विनोबा भावे जयंती: भूदान आंदोलन के जनक की कहानी और 11 सितंबर का इतिहास
आज आचार्य विनोबा भावे की जयंती है। जानिए उनकी जिंदगी से जुड़ी बातें और 11 सितंबर को इतिहास में दर्ज बड़ी घटनाएं।
आज 11 सितंबर है और इसी दिन साल 1895 में महाराष्ट्र के रायगड जिले के पेन गांव में आचार्य विनोबा भावे का जन्म हुआ था। उनका असली नाम विनायक नरहर भावे था, मगर पूरी दुनिया उन्हें 'विनोबा' नाम से ही जानती है। उनका बचपन एक अध्यात्मिक और सुसंस्कृत माहौल में बीता, जिसका उनके विचारों पर गहरा असर पड़ा।
कम उम्र में ही विनोबा भावे ने घर गृहस्थी का पारंपरिक रास्ता छोड़ दिया और महात्मा गांधी के साबरमती आश्रम से जुड़ गए। वे गांधीजी के मानसपुत्र के तौर पर जाने जाते थे और गांधीजी की विचारधारा तथा सत्याग्रह के पक्के अनुयायी रहे। आगे चलकर उन्होंने भारत में 'भूदान आंदोलन' यानी भूदान आंदोलन शुरू किया, जिसके तहत जमींदारों से जमीन लेकर भूमिहीन लोगों में बांटने का ऐतिहासिक काम किया गया।
11 सितंबर की तारीख इतिहास में और भी कई बड़ी घटनाओं के लिए दर्ज है। साल 1893 में स्वामी विवेकानंद ने विश्व धर्म परिषद के सामने अपना मशहूर भाषण दिया था। 1906 में महात्मा गांधी ने पहली बार अफ्रीका में 'सत्याग्रह' शब्द का इस्तेमाल किया। 1942 में आज़ाद हिंद सेना ने पहली बार राष्ट्रगीत 'जन गण मन' गाया। 1965 में भारतीय सेना ने लाहौर के पास बुर्की गांव पर कब्जा किया था। 1997 में नासा का मार्स ग्लोबल सर्वेयर मंगल ग्रह पर पहुंचा। और साल 2001 में आतंकियों ने वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की इमारतों में दो यात्री विमान घुसाए, जिसमें हजारों लोगों की जान गई थी।
जन्म के लिहाज से भी यह दिन खास है। 1911 में भारतीय क्रिकेटर लाला अमरनाथ का जन्म हुआ था, तो 1950 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन मधुकर भागवत का जन्म हुआ। 1976 में भारतीय क्रिकेटर मुरली कार्तिक और 1982 में तमिल फिल्म अभिनेत्री श्रीया शरण का जन्म भी इसी दिन हुआ था।
वहीं मृत्यु के मामले में देखें तो 1948 में पाकिस्तान के जनक मोहम्मद अली जिन्ना का निधन हुआ था। 1971 में सोवियत यूनियन के राष्ट्राध्यक्ष निकिता क्रुश्चेव और 1973 में चिली के राष्ट्राध्यक्ष साल्वादोर अलेंदे का भी इसी तारीख को निधन हुआ। 1987 में हिंदी कवयित्री और स्वतंत्रता सेनानी महादेवी वर्मा का निधन हुआ था।