गडचिरोली-शिरपूर रेल लाइन के लिए गोंडपिपरी तालुका के 19 गांवों में जमीन अधिग्रहण शुरू
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
गडचिरोली-शिरपूर नई ब्रॉडगेज रेल लाइन के लिए गोंडपिपरी तालुका के 19 गांवों में जमीन का ब्योरा जुटाने का काम शुरू हुआ है।
गडचिरोली-शिरपूर नई ब्रॉडगेज रेल लाइन बनाने की दिशा में गोंडपिपरी तालुका के 19 गांवों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रशासन ने इसके लिए शुरुआती कदम उठाए हैं और तहसीलदारों को निर्देश दिया गया है कि इन गांवों की जमीनों की पूरी जानकारी इकट्ठा की जाए। इससे इस बड़े रेल प्रोजेक्ट के काम को प्रशासनिक स्तर पर रफ्तार मिलने के आसार दिख रहे हैं।
यह कार्रवाई दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, नागपुर दफ्तर से मिले पत्र और चंद्रपुर के जिलाधिकारी (कलेक्टर) के निर्देश पर शुरू की गई है। रेलवे प्रशासन की मांग के मुताबिक गोंडपिपरी के तहसीलदार ने संबंधित पटवारी और भूमि अधिग्रहण अधिकारियों को आधिकारिक पत्र भेजा है। पत्र में उनसे जरूरी रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को कहा गया है।
जिन 19 गांवों की जमीनों की जानकारी जुटाई जा रही है, उनके नाम हैं: सोनापूर देशपांडे, चक दरूर, चेक वेडगाव, भंगाराम तळोधी, भंगारपेठ, विठ्ठलवाडा, किरमीरी, धामणगाव, येनबोथला, वेडगाव, दरूर, सकमूर, हिरापूर, अडेगाव, चक नवेगाव, चक विठ्ठलवाडा, चक नांदगाव, चकबापूर और तारसा खुर्द। रेल लाइन के लिए प्रस्तावित जमीनों के सर्वे और रिकॉर्ड जमा करने का काम प्रशासन ने इन्हीं गांवों में शुरू किया है।
इन गांवों की जमीनों के सर्वे नंबर, क्षेत्रफल, जमीन की किस्म और जमीन मालिकों के नाम समेत जरूरी ब्योरा प्रशासन को देना होगा। इसके लिए गांव नमूना 7/12 की नकल के साथ जरूरी राजस्व रिकॉर्ड तय फॉर्मेट में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। रेल प्रोजेक्ट के लिए चाहिए जमीनों की शुरुआती जानकारी मिलने के बाद ही अधिग्रहण से जुड़ी अगली प्रशासनिक कार्रवाई होगी। इसलिए इन गांवों के किसान और जमीन मालिक इस प्रक्रिया पर नजर रखे हुए हैं।
रेल लाइन के लिए जमीन लेते वक्त संबंधित किसानों और जमीन मालिकों को कानून के हिसाब से सही मुआवजा मिलना जरूरी है। जमीन की कीमत का सटीक आकलन होना और पूरी प्रक्रिया का पारदर्शी तरीके से चलना भी जरूरी है। क्षेत्रफल, जमीन की किस्म, मालिकाना हक और बाकी राजस्व रिकॉर्ड की ठीक से जांच होना अहम होगा। खासकर किसानों को भरोसे में लेकर उन्हें जरूरी जानकारी देना, जमीन की कीमत तय करने के बारे में तस्वीर साफ रखना और कानूनी प्रावधानों का पालन करना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती होगी।
गडचिरोली-शिरपूर रेल लाइन को इलाके के आने-जाने और माल ढुलाई के लिहाज से अहम प्रोजेक्ट माना जा रहा है। उम्मीद है कि आगे चलकर इससे ग्रामीण इलाकों में यातायात, कारोबार, उद्योग, रोजगार और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। लेकिन प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अहम रहेगी। फिलहाल 19 गांवों की जमीनों की जानकारी जुटाने की शुरुआती प्रशासनिक प्रक्रिया ही शुरू हुई है, और इसके बाद होने वाली अधिग्रहण की कार्रवाई पर इन गांवों के लोगों की निगाहें टिकी हैं। कुल मिलाकर गोंडपिपरी तालुका में इस रेल लाइन को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है।
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