भारत से अमेरिकी शेयरों में निवेश: शुरुआती लोगों के लिए पांच प्लेटफॉर्म
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
Groww, INDmoney, Zerodha, Dhan और Upstox के जरिए भारतीय निवेशक अमेरिकी शेयरों और ETF तक पहुंच सकते हैं। फीस और सुविधाओं पर एक नजर।
लंबे वक्त में पैसा जोड़ने के लिए निवेश की शुरुआत एक अहम कदम मानी जाती है। भारतीय शेयर बाजार में कमाई के कई मौके हैं, लेकिन विदेशी बाजारों में पैसा लगाने से पोर्टफोलियो में विविधता आती है और अलग-अलग अर्थव्यवस्थाओं में काम कर रही कंपनियों तक पहुंच बनती है।
अमेरिकी शेयर बाजार में टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर, फाइनेंशियल सर्विसेज और कंज्यूमर सेक्टर की दुनिया की कुछ सबसे बड़ी कंपनियां आती हैं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की Liberalised Remittance Scheme (LRS) के तहत भारत के निवासी तय सीमा में मंजूर निवेश के लिए विदेश पैसा भेज सकते हैं और अमेरिकी बाजार में हिस्सा ले सकते हैं।
हालांकि विदेशी बाजार में निवेश के साथ कुछ और बातें भी जुड़ी हैं: करेंसी कन्वर्जन, विदेश में फंड ट्रांसफर, ब्रोकरेज चार्ज और टैक्स नियमों का पालन। जिन्हें सीमा पार निवेश की जानकारी नहीं है, उनके लिए ये बातें मुश्किल हो सकती हैं। इसलिए सही प्लेटफॉर्म चुनना जरूरी है। शुरुआती निवेशकों को ऐसा प्लेटफॉर्म देखना चाहिए जहां अकाउंट चालू करना और पैसा भेजना आसान हो, फ्रैक्शनल इन्वेस्टिंग मिले, अमेरिका में लिस्टेड सिक्योरिटीज की बड़ी रेंज हो और फीस साफ-साफ बताई जाए।
पहला नाम Groww का है, जिसे भारत का सबसे बड़ा स्टॉक ब्रोकर बताया गया है। यहां भारतीय शेयर, म्यूचुअल फंड और अमेरिकी शेयर एक ही जगह मिलते हैं। Groww पर 10,000 से ज्यादा अमेरिकी स्टॉक और ETF उपलब्ध हैं और निवेश सिर्फ 1 डॉलर से शुरू हो सकता है, यानी पूरा शेयर खरीदना जरूरी नहीं। अमेरिकी शेयर डॉलर में चलते हैं, इसलिए कमाई शेयर के भाव के साथ-साथ विनिमय दर से भी तय होती है। इसके लिए Groww अलग USD बैलेंस देता है। डिविडेंड भी USD में Groww Balance में आता है। हर दिन की ट्रेडिंग का सारांश और ट्रेड स्टेटमेंट ईमेल पर मिलता है, जिसमें लगने वाले चार्ज दिखते हैं। मौजूदा यूजर स्क्रीन पर सहमति देकर अमेरिकी स्टॉक अकाउंट चालू कर सकते हैं। अकाउंट चालू होने के बाद प्लेटफॉर्म की तरफ से फंडिंग के लिए कोई अलग इंतजार नहीं है, पर पैसा कब पहुंचेगा यह बैंक की रेमिटेंस प्रोसेसिंग पर टिका है। यहां After-Market Orders (AMO) की सुविधा भी है। अकाउंट खोलने और चलाने की फीस जीरो है, और ब्रोकरेज लेन-देन की कीमत का 0.1% या 1 डॉलर, जो भी ज्यादा हो, है। रेगुलेटरी और दूसरे चार्ज अलग से बताए जाते हैं।
दूसरे नंबर पर INDmoney है, जो खुद को फाइनेंशियल सुपर-ऐप के तौर पर पेश करता है। यहां हफ्ते या महीने के SIP के जरिए अमेरिकी स्टॉक और ETF के टुकड़ों में निवेश हो सकता है। अमेरिकी निवेश के लिए अलग वॉलेट है, जिससे पैसा वापस भारतीय बैंक खाते में भी भेजा जा सकता है। ITR भरने में मदद के लिए भी टूल हैं, जो विदेशी होल्डिंग और Schedule FA जैसे खुलासे में काम आते हैं।
तीसरा नाम Zerodha का है, जो देश के पुराने डिस्काउंट ब्रोकरों में गिना जाता है। इसकी ग्लोबल इन्वेस्टिंग सुविधा के जरिए अमेरिकी स्टॉक और ETF तक पहुंच मिलती है। Kite वाले जाने-पहचाने इंटरफेस से घरेलू और विदेशी निवेश संभाले जा सकते हैं। फ्रैक्शनल निवेश की सुविधा है और ब्रोकरेज की ऊपरी सीमा हर ऑर्डर पर 10 डॉलर है।
चौथे नंबर पर Dhan है, जो एक्टिव ट्रेडर और लंबी अवधि के निवेशक, दोनों के लिए सेवाएं देता है। यहां भी अमेरिकी शेयरों और ETF के फ्रैक्शनल हिस्से 1 डॉलर से खरीदे जा सकते हैं। ब्रोकरेज उसकी तय न्यूनतम और अधिकतम सीमा के भीतर रहती है।
पांचवां नाम Upstox का है। यह अंतरराष्ट्रीय निवेश के लिए अपने GIFT City वाले इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल करता है। ब्रोकरेज हर लेन-देन पर 0.25% है, जो हर ऑर्डर पर कम से कम 0.01 डॉलर और ज्यादा से ज्यादा 25 डॉलर रहेगी।
निचोड़ यह है कि सिर्फ अमेरिकी शेयर मिल जाना काफी नहीं। न्यूनतम निवेश, ब्रोकरेज, अकाउंट चालू करने का तरीका, पैसा भेजना और जानकारी की उपलब्धता भी देखनी चाहिए। INDmoney ऑटोमेटेड निवेश और टैक्स मदद चाहने वालों को जंच सकता है। इसमें Groww को शुरुआती निवेशकों के लिए सबसे बेहतर विकल्प बताया गया है।
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