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06:10 IST

इलिनॉय के हिंदू मंदिर पर गोलीबारी की साजिश नाकाम, सद्गुरु बोले- नई पीढ़ी की परवरिश में चूके

अमेरिका के इलिनॉय में हिंदू मंदिर पर सामूहिक गोलीबारी की साजिश नाकाम हुई। ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु ने X पर प्रतिक्रिया दी।

इलिनॉय के हिंदू मंदिर पर गोलीबारी की साजिश नाकाम, सद्गुरु बोले- नई पीढ़ी की परवरिश में चूके तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

अमेरिका के इलिनॉय राज्य में एक हिंदू मंदिर को निशाना बनाकर सामूहिक गोलीबारी (Mass Shooting) करने की बड़ी साजिश नाकाम हो गई है। अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता से यह साजिश धरी रह गई। मामला इलिनॉय के पैलाटाइन इलाके में मौजूद एक हिंदू मंदिर से जुड़ा है।

इस घटना की खबर बाहर आने के बाद ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु (Sadhguru) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर अपनी बात रखी। उन्होंने चिंता जताई और बढ़ती नफरत भरी सोच और नई पीढ़ी की परवरिश पर सवाल उठाए। सद्गुरु ने लिखा कि जब किसी नौजवान की जिंदगी नफरत से इतनी जहरीली हो जाती है कि वह खुद से अलग समझे जाने वाले बेकसूर लोगों को मारने की साजिश रचता है, तो यह साफ दिखाता है कि हम समाज के तौर पर अगली पीढ़ी की ठीक से परवरिश करने में नाकाम रहे हैं।

अंग्रेजी में किए गए अपने पोस्ट में, जो 16 अक्टूबर 2026 का है, सद्गुरु ने यह भी लिखा कि सबको साथ लेकर चलने की भावना को बढ़ाना और इंसानी चेतना को ऊपर उठाने की दिशा में काम करना सबसे जरूरी है। उन्होंने उन लोगों का गहरा शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने Aurora हमले को रोकने के लिए फौरन कदम उठाया।

पुलिस की दी जानकारी के मुताबिक मामला 11 अक्टूबर को सामने आया। माउंट प्रॉस्पेक्ट पुलिस विभाग को एक जागरूक नागरिक से अहम जानकारी मिली। शिकायत दर्ज की गई थी कि अलेक्झांड्रोस पापोराकिस नाम के 19 साल के नौजवान की तरफ से कुछ बेहद आपत्तिजनक और परेशान करने वाले इलेक्ट्रॉनिक मैसेज मिले हैं। पुलिस के मुताबिक पापोराकिस ने एक हिंदू मंदिर में सामूहिक गोलीबारी की साजिश का पूरा दस्तावेज और प्लान शेयर किया था।

सिर्फ कागजी प्लान ही नहीं, इस नौजवान ने एक अत्याधुनिक राइफल, भरी हुई मैगजीन, बॉडी आर्मर और दूसरे सामरिक उपकरणों की तस्वीरें भी भेजी थीं। जानकारी मिलते ही पैलाटाइन पुलिस ने माउंट प्रॉस्पेक्ट पुलिस की मदद से फौरन कार्रवाई की। पापोराकिस जब घर से निकलने की तैयारी में ही था, तभी उसे घेरकर हिरासत में ले लिया गया।

हिरासत के बाद पैलाटाइन पुलिस के जासूसों ने उसके घर पर तलाशी वारंट तामील किया। तलाशी में पुलिस को हैरान कर देने वाला जखीरा मिला। इसमें एक अत्याधुनिक राइफल, सैकड़ों जिंदा कारतूस, कई भरी हुई मैगजीन, टैक्टिकल वेस्ट और बॉडी आर्मर जब्त किए गए।

सबसे गंभीर बात यह रही कि तलाशी के दौरान पुलिस को श्वेत वर्चस्ववादी (White Supremacist) अतिवादी विचारधारा से जुड़ी कुछ चीजें और पैचेस मिले। इस सामग्री में खास तौर पर दक्षिण एशियाई मूल और भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ नफरत फैलाने वाले और हिंसा को बढ़ावा देने वाले बयान लिखे थे। जांच में सामने आया है कि आरोपी की यह सोच बेहद खौफनाक और धार्मिक नफरत से प्रेरित थी।

अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के मुताबिक आरोपी पापोराकिस 11 अक्टूबर को ही अरोरा इलाके के एक हिंदू मंदिर पर हमला करने की तैयारी में था। पुलिस ने उस पर आतंकी धमकी देने (Class X Felony) और गैरकानूनी तरीके से घातक हथियार रखने का गंभीर मामला दर्ज किया है। मामले की गंभीरता देखते हुए जज ने उसे जमानत देने से इनकार कर दिया और पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया।

पैलाटाइन के पुलिस प्रमुख विल्यम नॉर्ड ने बताया कि घटना की गंभीरता बहुत बड़ी थी। उनके मुताबिक पुलिस ने FBI और दूसरी स्थानीय एजेंसियों के सहयोग से बहुत तेजी से कदम उठाए, जिससे एक बड़ा खूनखराबा टल गया। उन्होंने खास तौर पर कहा कि प्रार्थनास्थलों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है।

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