शुक्रवार, 6 नवंबर 2026

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भद्रावती के मुरसा में मिलियन्स स्टील कंपनी पर मजदूरों और गांववालों का अन्याय का आरोप

भद्रावती के मुरसा में मिलियन्स स्टील कंपनी पर मजदूरों और गांववालों का अन्याय का आरोप तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
शहर PT24 टीम

मुरसा के मजदूरों और ग्रामीणों ने भद्रावती में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कंपनी प्रबंधन की मनमानी की जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की।

भद्रावती तालुका के मुरसा परिसर में चल रही मिलियन्स स्टील प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के प्रबंधन पर मजदूरों और गांववालों के साथ अन्याय करने का गंभीर आरोप लगा है। प्रभावित मजदूरों और ग्रामीणों ने 6 नवंबर को भद्रावती के वृंदावन सभागार में प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर अपनी परेशानी सामने रखी।

उन्होंने मांग की कि कंपनी प्रबंधन के कथित मनमाने कामकाज की जांच हो, जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए और अन्याय झेलने वालों को न्याय मिले।

ग्रामीणों की दी हुई जानकारी के मुताबिक, 18 नवंबर 2025 को ग्राम पंचायत मुरसा की मासिक सभा में कंपनी को दिया गया अनापत्ति प्रमाणपत्र ग्रामसभा में रद्द कर दिया गया था। इसके बावजूद कंपनी का काम चालू है, ऐसा ग्रामीणों का आरोप है।

कंपनी में काम करने वाले मुरसा गांव के तीन स्थानीय युवकों को बिना किसी पूर्व सूचना के नौकरी से हटा दिया गया। हटाने की कोई ठोस वजह भी नहीं बताई गई। इसलिए ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि इन युवकों को दोबारा काम पर रखा जाए।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह गंभीर आरोप भी लगाया गया कि कंपनी के प्रोजेक्ट हेड राय, एच.आर. विभाग के नाईक और सुरक्षा प्रमुख यादव ने ग्रामीणों, खासकर महिलाओं, को गालियां दीं। आरोप है कि उन्होंने महिलाओं के हाथ पकड़कर मारपीट की धमकी भी दी। इस मामले में शिकायत देने घुग्घुस पुलिस थाने गए लोगों का कहना है कि पुलिस ने उनकी शिकायत दर्ज ही नहीं की।

ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि उलटे कंपनी की ओर से की गई गलत शिकायतों के आधार पर गांववालों पर ही मामले दर्ज कर दिए गए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया कि अपनी शिकायत दर्ज कराने थाने जाने वाले नागरिकों पर पुलिस दबाव बनाती है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मांग रखी गई कि वरिष्ठ प्रशासन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करे, कंपनी प्रबंधन की मनमानी पर रोक लगाए, हटाए गए युवकों को फिर से काम पर ले और महिलाओं व ग्रामीणों को धमकाने वालों पर कानूनी कार्रवाई करे। अपील की गई कि प्रशासन कंपनी का पक्ष सुनने के साथ-साथ अन्याय झेल रहे मजदूरों और ग्रामीणों का पक्ष भी सुने और उन्हें न्याय दिलाए।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में इंजि. जगदीश लवाडिया, ज्योती आसमल्लीवार, तेजस्विनी झोडे, राजकुमार पारसे, अक्षय डूडूरे, गौरव ठावरी, नंदकिशोर येरणे, राहुल पारखी और ज्योती कामतवार के साथ अन्य ग्रामीण भी मौजूद थे।

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