शुक्रवार, 6 नवंबर 2026

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वॉटर ग्रीड का काम तेज करने के फडणवीस के निर्देश, पहले चरण में चार जिलों को फायदा

वॉटर ग्रीड का काम तेज करने के फडणवीस के निर्देश, पहले चरण में चार जिलों को फायदा तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
शहर PT24 टीम

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई में जायका के वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की और मराठवाडा वॉटर ग्रीड प्रोजेक्ट की प्रक्रिया जल्द पूरी करने को कहा।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मराठवाडा वॉटर ग्रीड प्रोजेक्ट की रफ्तार बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि मराठवाड़ा की पानी की किल्लत का हमेशा के लिए हल निकालने और इस इलाके को सूखे से मुक्त करने के लिहाज से यह प्रोजेक्ट बेहद अहम है। मुंबई में 6 तारीख को हुई बैठक में उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट की प्राथमिक प्रोजेक्ट रिपोर्ट फौरन अपलोड की जाए और उसे केंद्र सरकार के आर्थिक व्यवहार विभाग को भेजने की कार्रवाई तेजी से पूरी की जाए।

यह उच्चस्तरीय बैठक मुंबई में मुख्यमंत्री के सरकारी निवास वर्षा पर जायका के वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई। बैठक में वॉटर ग्रीड के खाके के साथ महाराष्ट्र और जापान के सहयोग से चल रहे कई इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की गई। इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) से करीब 20 हजार करोड़ रुपये की आर्थिक मदद मिलने वाली है।

मराठवाड़ा में पानी का बंटवारा बराबर नहीं है। इसी को देखते हुए वॉटर ग्रीड का मुख्य मकसद यह है कि जिन बांधों में ज्यादा पानी है, वहां से बंद पाइपलाइन के जरिए सूखा-ग्रस्त इलाकों के बांधों तक पानी पहुंचाया जाए। इसके लिए दोहरे प्रवाह की व्यवस्था तैयार की जाएगी।

पहले चरण में छत्रपति संभाजीनगर, बीड, लातूर और धाराशिव, ये चार जिले शामिल हैं। जायकवाडी, माजलगांव, मांजरा, उजनी, निम्न तेरणा और निम्न मनार बांध आपस में जोड़े जाएंगे। करीब 3 हजार 95 किलोमीटर लंबी मुख्य और दुय्यम पाइपलाइन बिछाई जाएंगी और 15 जल शुद्धीकरण केंद्र बनाए जाएंगे। इस प्रोजेक्ट से करीब एक करोड़ लोगों को सीधा फायदा होगा।

पूरे आठ जिलों के वॉटर ग्रीड प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 25 हजार 56 करोड़ रुपये है। पहले चरण के लिए करीब 20 हजार करोड़ रुपये का कर्ज देने पर जायका ने सकारात्मक रुख दिखाया है।

लातूर और धाराशिव भूकंप संभावित इलाके में आते हैं, इसलिए निर्माण में जापान की उन्नत भूकंप-रोधी तकनीक इस्तेमाल होगी। इसमें डक्टाइल आयरन पाइप, आधुनिक पंपिंग सिस्टम और SCADA प्रणाली शामिल होगी। साथ ही छत्रपति संभाजीनगर के ऑरिक सिटी, शेंद्रा-बिडकीन और वालूज औद्योगिक इलाकों के उद्योगों को टिकाऊ पानी सप्लाई मिलने में भी इस प्रोजेक्ट से मदद होगी।

बैठक में एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (AVGC) सेक्टर का भी जिक्र हुआ। इस क्षेत्र में महाराष्ट्र को दुनिया भर में आगे ले जाने के लिए जापानी कंपनियों और इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज (IICT) के सहयोग से पहल चल रही हैं। इसके तहत फरवरी में मुंबई में 'मांगा कारवान' होगा, जिसका मुख्यमंत्री फडणवीस ने स्वागत किया।

वॉटर ग्रीड के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सलाहकार नियुक्त करने और विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) बनाने की प्रक्रिया जायका के सहयोग से जल्द पूरी की जाएगी। प्रोजेक्ट का असली काम 2029 तक पूरा करने के हिसाब से योजना बनाई गई है।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार पानी, परिवहन, पर्यावरण और आधुनिक तकनीक के प्रोजेक्ट्स के लिए जापान के साथ सहयोग और मजबूत करेगी और सभी प्रोजेक्ट्स को सरकार की ओर से हर जरूरी मदद दी जाएगी।

बैठक में जलापूर्ति और स्वच्छता मंत्री गुलाबराव पाटील, राज्यमंत्री मेघना साकोरे-बोर्डीकर, मुख्यमंत्री के मुख्य आर्थिक सलाहकार प्रवीणसिंह परदेशी, जलापूर्ति और स्वच्छता विभाग के अपर मुख्य सचिव पराग जैन नैनुटिया, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव विकास चंद्र रस्तोगी, महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के सदस्य सचिव अमगोथू नाईक और 'मित्रा' के विभाग प्रमुख डॉ. संजय बेलसरे मौजूद थे। भारत में जापान की महावाणिज्यदूत हितोमी सातो, वाणिज्यदूत केन्जी ताकागी और जायका इंडिया दफ्तर की मुख्य प्रतिनिधि ताकुरो ताकेउची समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में थे।

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