जरांगे बोले: SIT को क्लिप देंगे, पर सोर्स की जान की गारंटी मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री लें
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जालना की प्रेस कॉन्फ्रेंस में मनोज जरांगे पाटील ने कहा कि क्लिप देने को तैयार हैं, लेकिन जानकारी देने वाले की सुरक्षा की जिम्मेदारी फडणवीस और शिंदे लें।
मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटील ने जालना में प्रेस कॉन्फ्रेंस की और राज्य सरकार पर फिर से तीखा हमला बोला। उनके निशाने पर खास तौर से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे रहे। जरांगे ने सरकार को सीधी चेतावनी भी दी।
जरांगे ने कहा कि वे SIT को ऑडिओ क्लिप देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। लेकिन उनकी शर्त है कि क्लिप के सोर्स यानी जानकारी देने वाले की जान और सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री उठाएं। यह मांग उन्होंने बहुत पक्के लहजे में रखी।
उनका कहना था कि उन्हें नहीं लगता कि SIT को असली सोर्स की जरूरत पड़ेगी। फिर भी अगर एजेंसी को सोर्स चाहिए ही, तो मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री खुद मीडिया के सामने आएं और खुलकर भरोसा दें कि उस आदमी की सुरक्षा रहेगी और उसकी जान को कोई खतरा नहीं होगा। जरांगे ने साफ कहा कि तभी वह क्लिप आगे दी जाएगी।
ऑडिओ क्लिप के मामले पर जरांगे ने कहा कि उसमें बोलने वालों को न समाज की कोई फिक्र थी, न आरक्षण की। उनके मुताबिक ये सब लोग पैसों के दम पर बोल रहे हैं। जरांगे ने दावा किया कि उनके खिलाफ बोलने वाले सभी लोग सरकार से पैसे लेकर उन्हें बदनाम कर रहे हैं।
उन्होंने गंभीर आरोप लगाया कि उनके खिलाफ साजिश रचने वालों के असली सूत्रधार देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे ही हैं। जरांगे ने यह भी कहा कि 6 करोड़ मराठा समाज उनका सच्चा साथी है और उनकी छवि खराब करने के लिए नई-नई तरकीबें आजमाई जा रही हैं।
आरक्षण के अलावा जरांगे ने किसानों की बिगड़ती हालत पर भी सख्त रुख अपनाया। उनका कहना था कि सरकार ने हाल में जो मदद दी है वह बहुत कम है। 5000 रुपये देकर किसानों को धोखा दिया जा रहा है, और यह बात अब किसानों की भी समझ में आ गई है।
जरांगे ने मांग की कि सरकार बिना शर्त हर हेक्टेयर पर 1 लाख रुपये की मदद का ऐलान करे। ऐसा नहीं हुआ तो राज्य के मंत्रियों समेत सरकार के नेताओं को महाराष्ट्र में घूमने नहीं दिया जाएगा, यह कड़ी चेतावनी उन्होंने दी।
किसानों से जरांगे ने भावुक अपील की कि वे निराशा में आकर कोई बड़ा कदम न उठाएं और आत्महत्या न करें। उन्होंने ऐलान किया कि किसानों के हक के लिए पूरे राज्य में बड़ा जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा। जरूरत पड़ी और जेल जाना पड़ा, तब भी वे पीछे नहीं हटेंगे, ऐसा उन्होंने कहा।
बोलते-बोलते जरांगे ने वरिष्ठ नेता शरद पवार से कहा कि वे अपनी सेहत का ख्याल रखें। साथ ही उन्होंने कहा कि असली मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री तो सिर्फ जनता और किसान ही हैं।
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