सोम‌वार, 26 अक्टूबर 2026

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बाजार गिरा है तो क्या SIP बढ़ा दें? पहले अपनी कमाई और जरूरत देखें

शेयर बाजार में हाल की गिरावट के बाद कई निवेशक सोच रहे हैं कि SIP की रकम बढ़ाने का यही सही वक्त है या नहीं।

बाजार गिरा है तो क्या SIP बढ़ा दें? पहले अपनी कमाई और जरूरत देखें तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

शेयर बाजार में हाल ही में गिरावट आई है। कई निवेशकों के हाथ में अतिरिक्त पैसा भी है। ऐसे में उनके सामने बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि म्युचुअल फंड SIP की रकम बढ़ाने का क्या यही सही समय है?

यह सच है कि बाजार गिरने पर कम कीमत में ज्यादा यूनिट्स खरीदी जा सकती हैं। लेकिन जानकारों के मुताबिक SIP बढ़ाने का फैसला सिर्फ बाजार की हालत देखकर नहीं होना चाहिए। यह आपकी अपनी आर्थिक स्थिति पर टिका होना चाहिए।

जब बाजार अपने ऊंचे स्तर से नीचे आता है, तो निवेशकों को स्वाभाविक रूप से अपनी ओर खींचता है। अभी गिरावट की वजह से पहले से ज्यादा यूनिट्स मिल सकती हैं। मगर बाजार की चाल को ठीक-ठीक पहचानना या उसका अंदाजा लगाना किसी के बस की बात नहीं है। इसलिए सिर्फ इसलिए SIP की रकम बढ़ा देना कि बाजार गिरा है, सही नहीं माना जाता।

म्युचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर (MFDs) और वित्तीय जानकारों का कहना है कि SIP में सालाना या नियमित बढ़ोतरी बाजार के अंदाजे पर नहीं, आपकी आमदनी में हुई बढ़ोतरी पर आधारित होनी चाहिए। तनख्वाह बढ़ी हो, बोनस मिला हो या किसी कर्ज की EMI खत्म हो गई हो, तो हाथ में जो अतिरिक्त पैसा आता है, उसका कुछ हिस्सा सीधे SIP में लगाना फायदेमंद रहता है।

जानकारों के मुताबिक SIP बढ़ाने की आदत ऐसी होनी चाहिए कि हर बार नए सिरे से सोचना न पड़े। वरना अतिरिक्त पैसा पता भी नहीं चलता और रोजमर्रा के खर्चों में उड़ जाता है।

SIP बढ़ाने से पहले तीन बातें याद रखें। पहली, इमरजेंसी फंड। किसी भी तरह का निवेश करने से पहले मुसीबत के वक्त के लिए काफी रकम अलग सुरक्षित रखनी चाहिए।

दूसरी, लंबी सोच। SIP सिर्फ उसी पैसे की बढ़ाएं, जिसकी आपको कम से कम अगले पांच साल तक कोई जरूरत नहीं पड़ेगी।

तीसरी, आमदनी से तालमेल। SIP में बढ़ोतरी बाजार के उतार-चढ़ाव से नहीं, बल्कि आपकी तनख्वाह या आमदनी के हिसाब से तय होनी चाहिए।

अब सवाल यह कि बढ़ोतरी कितनी की जाए। जानकारों का कहना है कि अगर आपकी तनख्वाह 10 फीसदी बढ़ी है, तो SIP की रकम भी 10 फीसदी बढ़ाई जा सकती है। अगर अतिरिक्त बचत अच्छी-खासी है, तो इसे 20 फीसदी तक ले जाने में हर्ज नहीं। बस निवेश को इतना भी न खींचें कि आपको मानसिक तनाव होने लगे।

स्टेप-अप SIP (Step-up SIP) के जरिए आप लंबे वक्त में बड़ा फंड खड़ा कर सकते हैं। मान लीजिए आप हर महीने 20,000 रुपये की SIP चला रहे हैं और हर साल उसमें 10 फीसदी बढ़ोतरी करते हैं। तब 15 साल बाद मिलने वाली कुल रकम आम SIP के मुकाबले कई गुना ज्यादा हो सकती है।

कुल मिलाकर, बाजार की हलचल पर अंदाजा लगाते बैठने से बेहतर है कि अपनी बढ़ती आमदनी के हिसाब से अनुशासन के साथ SIP बढ़ाते रहें। संपत्ति बनाने का यही सबसे अच्छा रास्ता है।

यह जानकारी आम जानकारी के आधार पर लिखी गई है। शेयर बाजार, म्युचुअल फंड, सोना या कहीं और निवेश करने की सलाह हम नहीं देते। निवेश से पहले अपने निवेश सलाहकार से जरूर मशविरा करें।

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