शनिवार, 10 अक्टूबर 2026

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14:26 IST

पहली कोशिश में नेट-जेआरएफ निकालना है? तैयारी के पांच आसान तरीके

विद्यापीठ अनुदान आयोग की नेट और जेआरएफ परीक्षा के लिए सही रणनीति, तय टाइमटेबल और अनुशासन के साथ पहली ही कोशिश में सफलता मुमकिन बताई गई है।

पहली कोशिश में नेट-जेआरएफ निकालना है? तैयारी के पांच आसान तरीके तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

विद्यापीठ अनुदान आयोग की नेट (NET) और जेआरएफ (JRF) परीक्षा देश की सबसे प्रतिष्ठित और मुश्किल परीक्षाओं में गिनी जाती है। प्रोफेसर बनने या रिसर्च के क्षेत्र में करियर बनाने का सपना लेकर हर साल लाखों उम्मीदवार इसमें बैठते हैं। अक्सर विद्यार्थियों को लगता है कि जेआरएफ क्रैक करने के लिए कई साल की मेहनत चाहिए, लेकिन सही रणनीति, सटीक टाइमटेबल और अनुशासन के साथ पहली ही कोशिश में यह परीक्षा पास करना पूरी तरह मुमकिन है।

सबसे पहले पूरा सिलेबस समझकर योजना बनाइए। किसी भी परीक्षा में कामयाबी की पहली सीढ़ी उसका सिलेबस होता है। UGC NET परीक्षा दो हिस्सों में बंटी होती है, पेपर 1 और पेपर 2। तैयारी शुरू करने से पहले दोनों पेपर के सिलेबस को गहराई से देख लीजिए।

पेपर 1 सबके लिए एक जैसा होता है। इसमें टीचिंग एप्टीट्यूड (अध्यापन क्षमता), रिसर्च एप्टीट्यूड (संशोधन क्षमता), लॉजिकल रीजनिंग (तार्किक युक्तिवाद) और डेटा इंटरप्रिटेशन (जानकारी का विश्लेषण) जैसे विषय आते हैं। पेपर 2 आपका मुख्य विषय होता है, जिसमें आपने पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। सिलेबस देखकर अपने मजबूत और कमजोर विषयों की एक लिस्ट बना लीजिए, ताकि कमजोर विषयों को ज्यादा वक्त दे सकें।

दूसरी बात, रोज के छह से आठ घंटे का स्टडी प्लान बनाइए। पहली ही कोशिश में कामयाबी के लिए हर दिन कम से कम छह से आठ घंटे नियमित पढ़ाई जरूरी है। इस वक्त को ऐसे बांटिए कि दोनों पेपर को पूरा समय मिले। सुबह दिमाग सबसे ज्यादा फ्रेश रहता है, इसलिए सुबह के तीन से चार घंटे अपने मुख्य विषय के कठिन टॉपिक समझने में लगाइए। इसके बाद दोपहर या शाम को पेपर 2 के लिए दो से तीन घंटे जरूर निकालिए। पढ़ाई के दौरान हर दो घंटे बाद दस से पंद्रह मिनट का छोटा ब्रेक लीजिए, ताकि दिमाग थके नहीं और फोकस बना रहे।

तीसरी बात, पेपर 1 को हल्के में मत लीजिए। कई विद्यार्थी सिर्फ अपने मुख्य विषय यानी पेपर 2 में डूबे रहते हैं और पेपर 1 को कमतर आंकते हैं। यह गलती भारी पड़ सकती है, क्योंकि जेआरएफ का कटऑफ पार करने में पेपर 1 की बड़ी भूमिका होती है। इस पेपर में 50 सवाल होते हैं और सही रणनीति से आप इसमें अच्छे नंबर ला सकते हैं। टीचिंग और रिसर्च एप्टीट्यूड जैसे स्कोरिंग चैप्टर पर खास ध्यान दीजिए। मैथेमेटिकल रीजनिंग और डेटा इंटरप्रिटेशन का रोज आधा घंटा अभ्यास कीजिए। यह पेपर आपकी ओवरऑल रैंक को काफी ऊपर ले जा सकता है।

चौथी बात, शॉर्ट नोट्स बनाने और रिविजन की आदत डालिए। तैयारी के दौरान सिर्फ पढ़ते जाना काफी नहीं है, पढ़ी हुई बातें याद रखना भी जरूरी है। इसके लिए पढ़ते वक्त ही हर अहम पॉइंट, परिभाषा और थ्योरी के शॉर्ट नोट्स बनाते चलिए। परीक्षा के आखिरी दिनों में ये नोट्स क्विक रिविजन के लिए रामबाण साबित होते हैं। हफ्ते में कम से कम एक दिन, जैसे रविवार, सिर्फ और सिर्फ रिविजन के लिए रखिए। पूरे हफ्ते जो पढ़ा है, उसे इस दिन एक बार जरूर दोहराइए, ताकि कॉन्सेप्ट दिमाग में पक्के बैठ जाएं।

पांचवीं बात, पिछले सालों के पेपर और मॉक टेस्ट से अभ्यास कीजिए। UGC NET JRF परीक्षा में टाइम मैनेजमेंट (वक्त का प्रबंधन) सबसे बड़ी चुनौती होती है। तीन घंटे में कंप्यूटर स्क्रीन पर दोनों पेपर मिलाकर कुल 150 सवाल हल करने होते हैं। इसका अभ्यास करने के लिए पिछले पांच से सात साल के प्रश्नपत्र जरूर हल कीजिए। इससे परीक्षा के बदलते पैटर्न और सवालों के स्तर का सही अंदाजा लग जाता है। इसके अलावा हफ्ते में कम से कम दो बार ऑनलाइन मॉक टेस्ट देने की आदत रखिए। मॉक टेस्ट से पता चलता है कि तय वक्त में आप कितने सवाल सही हल कर पाते हैं और आपकी रफ्तार कैसी है।

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