एक बड़ी SIP या पांच छोटी SIP: कौन सा सौदा फायदे का, समझिए गणित
म्यूचुअल फंड में हर महीने 10 हजार रुपये लगाने हों तो एक SIP करें या 2 हजार रुपये की पांच SIP, इस उलझन का हिसाब।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने वाले नए निवेशकों के सामने भी और पुराने निवेशकों के सामने भी एक सवाल अक्सर खड़ा होता है। तय की हुई पूरी रकम एक ही फंड में डालें, या उसके टुकड़े करके अलग-अलग फंड में SIP शुरू करें? खासकर तब, जब हर महीने 10 हजार रुपये लगाने हों। ऐसे में 10 हजार रुपये की एक ही SIP ठीक रहेगी या 2 हजार रुपये की पांच अलग-अलग SIP चलानी चाहिए, इस पर काफी कन्फ्यूजन रहता है। इसे साफ करने के लिए पैसों का गणित और डायवर्सिफिकेशन के नियम समझना बहुत जरूरी है।
सीधा गणित देखें तो अगर सभी फंड को बराबर 12 प्रतिशत सालाना रिटर्न मिले, तो लंबे समय में मिलने वाली कुल दौलत लगभग एक जैसी बनती है। मिसाल के लिए 20 साल का समय लें।
हर महीने 10,000 रुपये लगाने पर 20 साल में कुल 24 लाख रुपये का निवेश होता है। 12 प्रतिशत रिटर्न के अंदाज से इस पर करीब 75,91,479 रुपये का मुनाफा मिलता है। मैच्योरिटी पर हाथ में आने वाली कुल रकम 99,91,479 रुपये हो जाती है।
अब हर महीने 2 हजार रुपये की एक SIP लें। इसमें 20 साल में 4,80,000 रुपये की मूल रकम लगती है। उस पर 15,18,296 रुपये का मुनाफा जुड़कर कुल रकम 19,98,296 रुपये बनती है। इसी तरह पांच अलग-अलग जगह 2-2 हजार रुपये लगाए जाएं तो जोड़ वही बैठता है।
कागज पर गणित बराबर दिखता है, लेकिन असली बाजार में सारे फंड एक जैसा रिटर्न नहीं देते। अगर आपने पूरा पैसा एक ही फंड में डाला और उसका प्रदर्शन खराब होने लगा, तो पूरे निवेश को नुकसान हो सकता है। अलग-अलग फंड चुनने से जोखिम कुछ हद तक बंट जाता है।
फिर भी पांच SIP शुरू कर देने से पोर्टफोलियो में अपने-आप डायवर्सिफिकेशन नहीं आ जाता। अगर आपने एक ही कैटेगरी के पांच फंड चुन लिए, जैसे पांचों लार्ज-कैप फंड, तो सबके पोर्टफोलियो आपस में ओवरलैप होते हैं। वजह यह है कि भारत में निवेश के लिए गिने-चुने बड़े शेयर ही मौजूद हैं। एक विश्लेषण में सामने आया कि स्मॉल-कैप फंड के मामले में पांच फंड वाले पोर्टफोलियो ने सिर्फ दो फंड वाले पोर्टफोलियो को बहुत मामूली अंतर से, यानी सिर्फ 0.3 प्रतिशत से पीछे छोड़ा। मतलब गैरजरूरी फंड बढ़ाने से खास फायदा नहीं होता, उलटे सभी फंड पर बारीक नजर रखना मुश्किल हो जाता है।
फंड कितने होने चाहिए, इसका कोई सख्त नियम नहीं है। लेकिन आर्थिक जानकारों के मुताबिक अगर आपका मासिक निवेश 5 हजार से 15 हजार रुपये के बीच है, तो 2 से 3 अच्छे फंड चुनना ठीक रहता है।
पांच अलग-अलग SIP तभी फायदेमंद हो सकती हैं, जब हर फंड का मकसद बिल्कुल अलग हो। संतुलित पोर्टफोलियो की रणनीति अलग होनी चाहिए। जैसे बढ़त के लिए इक्विटी, और सुरक्षा या डायवर्सिफिकेशन के लिए हाइब्रिड, डेट, गोल्ड या इंटरनेशनल फंड। असली डायवर्सिफिकेशन फंड की गिनती बढ़ाने से नहीं, सही एसेट क्लास और कैटेगरी चुनने से मिलता है। इसलिए अपनी जोखिम उठाने की क्षमता, निवेश का लक्ष्य और अवधि पहचानकर ही फैसला करना चाहिए।
यह जानकारी सिर्फ शैक्षणिक और जानकारी के मकसद से है। म्यूचुअल फंड निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है। कोई भी निवेश करने से पहले अपने आर्थिक लक्ष्यों पर गौर करें और जरूरत हो तो SEBI में रजिस्टर्ड वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।