गुरूवार, 29 अक्टूबर 2026

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स्नातक चुनाव में हार के बाद भाजपा में समीक्षा, रविंद्र चव्हाण करेंगे जिलों का लेखा-जोखा

स्नातक चुनाव में हार के बाद भाजपा में समीक्षा, रविंद्र चव्हाण करेंगे जिलों का लेखा-जोखा तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
सियासत PT24 राजनीति डेस्क

विधान परिषद की स्नातक सीटों पर हार के बाद भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण नागपुर और पुणे विभाग के जिलों की समीक्षा करेंगे।

विधान परिषद की 5 सीटों में से भाजपा सिर्फ पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीट बचा पाई। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा है। अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सहयोगी पार्टी शिवसेना ने चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। लेकिन स्नातक की तीन सीटों पर मिली हार भाजपा को बहुत चुभ रही है।

इनमें भी नागपुर की हार पार्टी के लिए सबसे दुखती रग मानी जा रही है। अब इस हार को लेकर चर्चा शुरू हो गई है और यह भी सामने आने लगा है कि ठीकरा किसके सिर फूटेगा।

हार की समीक्षा शुरू हो चुकी है। नागपुर और पुणे में हार की वजहें खोजी जाएंगी। पार्टी संगठन सख्त रुख में है। मुख्यमंत्री के अपने ही शहर में भाजपा की सीट गई है, इसलिए अंदाजा लगाया जा रहा है कि कई पदाधिकारियों पर गाज गिर सकती है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण एक्शन मोड में आ गए हैं। वे नागपुर और पुणे विभाग के सभी जिलों का लेखा-जोखा लेंगे।

पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के तहत पुणे, सातारा, सांगली, कोल्हापुर और सोलापुर जिलों की समीक्षा होगी। नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के तहत नागपुर, चंद्रपुर, भंडारा, गोंदिया, वर्धा और गडचिरोली जिलों का आकलन किया जाएगा।

स्नातक की हार के बाद जिलाध्यक्षों, विधायकों और मंत्रियों से पूछताछ की जाएगी। कुछ पदाधिकारियों के इस्तीफे लिए जाने की संभावना जताई जा रही है। रविंद्र चव्हाण आने वाली 2 नवंबर को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे।

इस बीच हार का ठीकरा फोड़ने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। नागपुर की हार पार्टी के लिए बड़ा झटका है। नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बागियों के घर जाकर उन्हें मनाया था और वे प्रचार में भी उतरे थे। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने जोर-शोर से प्रचार किया था। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले भी प्रचार में सक्रिय थे। इसके बावजूद पार्टी को अपने ही गढ़ में हार मिली।

अब भाजपा ने इस हार का ठीकरा सहयोगी पार्टी पर फोड़ा है। छत्रपति संभाजीनगर मराठवाड़ा स्नातक चुनाव और पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में शिंदे सेना पर ठीकरा फोड़ा गया है। हार की समीक्षा करते समय महायुति के सहयोगी दलों की भूमिका पर भी प्रदेशाध्यक्ष रिपोर्ट देंगे। जानकारी सामने आ रही है कि हार का पूरा विश्लेषण चव्हाण शाह के सामने रखेंगे।

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