के फंड की मांग की।
चंद्रपुर में सरकारी हॉस्टल बनाने के प्रस्ताव को प्रशासनिक मान्यता देने और इसके लिए फंड मंजूर करने की मांग विधायक किशोर जोरगेवार ने की है। इसी सिलसिले में वे मुंबई मंत्रालय में मंत्री अतुल सावे से मिले। सावे राज्य के अन्य पिछड़ा बहुजन कल्याण, दुग्ध विकास, गैर-पारंपरिक ऊर्जा और दिव्यांग कल्याण मंत्री हैं।
प्रस्ताव बाबू जगजीवन राम छात्र आवास योजना के तहत है। इसमें चंद्रपुर में लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग दो हॉस्टल बनाने की बात है। हर हॉस्टल में 100 विद्यार्थियों के रहने की क्षमता होगी। जोरगेवार ने बताया कि दोनों इमारतों के लिए कुल 27 करोड़ 91 लाख रुपये की जरूरत है।
खर्च का बंटवारा भी साफ है। लड़कियों के हॉस्टल पर 13 करोड़ 97 लाख रुपये और लड़कों के हॉस्टल पर 13 करोड़ 94 लाख रुपये लगने का अनुमान है। जोरगेवार के मुताबिक यह रकम मंजूर हो जाए तो चंद्रपुर शहर में ओबीसी विद्यार्थियों के लिए 100-100 की क्षमता वाले दो अलग सरकारी हॉस्टल बनाने का रास्ता खुल जाएगा।
जगह का मामला पहले ही निपट चुका है। चंद्रपुर के सिविल लाइन इलाके में कुल 3 एकड़ जमीन उपलब्ध है, यानी लड़कों के हॉस्टल के लिए 1.5 एकड़ और लड़कियों के हॉस्टल के लिए 1.5 एकड़। शासन इस जमीन को देने की मान्यता पहले ही दे चुका है। इसके अलावा सार्वजनिक निर्माण विभाग ने दोनों इमारतों के लिए तकनीकी मंजूरी के साथ जरूरी बजट अनुमान भी तैयार कर लिया है। यानी जमीन और तकनीकी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, अब सिर्फ प्रशासनिक मान्यता और फंड की मंजूरी का फैसला बाकी है।
प्रस्ताव की वजह बताते हुए कहा गया है कि चंद्रपुर जिले के अन्य पिछड़ा वर्ग, विमुक्त जाति, घुमंतू जनजाति और विशेष पिछड़ा श्रेणी के कई विद्यार्थी ऊंची पढ़ाई के लिए चंद्रपुर शहर आते हैं। घर की आर्थिक हालत की वजह से उन्हें रहने और दूसरी सुविधाओं में दिक्कत होती है। खासकर गांवों और दूर-दराज के इलाकों से आने वाले बच्चों के लिए सुरक्षित ठिकाना उनकी पढ़ाई के लिहाज से अहम है। लड़के और लड़कियों के लिए अलग सरकारी हॉस्टल बन जाएं तो इन विद्यार्थियों को बड़ा सहारा मिलेगा।
मंत्री सावे के सामने जोरगेवार ने आग्रह के साथ अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की पढ़ाई और उन्हें मिलने वाली सुविधाओं को देखते हुए प्रस्ताव को बिना देर किए प्रशासनिक मान्यता दी जाए और निर्माण के लिए जरूरी 27 करोड़ 91 लाख रुपये मंजूर किए जाएं। साथ ही उन्होंने यह मांग भी की कि संबंधित विभाग को इस पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाएं।
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