योजनाओं का फायदा आखिरी आदमी तक पहुंचे, इसके लिए तालमेल से काम करें: मंत्री अतुल सावे
पुणे के यशदा में शुरू हुए दो दिन के निवासी प्रशिक्षण शिबिर में मंत्री अतुल सावे ने प्रशासन से योजनाओं पर तालमेल से काम करने को कहा।
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मुंबई, 25 अक्टूबर: सरकारी योजनाओं का फायदा समाज के आखिरी तबके तक पहुंचाने के लिए प्रशासन को आपसी तालमेल से काम करना चाहिए। यह बात इतर मागास बहुजन कल्याण, दुग्धविकास, अपारंपरिक ऊर्जा और दिव्यांग कल्याण विभाग के मंत्री और 'वनार्टी' के अध्यक्ष अतुल सावे ने कही। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कामकाज में सुव्यवस्था रखी जाए और योजनाओं को लागू करने का काम ज्यादा असरदार बनाने पर जोर दिया जाए।
मंत्री सावे पुणे के यशदा में बोल रहे थे। मौका था क्रांतिसूर्य महात्मा ज्योतिराव फुले के द्विजन्मशताब्दी वर्ष के सिलसिले में आयोजित राज्य स्तरीय निवासी प्रशिक्षण शिविर के उद्घाटन का। यह शिविर इतर मागास बहुजन कल्याण विभाग और स्व. वसंतराव नाईक संशोधन और प्रशिक्षण संस्था (वनार्टी), नागपुर ने मिलकर आयोजित किया है।
कार्यक्रम में भटके-विमुक्त विकास परिषद, महाराष्ट्र के अध्यक्ष उद्धवराव काळे, इतर मागास और बहुजन कल्याण विभाग के सचिव आप्पासो धुळाज और 'वनार्टी' के प्रबंध निदेशक प्रशांत वावगे खास तौर पर मौजूद थे। इनके अलावा राज्य स्तरीय अशासकीय सदस्य राजेंद्र दोनाडकर, डॉ. संजय पुरी, नरेश पोटे और शरद माकर भी आए थे।
यह दो दिन का निवासी शिविर 24 और 25 अक्टूबर के बीच चल रहा है। इसमें इतर मागास बहुजन कल्याण विभाग के अशासकीय सदस्य, विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी और राजस्व विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी शामिल हैं। शुरुआत में छत्रपती शिवाजी महाराज, क्रांतिसूर्य महात्मा ज्योतिराव फुले, क्रांतिज्योती सावित्रीबाई फुले, पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर, भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर, राजे उमाजी नाईक और वसंतराव नाईक की तस्वीरों की पूजा कर उन्हें अभिवादन किया गया।
सावे ने कहा कि सरकारी योजनाओं को असरदार तरीके से लागू करने के लिए जुड़ी हुई व्यवस्थाओं के बीच तालमेल होना जरूरी है। प्रशासनिक नियमों और कार्यपद्धति का पालन करते हुए क्षेत्रीय स्तर के कामकाज को ज्यादा सक्षम और असरदार बनाने पर जोर दिया जाना चाहिए। उनके मुताबिक इस प्रशिक्षण से विभाग की योजनाओं को ज्यादा सुव्यवस्थित तरीके से लागू करने में मदद मिलेगी।
शिविर में विभाग की अलग-अलग योजनाओं, सरकारी नियम और कार्यपद्धति, प्रशासनिक जिम्मेदारियों, योजनाओं के असरदार अमल और क्षेत्रीय स्तर के तालमेल जैसे विषयों पर मार्गदर्शन दिया जाएगा।
'वनार्टी' के प्रबंध निदेशक प्रशांत वावगे ने बताया कि इस शिविर का मुख्य मकसद बहुजन समाज के कल्याण के लिए चल रही योजनाओं को और रफ्तार देना है। यह महात्मा फुले के समता पर टिके विचारों से जुड़े सामाजिक परिवर्तन के लक्ष्य के मुताबिक होगा।
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