15,000 रुपये की SIP से 1 करोड़ का फंड: 5-5-5 के बंटवारे का तरीका
फाइनेंस इन्फ्लुएंसर गरिमा के मुताबिक 15,000 रुपये की मासिक SIP को तीन हिस्सों में बांटकर अलग-अलग जरूरतों के लिए रखना चाहिए।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
म्यूचुअल फंड में हर महीने SIP करके करोड़ों का फंड बनाने के हिसाब-किताब अक्सर देखने को मिलते हैं। एक उदाहरण लें तो हर महीने 15,000 रुपये की SIP हो, उस पर सालाना 15% का अनुमानित रिटर्न मिले और करीब 16 साल का वक्त दिया जाए, तो कुल फंड 1 करोड़ रुपये से ऊपर जा सकता है।
कागज पर या SIP कैलकुलेटर में यह गणित बहुत आसान और लुभावना लगता है। लेकिन असल जिंदगी में सवाल सिर्फ यह नहीं होता कि पैसा कितने गुना बढ़ेगा। असली सवाल यह है कि क्या आप बिना कोई गैप किए और बीच में पैसे निकाले बिना इतने साल लगातार निवेश कर पाएंगे।
फाइनेंस इन्फ्लुएंसर गरिमा ने एक वीडियो में SIP के इसी व्यावहारिक पहलू को साफ तरीके से समझाया है। उनके मुताबिक SIP का हिसाब लगाते वक्त सिर्फ रिटर्न और वक्त देखना काफी नहीं है। जिंदगी में कई मोड़ ऐसे आते हैं, जब निवेश से अचानक पैसे निकालने पड़ सकते हैं।
मान लीजिए किसी व्यक्ति ने 25 साल की उम्र में हर महीने 15,000 रुपये की SIP शुरू की। उसे हर साल औसतन 15% रिटर्न मिला और उसने लगातार 16 साल निवेश जारी रखा, तो उसका कुल फंड आसानी से 1 करोड़ रुपये से ज्यादा बन सकता है। कैलकुलेटर के ये आंकड़े देखकर 1 करोड़ का लक्ष्य बहुत आसान लगता है। मगर 25 की उम्र के बाद आगे बढ़ते हुए परिवार और पैसों से जुड़े कई बड़े खर्चे सामने खड़े हो जाते हैं।
25 साल की उम्र में शुरू की गई SIP को अगर अगले 16 से 20 साल तक चलाना है, तो इस दौरान शादी, अपना घर खरीदना और आगे बच्चों की पढ़ाई जैसे बड़े पड़ाव आते हैं। ऐसे में निवेशक हर महीने पूरी 15,000 रुपये की SIP चलाता रह पाए, यह जरूरी नहीं। किसी बड़ी जरूरत पर उसे निवेश से कुछ रकम निकालनी भी पड़ सकती है। इसीलिए सारा पैसा एक ही SIP में डालकर किसी बड़े लक्ष्य का इंतजार करते रहना सही रणनीति नहीं हो सकती।
गरिमा के मुताबिक हर महीने की 15,000 रुपये की SIP को अपनी अलग-अलग जरूरतों और लक्ष्यों के हिसाब से बांटना चाहिए। यही है 5-5-5 का फॉर्मूला।
पहले 5,000 रुपये लंबी अवधि के लक्ष्य के लिए हैं। ये पैसे रिटायरमेंट जैसे दूर के और अहम मकसद के लिए लगाने चाहिए। इस रकम को बिना रोके लंबे समय तक चलने दिया जाए, तो करोड़ों का बड़ा फंड बनने में मदद मिलती है।
दूसरे 5,000 रुपये मध्यम अवधि के लक्ष्य के लिए हैं। ये पैसे दूसरी बड़ी जिम्मेदारियों के लिए रखने चाहिए। इसमें अपना घर लेना, बच्चों की पढ़ाई का इंतजाम या परिवार के दूसरे बड़े खर्चे शामिल हो सकते हैं।
बाकी 5,000 रुपये छोटी अवधि के लक्ष्य के लिए हैं। इस रकम को कम वक्त की जरूरतों में इस्तेमाल करना चाहिए, जैसे नई गाड़ी खरीदना या आने वाले कुछ सालों में आने वाला कोई अचानक बड़ा खर्च।
SIP करते वक्त सबसे अहम बात यह नहीं है कि कितने साल में 1 करोड़ रुपये बनेंगे। उस दौरान आपकी जिंदगी में कौन-कौन से छोटे-बड़े खर्चे आने वाले हैं, यह पहचानना ज्यादा जरूरी है। इसलिए कोई भी SIP शुरू करने से पहले अपने अलग-अलग वित्तीय लक्ष्यों की रूपरेखा बना लेना जरूरी है।
यह भी याद रखना चाहिए कि SIP से मिलने वाला रिटर्न कभी तय नहीं होता। इस गणित में लिया गया 15% रिटर्न सिर्फ एक काल्पनिक संदर्भ है। असल में मिलने वाला रिटर्न पूरी तरह शेयर बाजार के प्रदर्शन और उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है।