बायनेंस ने चोरी हुए 6.3 अरब डॉलर के क्रिप्टो का 95% वापस पाया, रविवार से निकासी शुरू
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दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज बायनेंस ने कहा है कि चोरी हुई डिजिटल संपत्ति का 95% हिस्सा वापस मिल गया है और पैसे निकालने की सुविधा रविवार से चरणबद्ध तरीके से बहाल होगी।
दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज बायनेंस के ग्राहकों के लिए राहत की खबर है। एक्सचेंज का कहना है कि उसके प्लेटफॉर्म से चोरी हुई 6.3 अरब डॉलर की डिजिटल संपत्ति में से 95% वापस मिल गई है। इसके बाद वह पैसे निकालने की प्रक्रिया फिर से शुरू कर रहा है, लेकिन एक साथ नहीं, चरणबद्ध तरीके से।
इस चोरी को दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी चोरी माना जा रहा है। यह गुरुवार को हुई, जब बायनेंस से 6.3 अरब डॉलर के बिटकॉइन और दूसरी डिजिटल करेंसी चोरी हो गई। हैकरों ने सिर्फ 20 मिनट में 6.36 अरब डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी अलग-अलग डिजिटल वॉलेट से हटा दी। भारतीय मुद्रा में यह लगभग 60,000 करोड़ रुपये से ज्यादा बैठता है।
बायनेंस ने शनिवार को देर रात 'एक्स' पर एक पोस्ट में निकासी शुरू करने का ऐलान किया। पहला चरण रविवार को सुबह 6 बजे से रात 9 बजे के बीच चलेगा। इसमें बिटकॉइन, इथर, बीएनबी, सोलाना, एक्सआरपी, डॉजकॉइन और कई दूसरे टोकन शामिल होंगे।
एक्सचेंज के मुताबिक चोरी हुई संपत्ति का बाकी 5% हिस्सा ऐसे टोकन का है जिनमें लिक्विडिटी कम है। इसलिए जरूरी रकम जमा करने में ज्यादा वक्त लग सकता है।
इससे पहले शनिवार को कंपनी ने बताया था कि गायब हुई संपत्ति के 90% की भरपाई के लिए उसने जरूरी मात्रा में डिजिटल करेंसी अलग रख दी है। कंपनी ने ग्राहकों को पूरी रकम लौटाने का वादा भी किया था। अब बायनेंस की ताजा जानकारी के हिसाब से चोरी हुए टोकन में से 95% वापस आ चुके हैं, और इसी वजह से चरणबद्ध निकासी फिर शुरू हो पा रही है।
चोरी के पीछे कौन है, इस पर अमेरिका की फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन ने ट्रेडरट्रेटर नाम की हैकिंग यूनिट को जिम्मेदार ठहराया है। कहा जाता है कि इस यूनिट को उत्तर कोरिया का समर्थन हासिल है। ब्यूरो ने शनिवार को बताया कि इस गुट के सदस्य चोरी की संपत्ति को इथेरियम में बदलते दिखे हैं।
बायनेंस का कहना है कि घटना के बाद उसकी टीम ने प्लेटफॉर्म को सुरक्षित करने के लिए एहतियाती कदम उठाए हैं। सुरक्षा का आकलन किया गया है और प्रभावित सेवाएं दोबारा चालू करने के लिए तैयार हैं या नहीं, इसकी जांच भी की गई है। सुरक्षा और तैयारी की जांच पूरी होने के बाद चरणबद्ध तरीके से निकासी की सुविधा बहाल करना ही मकसद है। पैसे जमा करने की सेवाएं चालू हैं और इस घटना से उन पर कोई असर नहीं पड़ा।
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