शनिवार, 10 अक्टूबर 2026

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16:34 IST

आधे कटे बालों की फोटो पर विवाद के बाद अपर आयुक्त पहुंचीं आश्रमशाला, बच्चों संग खाया खाना

चिमूर के जांभूळघाट की सरकारी आदिवासी आश्रमशाला में अपर आयुक्त आयुषी सिंग ने व्यवस्था की जांच की और विद्यार्थियों के साथ भोजन किया।

आधे कटे बालों की फोटो पर विवाद के बाद अपर आयुक्त पहुंचीं आश्रमशाला, बच्चों संग खाया खाना तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

चिमूर के जांभूळघाट की सरकारी आदिवासी आश्रमशाला में विद्यार्थियों के आधे कटे बालों की एक फोटो को लेकर विवाद खड़ा हुआ था। इसी के बाद अपर आयुक्त आयुषी सिंग अचानक आश्रमशाला पहुंचीं और वहां की व्यवस्था की पूरी जांच की।

उन्होंने खुद विद्यार्थियों की सुविधाएं, खाने का इंतजाम और स्कूल के माहौल को देखा। जांच के दौरान एक छात्रा ने उनसे कहा, "मैडम, हमारे साथ खाना खाइए।" छात्रा के इस अपनेपन भरे आग्रह को मानते हुए अपर आयुक्त ने बच्चों के साथ बैठकर ही भोजन किया।

खाने की क्वालिटी, विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाएं, रहने का इंतजाम और रोजमर्रा की दिक्कतों के बारे में उन्होंने बच्चों से सीधे बात की। इससे दिखा कि प्रशासन ने आश्रमशाला के बारे में सिर्फ कागजी जानकारी लेने की जगह असली हालात जानने की कोशिश की।

आश्रमशाला के भीतर चल रही गुटबाजी का मुद्दा भी इस दौरान गंभीरता से लिया गया। जानकारी के मुताबिक अपर आयुक्त ने साफ और सख्त चेतावनी दी कि आपसी विवाद किनारे रखकर आने वाले पंद्रह दिनों में सब मिलकर काम करें, वरना संबंधित लोगों पर कार्रवाई होगी। इससे साफ है कि प्रशासन ने स्कूल के अंदरूनी झगड़े को अब गंभीरता से लिया है।

एक तरफ अपर आयुक्त ने बच्चों के साथ खाना खाकर और उनकी समस्याएं सुनकर प्रशासन का संवेदनशील चेहरा दिखाया। दूसरी तरफ आधी कटिंग की फोटो बाहर कैसे गई, यह रहस्य और स्कूल की गुटबाजी के सवाल अब भी बने हुए हैं। अब अभिभावकों की नजर इस पर है कि जांच में फोटो का कनेक्शन कहां तक जाता है और पंद्रह दिनों में स्कूल का माहौल कितना बदलता है।

बताया जा रहा है कि 3 अक्टूबर को विद्यार्थियों के बाल काटे जा रहे थे। इसी दौरान ट्रिमर की बैटरी खत्म हो गई और कुछ विद्यार्थियों की कटिंग अधूरी रह गई। लेकिन इसी हालत में बच्चों की फोटो मोबाइल से बाहर निकलकर सीधे मीडिया तक पहुंच गई, जिससे कई सवाल उठे हैं।

फोटो किसने खींची, किसके मोबाइल से बाहर गई और मीडिया तक कैसे पहुंची, इन सवालों के जवाब ढूंढने की मांग हो रही है। इस बारे में प्रशासन को लिखित निवेदन देकर फोटो खींचने और फैलाने वाले की भूमिका की जांच की मांग की गई है। प्रधानाध्यापक और अधीक्षक पर कार्रवाई हो चुकी है, इसलिए अब यह भी पूछा जा रहा है कि फोटो फैलाने वाले शिक्षक की भूमिका क्या थी, और इसकी भी जांच होनी चाहिए।

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