रोहित पवार का आरोप: नाशिक सिंहस्थ के कामों में सात से आठ हजार करोड़ का भ्रष्टाचार
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
राष्ट्रवादी (शरद पवार) पार्टी के विधायक रोहित पवार ने नाशिक में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पालक मंत्री गिरीश महाजन और उनके साथियों पर आरोप लगाया है।
नाशिक में सिंहस्थ कुंभमेले का ध्वजारोहण होते ही विकास कामों को लेकर सियासत गरमा गई है। राष्ट्रवादी (शरद पवार) पार्टी के विधायक रोहित पवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर आरोप लगाया कि 35 हजार करोड़ के विकास कामों और धर्म के नाम पर नाशिक में बड़ा आर्थिक गड़बड़झाला चल रहा है।
पवार का कहना है कि अकेले पालक मंत्री गिरीश महाजन और उनके साथियों ने सात से आठ हजार करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार किया है। यह आरोप रोहित पवार ने लगाया है और उन्होंने इसे लेकर जल्द ही सबूतों के साथ बड़ा खुलासा करने की चेतावनी दी है।
अपने आरोप के पीछे पवार ने पिछले कुंभ आयोजनों के खर्च का हिसाब रखा। उनके मुताबिक 2015 में नाशिक के कुंभमेले पर 2378 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। 2017 में उज्जैन के कुंभमेले पर 3183 करोड़, 2019 में प्रयागराज पर 4200 करोड़ और 2025 के प्रयागराज कुंभमेले पर करीब 7500 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। इसकी तुलना में नाशिक के लिए 35000 करोड़ का खर्च पवार को हद से ज्यादा लगता है। उनका कहना है कि इसी में से सात से आठ हजार करोड़ का भ्रष्टाचार हुआ है।
पवार ने कहा कि नाशिक में घूमने पर यह दिखता ही नहीं कि 35 हजार करोड़ के काम कहां हुए हैं। उनके मुताबिक जो सड़कें और काम अच्छे थे, उन्हीं सड़कों को जानबूझकर उखाड़कर दोबारा टेंडर निकाले जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि घटिया काम और गड्ढों की वजह से इस बारिश में पंद्रह से सोलह लोगों की जान गई है। गुस्से में उन्होंने सवाल किया कि ये विकास काम हैं या मौत के जाल?
पवार ने कहा कि नाशिक में काम होने चाहिए, यह सबकी इच्छा है। उन्होंने कहा, हम भी मंदिर जाते हैं, लेकिन धर्म और देवी-देवताओं के नाम पर राजनीति नहीं करते। भारतीय जनता पार्टी अगर धर्म के नाम पर भ्रष्टाचार का पत्थर डालेगी, तो वह हमें कभी मंजूर नहीं होगा।
अधिकारियों के बारे में पवार ने बताया कि उन्होंने संभागीय आयुक्त, जिलाधिकारी और कुंभमेला आयुक्त को जानकारी मांगने के लिए आधिकारिक पत्र दिया है। उनका दावा है कि गिरीश महाजन ने अधिकारियों से कहा है कि रोहित पवार को जानकारी नहीं देनी है। पवार ने 10 दिन की मोहलत देते हुए कहा कि वरना अधिकारियों के कारनामे और बेनामी संपत्ति के सबूत वे सामने रख देंगे।
पवार ने यह आरोप भी लगाया कि सीएसआर फंड से नाशिक में जो पेड़ लगाए गए थे, वही पेड़ काट दिए गए। उनके मुताबिक जिस अधिकारी ने उन्हें कटवाया, उसी ने वहां अपना होटल खोल लिया। पवार ने पूछा कि यह पैसा कहां से आया और कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।