तटकरे के बयान पर रोहित पवार का सवाल, अजितदादा के निधन के बाद यह बात क्यों नहीं बताई
दोनों राष्ट्रवादी कांग्रेस के विलय पर सुनील तटकरे के बयान के बाद विधायक रोहित पवार ने उनसे जवाब मांगा है।
महाराष्ट्र की राजनीति में दोनों राष्ट्रवादी कांग्रेस के विलय का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अजित पवार के निधन के बाद यह चर्चा थम गई थी, लेकिन सुनील तटकरे के एक बयान से वह दोबारा सामने आ गई है। अब इसी बयान पर विधायक रोहित पवार ने कड़े सवाल उठाए हैं।
तटकरे ने कहा था कि अगर अजित पवार जीवित होते, तो दोनों राष्ट्रवादी कांग्रेस एक साथ आ जातीं। उन्होंने यह भी बताया था कि विलय के लिहाज से 12 फरवरी की तारीख अहम होती।
इस पर रोहित पवार ने कहा कि अजितदादा के रहते ही दोनों राष्ट्रवादी के विलय की बातचीत चल रही थी। उनके मुताबिक वे लोग यह बात पहले से कहते आ रहे थे। रोहित पवार ने याद दिलाया कि दादा के निधन के फौरन बाद सुनील तटकरे और प्रफुल पटेल ने कहा था कि विलय को लेकर कोई बातचीत हुई ही नहीं।
रोहित पवार ने सीधा सवाल किया कि फिर अब अचानक तटकरे अलग रुख क्यों रख रहे हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि दादा के निधन के बाद यह सच्चाई क्यों नहीं बताई गई।
रोहित पवार ने तटकरे और प्रफुल पटेल की सियासी स्थिति पर भी बात की। उनका कहना था कि अजितदादा की राष्ट्रवादी में ये दोनों नेता फिलहाल मुश्किल में हो सकते हैं। पार्टी में उनकी कितनी चलती है, इस पर भी सवाल हैं। रोहित पवार ने दावा किया कि शायद इसी वजह से उन्होंने अपना रुख बदल लिया होगा।
इस बीच शरद पवार के भाजपा के साथ जाने की चर्चाओं पर भी रोहित पवार ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वे पवार साहब को करीब से जानते हैं। उनके मुताबिक भाजपा की नीतियों की वजह से युवाओं, महिलाओं, किसानों और संविधान के सामने कई सवाल खड़े हो गए हैं।
रोहित पवार ने कहा कि वे लगातार इन नीतियों के खिलाफ लड़ रहे हैं, इसलिए भाजपा के साथ जाने या सत्ता में बैठे लोगों से सहयोग करने का सवाल ही पैदा नहीं होता। उन्होंने भरोसा जताया कि शरद पवार भी ऐसा कोई फैसला नहीं लेंगे।
कुल मिलाकर, दोनों राष्ट्रवादी के विलय को लेकर तटकरे और रोहित पवार के बीच की तीखी बयानबाजी फिर चर्चा में है। अब राजनीतिक गलियारों की नजर इस पर है कि इन आरोपों पर सुनील तटकरे और प्रफुल पटेल क्या जवाब देते हैं।
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