विधान परिषद चुनाव में महायुति को पांच में से दो सीट, शिंदे बोले- शिवसेना ने गठबंधन धर्म निभाया
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
विधान परिषद की पांच सीटों में से महायुति को दो पर जीत मिली और तीन पर महाविकास आघाडी के उम्मीदवार जीते। भाजपा की तरफ से शिवसेना पर उंगली उठी तो उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने जवाब दिया।
राज्य में विधान परिषद की पांच सीटों के लिए चुनाव हुए। इनमें तीन स्नातक और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र थे। नतीजों में महायुति को बड़ा झटका लगा, क्योंकि पांच में से सिर्फ दो सीट पर ही उसे जीत मिल पाई। बाकी तीन सीट पर महाविकास आघाडी के उम्मीदवार जीत गए।
नतीजों के बाद भाजपा की तरफ से शिवसेना शिंदे गुट पर आरोप लगने शुरू हो गए हैं। भाजपा की ओर से कहा जा रहा है कि अगर शिवसेना ने मदद की होती तो नतीजा और बेहतर आता। इस पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है।
शिंदे ने कहा कि शिवसेना ने हमेशा गठबंधन धर्म निभाया है। उन्होंने बताया कि इस चुनाव में भाजपा और शिवसेना के बीच चार जगह गठबंधन था। पुणे निर्वाचन क्षेत्र में तो शिवसेना समर्थित उम्मीदवार और भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के बीच दोस्ताना मुकाबला भी था। शिंदे के मुताबिक शिवसेना ने हमेशा गठबंधन धर्म निभाया है और उसकी भूमिका यही रही है कि गठबंधन धर्म निभाया जाए।
इसी मौके पर एकनाथ शिंदे ने सूखे और किसानों के अलग-अलग सवालों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि किसानों की बेटियों की शादी की जिम्मेदारी हो या किसानों के दूसरे मसले, सरकार पूरी ताकत से किसानों के साथ खड़ी है।
शिंदे ने बताया कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने मदद का ऐलान किया है और साढ़े सात हजार करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है। उनके मुताबिक किसानों को पक्की मदद मिलेगी।
विरोधी कहते हैं कि पांच हजार रुपये से क्या होगा, इस पर शिंदे ने कहा कि यह मदद नहीं है, यह तुरंत दी जाने वाली राहत है। उन्होंने कहा कि सूखे में जितने भी लाभ और रियायतें हैं, वे सब मिलेंगी, स्कूल की फीस और दूसरी रियायतें भी मिलेंगी। शिंदे ने यह भी कहा कि सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है और शिवसेना भी पूरी ताकत से उनके साथ है।
शिंदे ने यह भी बताया कि धाराशिव में 24 हजार लोगों के घर दिवाली का राशन पहुंचेगा।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।