बुधवार, 4 नवंबर 2026

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73 लाख किसानों को मिले 5,000 रुपये, बाकी को दो दिन में, संभाजीनगर के 2.39 लाख भी शामिल

73 लाख किसानों को मिले 5,000 रुपये, बाकी को दो दिन में, संभाजीनगर के 2.39 लाख भी शामिल तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
सियासत PT24 टीम

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि दिवाली से पहले घोषित 5,000 रुपये की अग्रिम मदद अब तक 73 लाख किसानों के खाते में जमा हो चुकी है।

सूखे से परेशान महाराष्ट्र के किसानों के लिए दिवाली से पहले राहत की खबर आई है। सरकार ने त्योहार से पहले हर किसान को 5,000 रुपये की पेशगी मदद देने की बात कही थी। अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया है कि 73 लाख किसानों के बैंक खाते में यह रकम पहुंच चुकी है। उन्होंने यह जानकारी 4 नवंबर को कैबिनेट की बैठक के बाद मुंबई में पत्रकारों से बातचीत में दी।

फडणवीस के मुताबिक अगले दो दिनों में करीब 95 फीसदी पात्र किसानों के खाते में पैसे आ जाएंगे। बचे हुए लगभग पांच फीसदी किसानों के खातों में कुछ तकनीकी गड़बड़ियां हैं, इसलिए उन्हें पैसा मिलने में देर हो सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये अड़चनें दूर करके उन्हें भी जल्दी रकम दी जाएगी। इसलिए जिन किसानों को पैसा अभी नहीं मिला, वे अपना बैंक खाता देखते रहें।

इस साल बारिश नहीं हुई, फसलें बर्बाद हुईं, पानी की किल्लत है और हाथ में पैसा भी कम है। सबसे बुरी हालत मराठवाड़ा की है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वहां के 2.76 लाख किसानों के खाते में पेशगी रकम जा चुकी है। साथ ही उन्होंने कहा कि मराठवाड़ा के किसानों तक पानी पहुंचाने की कोशिश भी सरकार कर रही है।

जिला स्तर की तस्वीर छत्रपति संभाजीनगर से मिली है। यहां के सभी 9 तालुका सूखाग्रस्त घोषित हैं। जिलाधिकारी विनय गौडा जी.सी. ने बताया कि सरकार से पैसा आते ही प्रशासन ने सारी कागजी कार्रवाई निपटाई। मंगलवार, 3 नवंबर को 2 लाख 39 हजार 320 किसानों के खाते में 5,000 रुपये डाल दिए गए। जिले के 5 लाख 92 हजार 271 किसानों का डेटा अपलोड हो चुका है और जिला स्तर पर उसे मंजूरी भी मिल गई है। दिवाली करीब आने पर मदद न मिलने की शिकायतें उठ रही थीं। इसी वजह से सरकार ने पेशगी रकम का इंतजाम किया। गौडा के मुताबिक बाकी किसानों को भी दो दिन में पैसा मिल जाएगा।

पहले उन किसानों को पैसा गया, जिनका फार्मर आईडी बन चुका है। ऐग्रीस्टैक की जानकारी के आधार पर पात्र लोगों को पहले मंजूरी मिली। प्रशासन ने संबंधित एजेंसियों से डेटा मंगवाया, उसकी जांच की और फिर रकम भेजी। जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में अब तक कुल 119 करोड़ 66 लाख रुपये की मदद बंट चुकी है। जिला और तालुका के दफ्तर दिन-रात, यहां तक कि छुट्टी के दिन भी काम कर रहे हैं, ताकि बचे किसानों तक जल्दी पैसा पहुंचे।

तालुका के हिसाब से किसानों की गिनती यह है: छत्रपति संभाजीनगर 17,036, गंगापुर 32,855, कन्नड 38,191, खुलताबाद 10,804, पैठण 32,805, फुलंब्री 15,650, सिल्लोड 31,815, सोयगाव 14,723 और वैजापुर 45,441। सबको जोड़ें तो आंकड़ा 2,39,320 किसानों का बनता है।

कर्जमाफी पर भी मुख्यमंत्री ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमुक्ति योजना में इस बार नए सिरे से 4 लाख 86 हजार किसानों के खाते में 4,064 करोड़ रुपये डाले गए हैं। इस दौर में सबसे ज्यादा किसान मराठवाड़ा के हैं। योजना में अब तक करीब 21 लाख किसानों को लगभग 19 हजार करोड़ रुपये मिल चुके हैं। पात्र लोगों की सूचियों की जांच अभी चल रही है। जैसे-जैसे जांच पूरी होगी, उन सूचियों के किसानों को अगले दौर में पैसा दिया जाएगा।

फडणवीस ने कहा कि महायुति सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है और अलग-अलग योजनाओं से उनकी मदद हो रही है। उन्होंने मंत्रियों से कहा है कि वे दिवाली किसानों के बीच मनाएं। मुख्यमंत्री के मुताबिक सारे मंत्री खेत की मेड़ पर जाकर किसानों के साथ त्योहार मनाना चाहते हैं। इससे किसानों से सीधी बात होगी और उनकी तकलीफें समझ में आएंगी।

गन्ना दाम आंदोलन पर फडणवीस ने कहा कि इससे नुकसान किसानों का ही हो रहा है। आंदोलन की मांग है कि किसानों को एफआरपी से ऊपर दाम मिले। मुख्यमंत्री का कहना है कि किसानों और चीनी मिल मालिकों को बातचीत से रास्ता निकालना होगा। सरकार बीच में पड़ेगी, और उन्होंने आंदोलन शांति से खत्म करने की अपील की। मंत्री हसन मुश्रीफ को मध्यस्थता का जिम्मा दिया गया है।

राज्य में निकल रहे मोर्चों पर भी मुख्यमंत्री बोले। उनका कहना था कि ये मोर्चे अराजकता के खिलाफ हैं। इसी बहाने उन्होंने कांग्रेस की राजनीति की आलोचना की और कहा कि कांग्रेस के "रेजीम चेंज" के प्रयास को हम नाकाम कर देंगे।

अब किसानों की नजर इस पर है कि पेशगी मदद की बाकी रकम कब पहुंचती है, कर्जमाफी का अगला दौर कब आता है और गन्ने के दाम का मामला सरकार कैसे सुलझाती है।

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