पिंपरी में आरोपी का पीछा करते हुए पुलिस हवलदार जावेद बागसिराज को हार्ट अटैक, मौत
संत तुकाराम नगर में एमडी ड्रग्स बेचने आए संदिग्धों को पकड़ने के लिए बिछाए जाल के दौरान एंटी नार्कोटिक्स सेल के हवलदार की जान गई।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
पिंपरी-चिंचवड पुलिस के एंटी नार्कोटिक्स सेल के 38 साल के हवलदार जावेद बागसिराज की ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक से मौत हो गई। शहर को ड्रग्स के चंगुल से बचाने की मुहिम में लगे जावेद एक भागते आरोपी का पीछा कर रहे थे, तभी उनकी तबीयत बिगड़ गई। यह घटना रविवार, 25 अक्टूबर की देर रात संत तुकाराम नगर इलाके में हुई।
जावेद को खबर मिली थी कि संत तुकाराम नगर इलाके में दो संदिग्ध आरोपी एमडी (मेफेड्रॉन) ड्रग्स बेचने आने वाले हैं। उन्होंने फौरन यह जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दी। इसके बाद क्राइम ब्रांच के एंटी नार्कोटिक्स सेल ने आंत्रिक सोसायटी के पास जाल बिछाया।
पुलिस की भनक लगते ही मौके पर ड्रग्स बेचने पहुंचे एक संदिग्ध को टीम ने वहीं पकड़ लिया। लेकिन उसका दूसरा साथी पुलिस को चकमा देकर अंधेरे का फायदा उठाते हुए भागने लगा। जावेद ने बिना डरे उसके पीछे दौड़ लगा दी।
दौड़ते-दौड़ते अचानक उनके सीने में तेज दर्द उठा और वे जमीन पर गिर पड़े। साथी पुलिसवालों ने बिना देर किए उन्हें पिंपरी के यशवंतराव चव्हाण स्मृति (वायसीएम) अस्पताल पहुंचाया। वहां इलाज चल ही रहा था कि उन्हें हार्ट अटैक का दूसरा तेज झटका आया और उन्होंने दम तोड़ दिया।
जावेद का परिवार मूल रूप से कर्नाटक का था। उनके पिता पुणे आकर बस गए थे, इसलिए जावेद का जन्म पुणे में ही हुआ। वे 2010 में पुणे शहर पुलिस में भर्ती हुए थे। शुरू के 8 साल उन्होंने हडपसर और मुंढवा पुलिस थानों में काम किया। 2018 में पिंपरी-चिंचवड पुलिस आयुक्तालय अलग बना तो वे इसी पुलिस में आ गए। पिंपरी पुलिस थाने में सेवा देने के बाद उन्हें क्राइम ब्रांच में भेजा गया, जहां वे फिलहाल एंटी नार्कोटिक्स सेल में पूरी मुस्तैदी से काम कर रहे थे।
जावेद के परिवार में मां, पिता, भाई, पत्नी, 12 साल की बेटी और 7 साल का बेटा हैं। उनके अचानक चले जाने से बागसिराज परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पिंपरी-चिंचवड पुलिस बल में भी गहरा शोक है।
सोमवार, 26 अक्टूबर की दोपहर पुणे के कसबा पेठ के कब्रिस्तान में सरकारी सम्मान के साथ उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
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