गडचांदूर के सावित्रीबाई फुले कनिष्ठ महाविद्यालय में स्पर्धा परीक्षा मार्गदर्शन कार्यक्रम
गडचांदूर के सावित्रीबाई फुले कनिष्ठ महाविद्यालय में 9 अक्टूबर 2026 को स्पर्धा परीक्षा मार्गदर्शन कार्यक्रम हुआ।
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गडचांदूर के सावित्रीबाई फुले कनिष्ठ महाविद्यालय में शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को प्रतियोगी परीक्षा मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मकसद था कि विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की पहचान हो, इन परीक्षाओं को लेकर जागरूकता बने और वे आगे चलकर अलग-अलग प्रशासनिक पदों पर काम करने का लक्ष्य रखकर योजनाबद्ध तरीके से पढ़ाई करें। विद्यार्थियों ने इसमें खुलकर हिस्सा लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य श्री संजय गाडगे ने की। गडचांदूर के प्रेरणा प्रशासनिक महाविद्यालय के प्राचार्य श्री ज्ञानेश्वर धोटे प्रमुख मार्गदर्शक के तौर पर मौजूद थे। कनिष्ठ महाविद्यालय विभागाध्यक्ष प्रो. दिनकरराव झाडे और विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. सोज्वल ताकसांडे की भी खास मौजूदगी रही।
कार्यक्रम की शुरुआत गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में हुई। प्रो. झाडे ने अपने प्रस्तावना भाषण में कार्यक्रम की रूपरेखा रखी और आए हुए गणमान्य अतिथियों का परिचय कराया।
श्री ज्ञानेश्वर धोटे ने विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं का महत्व समझाया और अलग-अलग सरकारी व प्रशासनिक सेवाओं में मिलने वाले मौकों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में कामयाबी के लिए शुरुआत से ही लक्ष्य तय करना, नियमित और लगातार पढ़ाई करना, चालू घटनाक्रम यानी करंट अफेयर्स पढ़ना, सामान्य ज्ञान बढ़ाना और समय का सही प्रबंधन करना जरूरी है।
उन्होंने यह भी कहा कि आज के मुकाबले के दौर में सिर्फ डिग्री या पढ़ाई के नंबरों के भरोसे नहीं रहना चाहिए। विद्यार्थियों को अपने ज्ञान का दायरा बढ़ाना चाहिए, पढ़ने की आदत डालनी चाहिए और अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं के पाठ्यक्रम की जानकारी लेनी चाहिए। सही मार्गदर्शन, कड़ी मेहनत, आत्मविश्वास और निरंतरता के दम पर विद्यार्थी प्रशासनिक क्षेत्र में सफलता पा सकते हैं, यह उम्मीद उन्होंने जताई। साथ ही उन्होंने अपील की कि विद्यार्थी अपनी पसंद के हिसाब से करियर की दिशा चुनें और उसकी जरूरी तैयारी कॉलेज के दिनों से ही शुरू कर दें।
अध्यक्षीय भाषण में प्राचार्य श्री संजय गाडगे ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए ऐसे मार्गदर्शन वाले कार्यक्रमों की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में मुकाबले का नजरिया, आत्मविश्वास और लक्ष्य पूरा करने की जिद पैदा करने में प्रतियोगी परीक्षा मार्गदर्शन कार्यक्रम अहम होते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से इस मार्गदर्शन का फायदा लेने और अपने आगे के सफर की ठीक से योजना बनाने की अपील की। गणमान्य अतिथियों के मार्गदर्शन से विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी, करियर की योजना और प्रशासनिक सेवाओं के मौकों के बारे में अहम जानकारी मिली।
कार्यक्रम का संचालन प्रो. शिल्पा कोल्हे ने किया। आभार प्रदर्शन में प्रो. डॉ. राजेश बोळे ने मौजूद गणमान्य अतिथियों, शिक्षकगण और विद्यार्थियों का शुक्रिया अदा किया।
कार्यक्रम को कामयाब बनाने के लिए प्रो. सातारकर, प्रो. जहीर, प्रो. सुरपाम, प्रो. टेकाडे, प्रो. मेहेरकुरे, प्रो. डफाडे, कु. स्नेहल चांदेकर और श्री शशिकांत भाऊ के साथ कनिष्ठ महाविद्यालय के सभी शिक्षकों, गैर-शिक्षक कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने खास मेहनत की। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की सही दिशा देने वाला और भविष्य के करियर को लेकर सकारात्मक नजरिया बनाने वाला यह कार्यक्रम उत्साह भरे माहौल में संपन्न हुआ।