शुक्रवार, 6 नवंबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट

नागपुर में पदयात्रा से शहर जाम, अस्पताल और एयरपोर्ट जाने वाले घंटों फंसे

नागपुर में पदयात्रा से शहर जाम, अस्पताल और एयरपोर्ट जाने वाले घंटों फंसे तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
शहर PT24 टीम

गुरुवार शाम शुरू हुआ जाम रात देर तक नहीं खुला। मरीज, मुसाफिर, नौकरीपेशा और व्यापारी सब परेशान रहे और ट्रैफिक पुलिस की प्लानिंग पर सवाल उठे।

त्योहारों के दिनों में नागपुर में निकाली गई पदयात्रा का सबसे बड़ा असर शहर के ट्रैफिक पर पड़ा। गुरुवार शाम को शुरू हुआ जाम रात देर तक बना रहा। बड़े चौकों से लेकर अंदर की सड़कों तक गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। इससे नौकरी करने वाले, मरीजों के रिश्तेदार, मुसाफिर और व्यापारी, सब परेशान हुए। ट्रैफिक पुलिस की प्लानिंग पर भी लोगों ने सवाल उठाए।

पदयात्रा की वजह से गुरुवार शाम शहर के मुख्य रास्तों पर ट्रैफिक बिगड़ गया। वर्धा रोड पर कृपलानी चौक से छत्रपती चौक के बीच गाड़ियों की लंबी लाइन लगी रही। अजनी रेलवे स्टेशन, मोक्षधाम, घाट रोड, मेडिकल चौक, अशोक चौक, महाल और सेंट्रल एवेन्यू के आसपास भी गाड़ियां जगह-जगह अटकी रहीं।

शाम को दफ्तर छूटने के बाद घर लौट रहे नौकरीपेशा लोगों को घंटों सड़क पर फंसे रहना पड़ा। रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पहुंचने के लिए निकले मुसाफिरों की भी खूब भागदौड़ हुई। जो वाहन चालक दूसरे रास्तों से जाम के बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे, वे भी वहीं अटक गए।

धंतोली इलाके के अस्पतालों की तरफ जा रहे मरीजों और उनके रिश्तेदारों को जाम का भारी खामियाजा भुगतना पड़ा। अंदर की सड़कों पर भी गाड़ियों की कतारें लगने से एम्बुलेंस को रास्ता मिलना मुश्किल हो गया। दीक्षाभूमी रोड, लक्ष्मीनगर चौक, वीआयपी रोड, सेमिनरी हिल्स, दीक्षाभूमी चौक और आठरस्ता चौक से गणेशनगर चौक तक ट्रैफिक की रफ्तार धीमी पड़ गई थी।

कई घंटे लोग जाम में फंसे रहे, फिर भी हालात काबू में लाने में इंतजाम को उम्मीद के मुताबिक कामयाबी नहीं मिली, ऐसी भावना लोगों ने जताई। कुछ जगहों पर ट्रैफिक पुलिस मौजूद थी, लेकिन गाड़ियों की लंबी कतारें कम नहीं हो रही थीं। इसी वजह से पुलिस की पहले से की गई तैयारी पर सवाल खड़े हो गए।

पदयात्रा के स्वागत के लिए कुछ व्यापारी संगठनों ने अलग-अलग जगहों पर मंच बनाए थे। लेकिन इसी पदयात्रा की वजह से बाजारों में ग्राहकों का आना-जाना रुक गया और व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। ऐन त्योहारी सीजन में ग्राहकों के लिए दुकानों तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया। धरमपेठ बाजार में कई घंटे ट्रैफिक अटका रहा, इसलिए व्यापारी और दुकानदार ग्राहकों का इंतजार ही करते रहे।

व्यापारियों ने नाराजगी जताई कि ऐसी भीड़ के समय पदयात्राओं का आयोजन टालना चाहिए था। दिल्ली में हुए आर्थिक नुकसान की बात करने वालों को नागपुर के व्यापारियों और आम लोगों की दिक्कतों का भी ख्याल करना चाहिए, ऐसी प्रतिक्रिया भी सामने आई। कई वाहन चालकों ने जाम में फंसे रहने के बजाय गाड़ी वापस मोड़कर घर लौटना ठीक समझा। इसलिए शहर में पदयात्रा के आयोजन से ज्यादा चर्चा लोगों को हुई परेशानी की ही रही।

#नागपुर#शहर#PT24#Civic#Nagpur

विज्ञापन

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप 'आप' पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे