मीनाक्षी शिंदे ने ठाणे शिवसेना महिला आघाडी प्रमुख का पद छोड़ा, आरोपों का हवाला दिया
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
ठाणे जिला प्रमुख मीनाक्षी राजेंद्र शिंदे ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को इस्तीफा भेजा। उसी खबर में आनंद दुबे के शिंदे गुट में शामिल होने का ब्योरा भी है।
शिवसेना की महिला आघाडी की ठाणे जिला प्रमुख मीनाक्षी राजेंद्र शिंदे ने अपना पद छोड़ दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे को सौंपा है। इस्तीफे में उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों का जिक्र किया है और कहा है कि पार्टी नेतृत्व पर दबाव बनाने की कोशिशें हो रही हैं।
29 अक्टूबर 2026 की तारीख वाले इस पत्र में मीनाक्षी शिंदे ने लिखा है कि सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में आरोप और प्रत्यारोप चल रहे हैं, जिनसे उन्हें काफी तकलीफ पहुंची है। उनका कहना है कि कुछ लोग उनका नाम ऐसे मामलों से जोड़ रहे हैं, जिनसे उनका कोई लेना-देना नहीं है।
पत्र में मीनाक्षी शिंदे ने दावा किया है कि सभी राजनीतिक दल एक साथ आकर उन पर आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने इस बात पर दुख जताया कि पार्टी नेतृत्व को घेरने की साजिश रची जा रही है। इस नेतृत्व में उन्होंने एकनाथ शिंदे का नाम पार्टी के मुख्य नेता और पालक मंत्री के तौर पर लिया है।
मीनाक्षी शिंदे का कहना है कि उन्होंने पार्टी के लिए पूरी निष्ठा से काम किया और कभी ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जिससे संगठन या उसके नेतृत्व की बदनामी हो।
इस्तीफा देने की वजह बताते हुए उन्होंने लिखा कि वे यह सोच भी नहीं सकतीं कि उनकी वजह से नेतृत्व या पार्टी की छवि खराब हो। उनके मुताबिक यह इस्तीफा किसी नाराजगी की वजह से नहीं है, बल्कि नेतृत्व के सम्मान और पार्टी की छवि को बचाने के लिए है। पत्र के आखिर में उन्होंने उम्मीद जताई कि एकनाथ शिंदे उनकी भावनाओं को और आरोपों पर उनके रुख को समझेंगे।
पत्र में यह नहीं बताया गया है कि उन पर ठीक-ठीक कौन से आरोप लगे हैं। यह भी नहीं बताया गया कि पार्टी नेतृत्व पर दबाव बनाने की कोशिश का इल्जाम उन्होंने किस-किस पर लगाया है।
इसी बीच, उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना (UBT) छोड़ने के कुछ दिन बाद आनंद दुबे पिछले हफ्ते उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गुट में शामिल हो गए। यह जानकारी एक आधिकारिक बयान में दी गई है। ठाणे में हुए इस कार्यक्रम में पार्टी के मुख्य नेता एकनाथ शिंदे मौजूद थे। उनके साथ शिवसेना के सोशल मीडिया राज्य प्रमुख और युवा सेना के महासचिव राहुल कनाल और दूसरे पदाधिकारी भी थे।
आनंद दुबे के साथ गुलाबचंद मौर्य, सुनील चौबे, बृजेश मौर्य, दशरथ प्रजापति, प्रवीण दुबे और धनंजय गुप्ता समेत कई और लोगों ने भी पार्टी में प्रवेश किया।
शिंदे के कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, दुबे का स्वागत करते हुए एकनाथ शिंदे ने कहा कि वे कई सालों से दुबे को शिवसेना के लिए काम करते देख रहे हैं, राष्ट्रीय प्रवक्ता की भूमिका में भी। शिंदे के अनुसार दुबे पार्टी के कामकाज से वाकिफ हैं और राहुल कनाल के संपर्क में रहे हैं। शिंदे ने शिवसेना को कार्यकर्ताओं की पार्टी बताया और कहा कि यहां कोई मालिक नहीं है, सब पार्टी कार्यकर्ता की तरह काम करते हैं।
शिंदे ने यह भी कहा कि दुबे ने राष्ट्र पहले का सिद्धांत अपनाया है, जिसे उन्होंने दिवंगत बालासाहेब ठाकरे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ा रुख बताया। उनका कहना था कि नए लोग उनकी सरकार के किए कामों से प्रभावित हुए हैं। मुख्यमंत्री के तौर पर अपने ढाई साल के कार्यकाल का हवाला देकर उन्होंने कहा कि इस दौरान कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू हुईं और बुनियादी ढांचे की परियोजनाएं पूरी हुईं। महाराष्ट्र के विकास में साथ देने का श्रेय भी उन्होंने मोदी को दिया।
शिंदे ने कहा कि दुबे और उनकी टीम उत्तर प्रदेश में शिवसेना का दायरा बढ़ाने के लिए काम करेगी।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।