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09:20 IST

17 अक्टूबर: गरीबी हटाने का अंतरराष्ट्रीय दिवस, जानिए आज के दिन का इतिहास

आज गरीबी उन्मूलन का अंतरराष्ट्रीय दिवस है। 17 अक्टूबर को देश-दुनिया के इतिहास में कई अहम घटनाएं हुईं।

17 अक्टूबर: गरीबी हटाने का अंतरराष्ट्रीय दिवस, जानिए आज के दिन का इतिहास तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

हर साल 17 अक्टूबर को गरीबी उन्मूलन के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है। इस दिन का मकसद दुनिया भर में गरीबी के सवाल की तरफ ध्यान खींचना है। साथ ही यह समझाना भी है कि इसे खत्म करने के लिए कदम उठाना कितना जरूरी है।

गरीबी सिर्फ पैसों की तंगी का मामला नहीं है। इसमें सेहत, पढ़ाई, रोजगार के मौके और इंसान का रहन-सहन भी आता है। दुनिया में आज भी बहुत से लोग बेहद गरीबी में जी रहे हैं। उन्हें बेहतर जिंदगी के लिए बुनियादी साधन नहीं मिल पाते। ऐसे लोगों को गरीबी के चक्र से बाहर निकालने के लिए टिकाऊ विकास, समाज के वंचित तबकों के विकास और आर्थिक मौके बनाने पर जोर दिया जाता है।

अब इतिहास की बात। 1831 में माइकल फैराडे ने प्रयोग करके इलेक्ट्रो मैग्नेटिक इंडक्शन का गुण साबित किया। 1888 में थॉमस एडिसन ने ऑप्टिकल फोनोग्राफ (पहली फिल्म) के लिए पेटेंट दाखिल किया। 1917 में पहले महायुद्ध के दौरान इंग्लैंड ने जर्मनी पर पहला बम हमला किया। 1931 में माफिया डॉन अल कैपोन को आयकर चोरी के मामले में दोषी ठहराया गया। 1933 में अल्बर्ट आइंस्टाइन नाजी जर्मनी से भागकर अमेरिका पहुंचे।

1934 में प्रभात की फिल्म अमृतमंथन पुणे के प्रभात सिनेमा में रिलीज हुई। 1943 में बर्मा रेलवे यानी रंगून से बैंकॉक तक की रेलवे लाइन पूरी हुई। 1956 में पहला कमर्शियल एटमी बिजली प्रोजेक्ट इंग्लैंड में आधिकारिक तौर पर शुरू हुआ। 1966 में बोत्सवाना और लेसोथो संयुक्त राष्ट्र में शामिल हुए। 1979 में मदर टेरेसा को शांति का नोबेल पुरस्कार दिया गया।

1994 में पुणे की राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्था (NIV) ने विषाणु विज्ञान में उल्लेखनीय काम के लिए बेल्लूर के डॉ. टी. जेकब जॉन को डॉ. शारदादेवी पॉल पुरस्कार देने का ऐलान किया। 1996 में अभिनेता डॉ. श्रीराम लागू को मध्य प्रदेश सरकार का कालिदास सम्मान घोषित हुआ। 1998 में आंध्र प्रदेश में समाजसेवा का आदर्श प्रोजेक्ट खड़ा करने वाली फातिमा बी को संयुक्त राष्ट्र का पुरस्कार दिया गया।

17 अक्टूबर को जन्मे लोगों में 1817 में सर सय्यद अहमद खान (भारतीय शिक्षाविद, समाज सुधारक और दार्शनिक; मृत्यु 27 मार्च 1898) हैं। 1869 में पं. भास्करबुवा बखले (गायनाचार्य, भारत गायन समाज के संस्थापक; मृत्यु 8 अप्रैल 1922) जन्मे। 1892 में नारायणराव सोपानराव बोरावके (कृषि शिरोमणि, पहले मराठी चीनी कारखानेदार; मृत्यु 16 फरवरी 1968) और 1917 में विश्वनाथ तात्यासाहेब कोर (वारणा सहकारी चीनी कारखाने के संस्थापक; मृत्यु 13 दिसंबर 1994) पैदा हुए।

1930 में एटकिन्स डाइट के जनक रॉबर्ट एटकिन्स (मृत्यु 17 अप्रैल 2003) का जन्म हुआ। 1947 में फिल्म अभिनेत्री, निर्माता और निर्देशक सिमी गरेवाल, 1955 में अभिनेत्री स्मिता पाटिल (मृत्यु 13 दिसंबर 1986), 1965 में श्रीलंका के क्रिकेटर अरविंद डिसिल्वा और 1970 में भारतीय क्रिकेटर अनिल कुंबले का जन्म हुआ।

इसी तारीख को दुनिया से रुखसत होने वालों में 1772 में अफगानिस्तान के शासक अहमदशाह दुर्रानी (दुर्रानी) हैं। 1882 में अंग्रेजी व्याकरणकार, ग्रंथकार और धर्मसुधारक दादोबा पांडुरंग तर्खडकर (जन्म 9 मई 1814) और 1887 में जर्मन भौतिकशास्त्री गुस्ताव किरचॉफ (जन्म 12 मार्च 1824) का निधन हुआ। 1906 में जगप्रसिद्ध दार्शनिक और कवि स्वामी रामतीर्थ ने जलसमाधि ली (जन्म 22 अक्टूबर 1873)।

1981 में भारतीय लेखक, कवि और गीतकार कन्नादासन (जन्म 24 जून 1927) नहीं रहे। 1993 में फिल्म निर्माता, निर्देशक और पटकथा लेखक विजयशंकर जग्नेश्वर उर्फ विजय भट (जन्म 12 मई 1907) का निधन हुआ। 2008 में ललित लेखक रविन्द्र पिंगे (जन्म 13 मार्च 1926) और इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ बॉडीबिल्डिंग एंड फिटनेस के सह-संस्थापक बेन वीडर (जन्म 1 फरवरी 1923) ने दुनिया छोड़ी।

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