पचमढ़ी में बंदर बैग लेकर भागा, पीछे दौड़े नागपुर के शिक्षक 150 फुट गहरी खाई में गिरे, मौत
मध्य प्रदेश के पचमढ़ी में बंदर के छीने बैग को वापस लेने की कोशिश में नागपुर के शिक्षक विजय नाईक गहरी खाई में गिर गए और उनकी मौत हो गई।
मध्य प्रदेश के मशहूर पर्यटन स्थल पचमढ़ी में घूमने गए नागपुर के एक शिक्षक की गहरी खाई में गिरने से जान चली गई। हादसा शुक्रवार, 6 नवंबर की सुबह प्रियदर्शिनी व्यूपॉइंट पर हुआ।
मरने वाले शिक्षक का नाम विजय नाईक था और वे 40 साल के थे। वे नागपुर के खानखोजे नगर में रहते थे और रामदासपेठ की सोमलवार स्कूल में पढ़ाते थे। (एक रिपोर्ट में उनका उपनाम नायक भी लिखा गया है।) बताया गया है कि वे गुरुवार शाम नागपुर से निकलकर पचमढ़ी पहुंचे थे। उनके साथ 20 विद्यार्थियों का ग्रुप था और उनके पिता भी इस सैर में शामिल थे।
शुक्रवार की सुबह ग्रुप व्यूपॉइंट पर कुदरती नजारे देख रहा था और सब लोग फोटो खींच रहे थे। तभी एक बंदर विजय नाईक का बैग झपटकर भाग गया। बैग वापस लेने के लिए वे बंदर के पीछे दौड़े और सुरक्षा रेलिंग लांघ गए। इसी बीच पैर फिसला, संतुलन बिगड़ा और वे करीब 150 फुट गहरी खाई में जा गिरे। एक रिपोर्ट के मुताबिक उनकी मौके पर ही मौत हो गई। बच्चों की आंखों के सामने हुए इस हादसे से वहां अफरातफरी मच गई।
खबर मिलते ही पचमढ़ी पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे। जगह दुर्गम थी और खाई गहरी, इसलिए पुलिस को करीब तीन किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचना पड़ा। स्थानीय लोगों की मदद से साढ़े तीन घंटे की मशक्कत चली और सुबह लगभग साढ़े नौ बजे स्ट्रेचर पर शव बाहर निकाला जा सका। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया और नागपुर रवाना किया गया।
विजय नाईक के पीछे दो बेटियां हैं। इस हादसे से परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है। स्कूल में उनके साथ काम करने वालों और जानने वालों को भी गहरा झटका लगा है। पचमढ़ी में इलाके भर में हड़कंप है और नागपुर में मातम छाया है।
इस हादसे के बाद पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की सुरक्षा का सवाल फिर उठा है। बंदरों के उत्पात और खतरनाक जगहों पर रेलिंग के इंतजाम पर भी सवाल हो रहे हैं। लोग इस बात का अफसोस जता रहे हैं कि एक बैग को वापस लेने की कोशिश में एक शिक्षक की जान चली गई।
उधर भंडारा जिले के माडगी में रामटेक-गोंदिया हाइवे पर आधी रात को एक और हादसा हुआ। यहां सीमेंट की सड़क बनाने का काम चल रहा है, जगह-जगह निर्माण का सामान और मिट्टी के ढेर पड़े थे और अंधेरे में रोशनी का कोई इंतजाम नहीं था। इसी में एक बाइक बेकाबू हो गई। बाइक चला रहे होमगार्ड जवान गजानन तिजारे (38) की मौत हो गई। शुरुआती अंदाजा है कि ठेकेदार ने वहां दिशा बताने वाला बोर्ड या रेडियम रिफ्लेक्टर नहीं लगाया था। मामले की आगे की जांच तुमसर पुलिस कर रही है।
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