पुणे और मराठवाड़ा में शरद पवार की NCP की जीत, जयंत पाटील ने ईवीएम पर सत्ताधारियों को घेरा
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विधान परिषद की पांच सीटों के नतीजे आ गए हैं। पुणे स्नातक और मराठवाड़ा में शरद पवार की राष्ट्रवादी के उम्मीदवार जीते, जबकि नागपुर में भाजपा को जीत मिली।
राज्य में विधान परिषद की पांच सीटों के चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। दोनों शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में महायुति के उम्मीदवार जीते हैं। तीन स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में से दो में महाविकास अघाड़ी के उम्मीदवार चुने गए हैं। नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा को जीत मिली। इस तरह पांच में से तीन सीटें जीतकर भाजपा की अगुवाई वाली महायुति ने बढ़त बनाई।
पुणे स्नातक और मराठवाड़ा निर्वाचन क्षेत्र में शरद पवार की राष्ट्रवादी के दोनों उम्मीदवार जीत गए। पुणे स्नातक से हर्षदा देशमुख और मराठवाड़ा से प्रतापसिंह पाटील विजयी हुए। मराठवाड़ा में राष्ट्रवादी बनाम राष्ट्रवादी की टक्कर देखने को मिली, जहां प्रतापसिंह पाटील ने राष्ट्रवादी के सतीश चव्हाण को हराया। जीत का जश्न मनाने के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता जयंत पाटील ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
सतीश चव्हाण के मुकाबले पर बोलते हुए जयंत पाटील ने कहा कि समाज की भावनाओं का विश्लेषण इन सभी चुनावों में दिखता है। इस बयान के साथ उन्होंने अजित पवार की राष्ट्रवादी पर तंज कसा।
जयंत पाटील के मुताबिक, बेरोजगारी, महंगाई और प्रतियोगी परीक्षाओं में चल रही परेशानी को लेकर स्नातकों में जो गुस्सा था, उसे उन्होंने वोट के जरिए जाहिर किया। उन्होंने कहा कि हर्षदा जाधव देशमुख पढ़ी-लिखी स्नातक और युवा कार्यकर्ता उम्मीदवार हैं, जबकि मराठवाड़ा में प्रताप पाटील जीते हैं।
जयंत पाटील ने यह भी कहा कि इन चुनावों में मतदान के लिए पूरे पन्ने का मतपत्र था, इसलिए 10 वोट पड़ें तो भी गिनती करनी पड़ती है। उनका कहना था कि जब बैलेट पर वोटिंग होती है तो विपक्ष जीतता है। इस तरह उन्होंने जीत के बाद सत्ताधारियों को एक बार फिर ईवीएम को लेकर निशाने पर लिया। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर लालच दिखाकर वोट लेने की कोशिश हुई। गोकुल के चुनाव की वजह से माहौल बना था, जिसका असर कोल्हापुर में हुआ, ऐसा भी जयंत पाटील ने कहा।
नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से बगावत करने की वजह से शरद पवार की राष्ट्रवादी ने नितेश कराले मास्टर को 6 साल के लिए पार्टी से निकाल दिया था। इसके बाद कराले मास्टर के आंसू छलक पड़े थे। इस बारे में भी जयंत पाटील ने अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्टीकरण दिया कि महाविकास अघाड़ी ने फैसला लिया था और कराले ने उसके खिलाफ रुख अपनाया, इसलिए उन पर यह कार्रवाई की गई।
विजयी उम्मीदवार हर्षदा देशमुख-जाधव ने भी बैलेट पेपर पर मतदान को लेकर सत्ताधारियों पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि हमने 1 लाख 13 हजार वोटों का कोटा पूरा किया। हर्षदा जाधव ने कहा कि बैलेट पेपर पर वोटिंग हो तो क्या होता है, यह हमने इस चुनाव में देख लिया।
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