आंखों के नीचे काले घेरे क्यों पड़ते हैं, इसके कारण और डॉक्टर की सलाह की बात
आंखों के आसपास काले घेरे नींद की कमी, आनुवंशिकता और त्वचा की बनावट से आ सकते हैं।
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चेहरा सुंदर दिखे, इसके लिए मेकअप किया जाता है। मेकअप से चेहरे के काले दाग, झुर्रियां और त्वचा की दूसरी दिक्कतें काफी हद तक छिप जाती हैं। लेकिन आंखों के आसपास पड़े काले घेरे जल्दी कम नहीं होते। इन्हें हमेशा के लिए मिटाने के लिए महिलाएं कई तरह के उपाय आजमाती हैं। कभी स्किन केयर रुटीन बदला जाता है, तो कभी बाजार में मिलने वाले महंगे स्किन ट्रीटमेंट, नाइट क्रीम या डार्क सर्कल हटाने वाली अलग-अलग क्रीम इस्तेमाल की जाती हैं। इसके बावजूद आंखों के नीचे के ये काले दाग आसानी से कम नहीं होते।
जीवनशैली में बदलाव आने और नींद की दिक्कतें बढ़ने के बाद आंखों के आसपास काले घेरे ज्यादा दिखने लगते हैं। घंटों मोबाइल और लैपटॉप देखते रहना और देर रात तक जागना जैसी वजहों से आंखों के नीचे काले दाग पड़ते हैं और त्वचा बेजान हो जाती है। त्वचा को फिर से मुलायम और हाइड्रेट करने के लिए इलाज के साथ-साथ यह जानना भी उतना ही जरूरी है कि ये घेरे आखिर क्यों आते हैं। त्वचा की बनावट, आनुवंशिकता और जीवनशैली में लगातार होने वाले बदलावों के असर से आंखों के आसपास की त्वचा काली पड़ जाती है।
रात में देर तक जागना, पूरी नींद न मिलना और लगातार मानसिक तनाव रहना भी आंखों के आसपास काले दाग की वजहें हैं। शुरुआती दिनों में ये दाग बहुत हल्के दिखते हैं, लेकिन समय के साथ आंखें ज्यादा काली और त्वचा बेजान हो जाती है। शरीर में नींद की कमी होने पर चेहरे की त्वचा फीकी पड़ जाती है। इसके अलावा आंखों के नीचे की रक्त वाहिकाएं ज्यादा साफ दिखने लगती हैं। आंखों में सूजन आए या काले घेरे ज्यादा गहरे दिखें, तो सोने की आदतों में बदलाव करना जरूरी है। रोज करीब 7 से 8 घंटे की नींद लेना जरूरी बताया गया है।
कुछ लोगों की आंखों के नीचे बचपन से ही काले दाग होते हैं। आनुवंशिकता, त्वचा में रंगद्रव्य की मात्रा और आंखों के नीचे की त्वचा की प्राकृतिक बनावट जैसी वजहों से यह हिस्सा काला पड़ सकता है। आंखों के नीचे की रक्त वाहिकाएं शरीर की बाकी त्वचा के मुकाबले काफी पतली होती हैं। त्वचा में कोलेजन कम होने और आंखों के नीचे के हिस्से में चर्बी बढ़ने से ये रक्त वाहिकाएं साफ नजर आने लगती हैं। आंखों के आसपास के काले दाग सिर्फ नींद की कमी से नहीं, बल्कि शरीर में होने वाले बदलावों से भी आ सकते हैं।
लेख के साथ दी गई टिप्पणी में कहा गया है कि यह जानकारी केवल सामान्य जानकारी के लिए है और इसमें किसी भी इलाज का दावा नहीं किया गया है। कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह लेने को कहा गया है।