दिवाली से पहले नागपुर के बाजारों में जाम, अतिक्रमण और बेतरतीब पार्किंग से लोग परेशान
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नागपुर के बड़े बाजारों में दिवाली की खरीदारी के लिए भीड़ बढ़ने लगी है, लेकिन अतिक्रमण, बेतरतीब पार्किंग और इंतजाम की कमी से लगने वाले जाम ने लोगों का मजा किरकिरा कर दिया है।
दिवाली नजदीक आते ही नागपुर के बड़े बाजारों में खरीदारी करने वालों की भीड़ बढ़ने लगी है। लेकिन इस रौनक पर ट्रैफिक जाम का पानी फिर रहा है। अतिक्रमण, बेतरतीब पार्किंग और प्रशासन के इंतजाम की कमी की वजह से शहर के कारोबारी इलाकों में गाड़ियों की लंबी कतारें लग रही हैं। यह परेशानी हर साल आती है और इस बार भी जस की तस है, इसलिए लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
जाम की समस्या सबसे ज्यादा महाल, इतवारी, गांधीबाग, बडीं, जरीपटका, सदर, धरमपेठ और सतरंजीपुरा जैसे प्रमुख बाजार वाले इलाकों में गंभीर हो गई है। सड़कों और फुटपाथों पर गैरकानूनी तरीके से दुकानदारों और विक्रेताओं ने कब्जा कर रखा है। ऊपर से सड़क किनारे बेतरतीब ढंग से खड़ी की जाने वाली गाड़ियों ने चलने के लिए बची जगह और कम कर दी है।
नतीजा यह है कि दोपहिया और चारपहिया चलाने वालों को रास्ता निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। बाजार में खरीदारी के लिए आने वाले लोग भी गाड़ियों की भीड़ और तंग सड़कों के कारण दिक्कत झेल रहे हैं।
महानगरपालिका आयुक्त ने शहर की अलग-अलग समस्याएं सुलझाने के लिए "मिशन 100 डेज" शुरू किया है। फिर भी दिवाली से पहले बाजारों के अतिक्रमण और जाम की हालत में उम्मीद के मुताबिक सुधार नहीं दिख रहा। मध्य नागपुर के पूर्व पार्षद संजय बालपांडे ने अतिक्रमण विरोधी दस्ते के काम करने के तरीके पर सवाल उठाए हैं।
बालपांडे ने बताया कि यह मुद्दा आम सभा में उठाया गया था। महापौर नीता ठाकरे ने भी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। लेकिन असल में कोई ठोस कार्रवाई हुई ही नहीं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अतिक्रमण करने वालों पर कार्रवाई को लेकर प्रशासन का रुख आखिर क्या है।
जाम की वजह से शहर में आना-जाना और भी तकलीफदेह हो गया है। विनोद जेठानी ने अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि शहर में किसी भी रास्ते से जाना हो, घंटों लग जाते हैं। खासकर शाम के वक्त बाजार जाना सिरदर्द बन गया है।
वहीं वेणुगोपाल अग्रवाल ने प्रशासन के इंतजाम पर सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि हर साल दिवाली में बाजारों में भारी भीड़ होती है, यह सबको पता है, फिर भी पहले से उपाय क्यों नहीं किए जाते।
दिवाली की खरीदारी के लिए भीड़ और बढ़ने की संभावना है। इसलिए ट्रैफिक पुलिस की अतिरिक्त तैनाती, अतिक्रमण हटाने का अभियान और गाड़ियों के लिए अलग पार्किंग की व्यवस्था जरूरी है। ऐसा नहीं हुआ तो त्योहार के दिनों में नागपुर के लोगों को जाम की और बड़ी परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
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