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पांच में से तीन MLC सीटें MVA को, सपकाल बोले- नतीजे बदलाव का संकेत

पांच में से तीन MLC सीटें MVA को, सपकाल बोले- नतीजे बदलाव का संकेत तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
सियासत PT24 राजनीति डेस्क

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने विधान परिषद के नतीजों को राजनीतिक बदलाव का संकेत बताया।

महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने गुरुवार को कहा कि विधान परिषद की पांच में से तीन सीटों पर महा विकास आघाड़ी (MVA) की जीत राजनीतिक बदलाव का संकेत है। उन्होंने खास तौर पर नागपुर से कांग्रेस नेता अभिजीत वंजारी के दोबारा चुने जाने का जिक्र किया।

कर्जत में पत्रकारों से बात करते हुए सपकाल ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर संभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया था। सपकाल का आरोप था कि फडणवीस ने अपने राजनीतिक असर का इस्तेमाल करके उम्मीदवारों से नामांकन वापस करवाए और विरोधियों पर दबाव डाला।

बीजेपी की कोशिशों के बावजूद कांग्रेस के मौजूदा MLC वंजारी ने कांटे के मुकाबले में यह सीट बचा ली। उन्होंने बीजेपी के अपने सबसे नजदीकी प्रतिद्वंद्वी को 3,271 वोटों से हराया।

सपकाल के मुताबिक वंजारी की जीत इसलिए और अहम है कि नागपुर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का गढ़ माना जाता है। उन्होंने इसे कांग्रेस की ऐतिहासिक जीत बताया और दावा किया कि इससे दिखता है कि मतदाताओं ने बीजेपी और RSS को नकार दिया है।

कांग्रेस नेता ने फडणवीस की एक सोशल मीडिया पोस्ट पर भी सवाल उठाया, जो बाद में हटा दी गई थी। सपकाल ने कहा कि मुख्यमंत्री को अपने पद की गरिमा बनाए रखनी चाहिए। उनका दावा था कि पोस्ट हटाए जाने से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शर्मिंदगी उठानी पड़ी।

सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन में बीजेपी, शिवसेना और NCP शामिल हैं। सपकाल ने इस गठबंधन के भीतर मतभेदों की खबरों का हवाला देते हुए कहा कि घटक दल विधान परिषद चुनाव के नतीजों के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि सत्ता बचाने और पदों के बंटवारे के लिए ये दल आखिर में फिर साथ आ जाएंगे। उनके शब्दों में, "मुख्यमंत्री कौन बनेगा और वित्त विभाग किसे मिलेगा, यह उन्हें तय करना है। महाराष्ट्र को उनकी सत्ता की खींचतान में कोई दिलचस्पी नहीं है।"

सपकाल ने राज्य सरकार से चुनावी वादे पूरे करने की मांग की। इनमें लाडकी बहिण योजना की मासिक मदद 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,100 रुपये करना और किसानों का पूरा कर्ज माफ करना शामिल है।

राज्य में सूखे के हालात का हवाला देते हुए उन्होंने किसानों के लिए प्रति हेक्टेयर 1 लाख रुपये मुआवजे और पूरी कर्जमाफी की मांग की। किसान आत्महत्याओं पर सत्तारूढ़ गठबंधन की टिप्पणियों की भी उन्होंने आलोचना की। उनका आरोप था कि सरकार की संवेदनहीनता और खेती-किसानी के संकट पर ध्यान न देने से हालात बिगड़े।

हाल के विधान परिषद चुनावों को लेकर सपकाल ने कुछ क्षेत्रों में मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए नकदी और 'पैठणी' साड़ियां बांटे जाने के आरोपों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ऐसे तरीके लोकतंत्र के लिए खतरा हैं और इन पर गंभीर आत्ममंथन होना चाहिए।

सपकाल ने केंद्र और राज्य सरकार पर यह आरोप भी लगाया कि बड़ी परियोजनाएं आगे बढ़ाते हुए वे पर्यावरण की रक्षा के अपने वादे पूरे नहीं कर रहीं। उन्होंने इन घोषणाओं को "जुमले" यानी जुमलेबाजी कहा और बताया कि कांग्रेस संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

महाराष्ट्र विधान परिषद के पांच स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था। विपक्षी MVA ने तीन सीटें जीतीं, जबकि बीजेपी की अगुवाई वाले सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन को दो सीटें मिलीं। नागपुर संभाग स्नातक क्षेत्र से वंजारी की जीत उन नतीजों में रही, जिन्हें कांग्रेस नेतृत्व ने खास तौर पर उठाया।

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