बाढ़ और भारी बारिश से नुकसान झेलने वाले किसानों के लिए सरकारी मदद मंजूर
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राहत व पुनर्वास विभाग ने 2 नवंबर 2026 को दो अलग सरकारी आदेश जारी किए। विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने इसकी मांग की थी।
चंद्रपुर: राहत व पुनर्वास विभाग ने 2 नवंबर 2026 को दो अलग-अलग सरकारी आदेश जारी किए हैं। इनसे बाढ़ और भारी बारिश की मार झेलने वाले किसानों को आर्थिक मदद मिलने का रास्ता खुल गया है। एक आदेश बाढ़ से खेतों को हुए नुकसान के लिए है और दूसरा भारी बारिश से फसलों को हुए नुकसान के लिए।
विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राहत व पुनर्वास मंत्री मकरंद पाटील से इस मदद के लिए बार-बार आग्रह के साथ मांग की थी। स्रोत के मुताबिक दिवाली से ठीक पहले आए इन फैसलों में मुनगंटीवार की मांग और उनका लगातार पीछा करना अहम रहा।
जून से अगस्त 2026 के बीच राज्य के कई जिलों में भारी बारिश और बाढ़ से खेती को बड़ा नुकसान हुआ था। चंद्रपुर जिले में भी जुलाई में बाढ़ के हालात बने थे और कई गांवों के किसानों पर इसकी मार पड़ी। नदी-नालों के पानी से खेत बह गए, खेतों की उपजाऊ मिट्टी की ऊपरी परत बह गई और खेतों का स्वरूप ही बदल गया। दूसरी तरफ भारी बारिश से कई किसानों के हाथ आई फसल भी बर्बाद हो गई थी।
मुनगंटीवार ने सरकार के सामने यह बात रखी थी कि दोनों तरह की आपदा में नुकसान उठाने वाले किसानों को सरकार से उचित आर्थिक मदद मिलनी चाहिए। उन्होंने खास तौर पर मंत्री मकरंद पाटील के पास इस मुद्दे का लगातार पीछा किया। स्रोत के मुताबिक किसानों के नुकसान की गंभीरता को देखते हुए सकारात्मक फैसला लिया जाएगा, ऐसा आश्वासन पाटील ने मुनगंटीवार को दिया था। पाटील ने राहत व पुनर्वास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को तुरंत जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए थे।
इन निर्देशों के बाद विभाग ने जरूरी प्रशासनिक कार्रवाई पूरी की और 2 नवंबर 2026 को दोनों आदेश जारी किए। पहले आदेश के तहत भारी बारिश और बाढ़ से खेतों का नुकसान झेलने वाले किसानों को राज्य आपदा प्रतिसाद निधि से तय मानकों के हिसाब से मदद बांटने की मंजूरी दी गई है। दूसरे आदेश के तहत जून से अगस्त 2026 के बीच भारी बारिश से फसलों का नुकसान झेलने वाले किसानों को आर्थिक मदद देने की मंजूरी मिली है। इस आदेश में निर्देश है कि पात्र लाभार्थियों के सीधे बैंक खाते में डीबीटी के जरिए मदद पहुंचाई जाए।
खेतों के नुकसान और फसलों के नुकसान, दोनों के लिए अलग आदेश निकलने से प्राकृतिक आपदा की मार खाए किसानों को आर्थिक सहारा मिलेगा।
मुनगंटीवार इससे पहले भी अलग-अलग प्राकृतिक आपदाओं के समय किसानों के सवाल लेकर सरकार के पास जाते रहे हैं। सूखा राहत, फसल बीमा, धान उत्पादकों को बोनस, खेती के सामान की उपलब्धता और किसानों की आर्थिक दिक्कतों जैसे कई मुद्दों पर उन्होंने सरकार का ध्यान खींचा है। उनकी भूमिका यही रही कि आपदा कोई भी हो, संकट में फंसे किसान मदद से वंचित न रहें। इस बार भी उन्होंने यही बात मजबूती से रखी।
मुनगंटीवार ने उम्मीद जताई है कि दोनों आदेशों के प्रावधानों के हिसाब से पात्र किसानों तक मदद बिना देरी के पहुंचे।
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