शुक्रवार, 6 नवंबर 2026

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बालासाहेब ठाकरे कलादालन अब भी बंद, सरनाईक देने को तैयार हर महीने 10 लाख का खर्च

बालासाहेब ठाकरे कलादालन अब भी बंद, सरनाईक देने को तैयार हर महीने 10 लाख का खर्च तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
शहर PT24 टीम

उद्घाटन के बाद भी मीरा-भाईंदर का बालासाहेब ठाकरे कलादालन आम लोगों के लिए नहीं खुला है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने दिवाली में बच्चों के लिए सात दिन खोलने को कहा है।

मीरा-भाईंदर में स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे कलादालन का उद्घाटन हो चुका है, फिर भी उसके दरवाजे आम लोगों के लिए बंद पड़े हैं। इसी बात पर परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने सत्ताधारियों और नगर निगम प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने अधिकारियों से साफ कहा कि दिवाली के मौके पर कलादालन कम से कम सात दिन स्कूल के बच्चों के लिए खोला जाए और उसके बाद भी वह नियमित चलता रहे।

सरनाईक ने यह भी कहा कि कलादालन की देखभाल पर हर महीने करीब 10 लाख रुपये का खर्च आता है और वह यह खर्च उठाने को तैयार हैं।

इस कलादालन का उद्घाटन उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के हाथों हुआ था। उस वक्त परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक भी मौजूद थे। यहां विज्ञान केंद्र, बच्चों का विभाग, सभागार, प्रदर्शनी कक्ष, पुस्तकालय और रेस्तरां जैसी कई सुविधाएं बनाई गई हैं। इसके बावजूद यह अब तक लोगों के लिए नहीं खुला, जिससे नागरिकों में नाराजगी है।

नगर निगम के सार्वजनिक निर्माण विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक कलादालन की सुरक्षा, साफ-सफाई, कर्मचारी, टिकट व्यवस्था, एसी सिस्टम, जनरेटर, सीसीटीवी और लिफ्ट की देखभाल के लिए हर महीने करीब 10 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। यह भी बताया जा रहा है कि इमारत अभी ठेकेदार से नगर निगम के कब्जे में नहीं आई है और कलादालन को कैसे चलाया जाए, इसकी नीति भी तय नहीं हुई है।

सरनाईक ने दो टूक कहा कि अगर नगर निगम की आर्थिक हालत और खर्च की जिम्मेदारी की वजह से कलादालन खोलने में देरी हो रही है, तो मेयर इस बारे में लिखित पत्र दें। उनका कहना था कि अगर नगर निगम से हर महीने दस लाख रुपये का खर्च उठाया नहीं जा रहा, तो पूरा खर्च उठाने के लिए वह तैयार हैं।

इस मौके पर उन्होंने सत्ताधारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव के वक्त स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे के नाम पर वोट मांगना और उन्हीं के नाम से बने कलादालन का विरोध करना ठीक नहीं है। सरनाईक ने अपनी बात मजबूती से रखते हुए कहा कि अगर बालासाहेब के विचारों और नाम का सम्मान रखना है, तो यह कलादालन फौरन नागरिकों के लिए खोला जाना चाहिए।

अब जब प्रताप सरनाईक ने खुद हर महीने का खर्च उठाने की बात कह दी है, तो मीरा-भाईंदर के लोगों की नजर इस पर टिकी है कि स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे कलादालन के दरवाजे आखिर कब आम लोगों के लिए खुलते हैं।

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