वरोरा में रावण दहन पर रोक की मांग, आदिवासी 'सगा' समाज ने पुलिस को दिया निवेदन
आदिवासी 'सगा' समाज ने वरोरा पुलिस स्टेशन में निवेदन देकर दशहरे पर रावण दहन पर रोक और इंस्टाग्राम पोस्ट करने वालों पर कार्रवाई मांगी है।
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वरोरा (चंद्रपूर): दशहरे के दिन होने वाले रावण दहन पर रोक लगाने की मांग को लेकर समस्त आदिवासी 'सगा' समाज ने वरोरा पुलिस स्टेशन में निवेदन दिया है। निवेदन में कहा गया है कि रावण दहन से धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं।
निवेदन के मुताबिक जल, जंगल और जमीन की रक्षा करने वाला प्रकृति पूजक आदिवासी समाज महात्मा राजा रावण को अपना आराध्य देवता मानता है। विजयादशमी यानी दशहरे के दिन रावण का दहन होने से आदिवासी समाज की धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाएं बड़े पैमाने पर आहत हो रही हैं। इस मुद्दे को लेकर वरोरा तहसील में तीव्र नाराजगी जताई गई है। इसी वजह से समाज की ओर से रावण दहन पर पूरी तरह बंदी की प्रमुख मांग रखी गई है।
निवेदन में एक इंस्टाग्राम पोस्ट का भी जिक्र है। उसमें कहा गया है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर स्टोरी रखकर यह पोस्ट वायरल की कि वरोरा में रावण दहन धूमधाम से होगा। निवेदन के अनुसार इससे आदिवासी समाज की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। समाज ने सामाजिक भाईचारा बिगाड़ने वाले इन लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
निवेदन में यह भी बताया गया है कि पिछले कुछ सालों से आदिवासी समाज ने रावण दहन के खिलाफ पूरे राज्य में जनजागृति मुहिम चला रखी है, और कई शहरों में अब रावण दहन बंद भी कर दिया गया है।
साथ ही प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी गई है। निवेदन में कहा गया है कि अगर प्रशासन ने मामले की गंभीरता समझकर तुरंत उचित कदम नहीं उठाए और तहसील में कहीं भी महात्मा राजा रावण का दहन हुआ, तो समस्त आदिवासी 'सगा' समाज तीव्र आंदोलन के लिए सड़क पर उतरेगा। निवेदन में यह भी साफ लिखा गया है कि इसके बाद दो समाजों के बीच किसी तरह का तनाव पैदा हुआ या कानून-व्यवस्था का सवाल खड़ा हुआ, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
निवेदन देते समय बालूभाऊ गेडाम, वरिष्ठ आदिवासी नेता और पंचायत समिति के पूर्व सदस्य चिंतामणजी आत्राम, वरोरा के पूर्व नगराध्यक्ष गजानन मेश्राम, साहित्यिक दत्तात्रय गावंडे और सामाजिक कार्यकर्ता संदीप धानोरकर मौजूद थे। इनके साथ आनंद गेडाम, सतीश गेडाम, सूरज पेंदोर, मनोज पेंदोर और बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग और कार्यकर्ता भी आए थे।
इस घटना के बाद वरोरा इलाके में इसी की चर्चा है। पुलिस और प्रशासन की ओर से मामले पर नजर रखी जा रही है।