येमेन में हुथियों ने एडन एयरपोर्ट और राष्ट्रपति भवन पर दागीं मिसाइलें, 5 की मौत, 16 जख्मी
येमेन में हुथी बागियों ने एडन एयरपोर्ट और राष्ट्रपति भवन परिसर को निशाना बनाया, सौदी गठबंधन ने कई ड्रोन और मिसाइलें गिराने की बात कही।
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येमेन में हालात फिर बेहद खराब और धमाकेदार मोड़ पर पहुंच गए हैं। अंतरराष्ट्रीय मान्यता वाली सरकार और हुथी बागियों के बीच टकराव तेज हो गया है। ताजा जानकारी के मुताबिक, दक्षिणी येमेन के अहम बंदरगाह शहर एडन में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट परिसर के पास दो ताकतवर बैलिस्टिक मिसाइलें गिरीं। इस हमले से पूरे शहर में एक के बाद एक तीन बड़े धमाके हुए।
खबर मिलते ही स्थानीय इमरजेंसी टीमें और एंबुलेंस प्रभावित इलाके की तरफ दौड़ पड़ीं। शुरुआती जांच के मुताबिक, एयरपोर्ट के पास हुए इस हमले में अब तक किसी के मारे जाने की कोई आधिकारिक खबर नहीं है।
इससे ठीक एक दिन पहले हुथी बागियों ने एडन के अल-मशिक राष्ट्रपति भवन परिसर को निशाना बनाया था। उस मिसाइल हमले में 5 लोगों की मौत हुई और 16 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं। हुथी बागियों के आधिकारिक प्रवक्ता ने इस हमले की पूरी जिम्मेदारी ली है। हुथी गुट का दावा है कि यह हमला राष्ट्रपति भवन परिसर में मौजूद सौदी अरब के Saudi Military Operations Headquarters को निशाना बनाने के लिए किया गया था। लगातार हुए इन हमलों से येमेन के प्रशासनिक और फौजी हलकों में भारी हलचल मच गई है।
येमेन के इस बढ़ते टकराव का असर अब पड़ोसी सौदी अरब में भी साफ दिखने लगा है। सौदी की अगुवाई वाले फौजी गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी की दी जानकारी के मुताबिक, हुथी गुट की तरफ से सौदी अरब की सीमा में भेजे गए कई घातक ड्रोन और मिसाइलों को फौज ने वक्त रहते पकड़कर हवा में ही तबाह कर दिया। सौदी के दक्षिणी हिस्से से होकर राजधानी रियाद के एयरपोर्ट की तरफ उड़ रहे 3 विस्फोटक ड्रोन एयर डिफेंस सिस्टम ने कामयाबी से गिरा दिए।
इसके अलावा सौदी के पूर्वी प्रांत को निशाना बनाकर भेजा गया एक और ड्रोन भी फौज ने नष्ट कर दिया। लाल समुद्र के ऊपर से दागी गई 2 क्रूज मिसाइलें और लाल समुद्र के किनारे बसे यान्बू शहर की तरफ तेजी से आ रही 1 बैलिस्टिक मिसाइल को सौदी के एंटी-मिसाइल सिस्टम ने हवा में ही उड़ा दिया। इस कार्रवाई से सौदी के बड़े शहरों पर आने वाली बड़ी तबाही टल गई, फिर भी इलाके की सुरक्षा का सवाल बहुत गंभीर बना हुआ है।
सौदी गठबंधन के जारी किए आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 1 अक्टूबर से रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर हुथी बागियों के हमले बेहद तेज हो गए हैं। पिछले सिर्फ दो हफ्तों में इस एयरपोर्ट पर 20 बार मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए। गठबंधन ने बताया है कि इन हमलों में अब तक 17 लोगों की मौत हुई है और 330 से ज्यादा नागरिक और कर्मचारी जख्मी हुए हैं। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
दूसरी तरफ, बढ़ते तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माईल बघाई ने एक अहम बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर सौदी अरब और हुथी गुट तैयार हों, तो दोनों पक्षों के गहरे मतभेद सुलझाने के लिए ईरान बीच में पड़कर मदद करने को तैयार है। साथ ही उन्होंने हुथियों की इन फौजी कार्रवाइयों में तेहरान के सीधे शामिल होने के आरोपों को सख्ती से खारिज कर दिया।
2014 के आखिर में हुथियों ने राजधानी सना और देश के उत्तर के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था। तब से येमेन गृहयुद्ध में फंसा है, और ताजा घटनाओं से इलाकाई जंग भड़कने का डर जताया जा रहा है।