BMC कर्मचारियों को दिवाली से पहले 33,000 रुपए, पिछले साल से 2,000 ज़्यादा
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मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने बुधवार को BMC हेडक्वार्टर की मीटिंग के बाद घोषणा की कि 83,000 से ज़्यादा सिविक कर्मचारियों को दिवाली एक्स-ग्रेशिया के तौर पर 33,000 रुपए मिलेंगे।
दिवाली से पहले BMC के अफसरों और कर्मचारियों की जेब में अच्छी खबर आई है। नगर निगम ने इस बार हर योग्य कर्मचारी के लिए 33,000 रुपए का सानुग्रह अनुदान तय किया है। पिछले साल यही रकम 31,000 रुपए थी, यानी इस बार 2,000 रुपए ज़्यादा मिलेंगे। यह पैसा नवंबर 2026 की नियमित तनख्वाह के साथ ही खाते में आएगा।
फैसले का ऐलान मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने बुधवार को किया। उन्होंने प्रशासन से कह दिया है कि अनुदान की रकम अलग से लटकाए बिना नवंबर की सैलरी में जोड़कर दी जाए। मेयर का कहना है कि इससे निगम के कर्मचारी अपना त्योहार अच्छे से मना पाएंगे।
यह फैसला बुधवार को मेयर के कक्ष में हुई बैठक में हुआ, जो दिवाली के अनुदान पर बात करने के लिए ही बुलाई गई थी। बैठक में उपमहापौर संजय घाडी, विपक्ष की नेता किशोरी पेडणेकर और सदन के नेता गणेश खणकर बैठे थे। इनके साथ अलग-अलग पार्टियों के गुट नेता, समितियों के अध्यक्ष, निगम के बड़े अफसर और कर्मचारी यूनियनों के नुमाइंदे भी मौजूद रहे।
यूनियन के नेता शशांक राव और रमाकांत बाने ने फैसले की पुष्टि की। उनके मुताबिक 83,000 से ज़्यादा पक्के कर्मचारियों और दूसरे योग्य स्टाफ को इस रकम का फायदा मिलने की उम्मीद है। फायदा सिर्फ निगम के अपने लोगों तक नहीं रुकेगा। सरकारी सहायता पाने वाले प्राइवेट प्राइमरी और सेकेंडरी स्कूलों के टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ भी इसमें आएंगे। यूनियन वालों ने जिन श्रेणियों का नाम लिया, उनमें टीचिंग असिस्टेंट और शिक्षा सेवा से जुड़े कर्मचारी भी हैं।
मेयर ने बताया कि इस साल बारिश कम हुई और महाराष्ट्र में सूखे जैसे हालात हैं। राज्य सरकार तय पैमानों के हिसाब से 300 तालुकाओं को सूखाग्रस्त घोषित कर चुकी है और हालात संभालने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। इसी माहौल को देखते हुए पार्टियों के गुट नेताओं, निगम के पदाधिकारियों, प्रशासन और मज़दूर व कर्मचारी यूनियनों की समन्वय समिति ने मिल-बैठकर सबकी रज़ामंदी से 33,000 रुपए देने पर हामी भरी। मुश्किल वक्त में भी कर्मचारियों को त्योहार की मदद जारी रखने की बात पर कोई मतभेद नहीं दिखा।
हर कर्मचारी के हाथ में कितना पहुंचेगा, यह उसके पद और कैडर पर निर्भर करेगा। 33,000 रुपए सबसे ऊपर की सीमा है। बढ़ी हुई रकम की वजह से निगम की तिजोरी पर करीब 300 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ने का अंदाज़ा है। भुगतान लागू पात्रता की शर्तों और प्रशासनिक इंतज़ाम के हिसाब से होगा।
इसी बैठक के बाद सफाई का एक खास अभियान भी तय हुआ है। BMC ने सड़कों की धूल कम करने और शहर की हवा साफ रखने के लिए हर वार्ड को 15 लाख रुपए दिए हैं। अभियान 28 अक्टूबर से 7 नवंबर तक चलेगा। मुख्य सड़कों और जहां धूल ज़्यादा उड़ती है, वहां गहरी सफाई, मशीन से झाड़ू, धूल हटाने और पानी छिड़कने का काम होगा। सभी वार्डों को इसे चलाने का निर्देश मिल चुका है। निगम इसे एहतियात के तौर पर देख रहा है, ताकि सर्दियों में मुंबई का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) काबू में रहे।
जिन रास्तों पर खास ध्यान रहेगा, उनमें SV रोड, कार्टर रोड, लिंक रोड, सायन-मानखुर्द रोड और घाटकोपर-मानखुर्द रोड शामिल हैं। ईस्टर्न और वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे भी सूची में हैं। इनके अलावा जोगेश्वरी-विक्रोली लिंक रोड (JVLR), सांताक्रूज-चेंबूर लिंक रोड (SCLR) और BKC कनेक्टर पर भी सफाई टीमें लगेंगी।
इस तरह दिवाली के खर्चों से पहले मुंबई के हज़ारों निगम कर्मचारियों और पात्र स्कूल स्टाफ को राहत मिलेगी। यह रकम उन लोगों की मेहनत की कद्र भी है, जो शहर की ज़रूरी सेवाएं चलाते हैं।
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