शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026

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05:29 IST

यवतमाल में जन्म-मृत्यु का रजिस्ट्रेशन अब सिर्फ सीआरएस पर, 21 दिन में कराएं तो कोई फीस नहीं

जिलाधिकारी विकास मीना ने जिले के लोगों से जन्म और मृत्यु की हर घटना का रजिस्ट्रेशन समय पर कराने की अपील की है।

यवतमाल में जन्म-मृत्यु का रजिस्ट्रेशन अब सिर्फ सीआरएस पर, 21 दिन में कराएं तो कोई फीस नहीं तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

यवतमाल जिले में जन्म और मृत्यु की हर घटना का रजिस्ट्रेशन तय समय के भीतर कराना जरूरी है। इसके लिए अब केंद्र सरकार की सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम यानी सीआरएस का इस्तेमाल करना अनिवार्य कर दिया गया है। जिलाधिकारी विकास मीना ने जानकारी दी कि जन्म या मृत्यु होने के 21 दिन के अंदर रजिस्ट्रेशन कराने पर अब कोई शुल्क नहीं लगता। इसलिए उन्होंने जिले के लोगों से कहा है कि वे समय पर रजिस्ट्रेशन करा लें।

जिलाधिकारी कार्यालय में मंगलवार को जिलास्तरीय जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रेशन समन्वय बैठक हुई। इसमें मीना ने संबंधित अधिकारियों को जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रेशन अधिनियम के प्रावधान, रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया और सर्टिफिकेट बांटने के बारे में निर्देश दिए।

जन्म-मृत्यु की सभी घटनाओं का रजिस्ट्रेशन अब केंद्र सरकार की इसी ऑनलाइन सीआरएस प्रणाली पर करना जरूरी हो गया है। इसलिए सभी निबंधकों को कहा गया है कि वे सर्टिफिकेट ऑनलाइन प्रणाली से ही दें। जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रेशन (संशोधित) अधिनियम के मुताबिक अब हर तरह के सरकारी काम के लिए सीआरएस से जारी जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र ही वैध और काम का माना जाएगा।

घटना के 21 दिन के अंदर स्थानीय निबंधक कार्यालय में रजिस्ट्रेशन कराना होता है। इस अवधि में रजिस्ट्रेशन कराने पर कोई शुल्क नहीं लगेगा और किसी मंजूरी या आदेश की भी जरूरत नहीं होगी। रजिस्ट्रेशन के बाद निबंधकों को लोगों को तुरंत सर्टिफिकेट देना भी अनिवार्य किया गया है।

देरी होने पर प्रक्रिया अवधि के हिसाब से बदलती है। 21 से 30 दिन के अंदर रजिस्ट्रेशन कराने पर स्थानीय निबंधक कार्यालय में देरी का शुल्क भरकर सर्टिफिकेट मिल सकता है। 30 दिन के बाद और 1 साल के अंदर रजिस्ट्रेशन के लिए स्थानीय निबंधक के पास अर्जी देनी होगी, जिस पर जिला स्वास्थ्य अधिकारी की मंजूरी जरूरी रहेगी।

अगर 1 से 2 साल की देरी हुई है, तो रजिस्ट्रेशन के लिए संबंधित तहसीलदार का आदेश अनिवार्य रहेगा। यह आदेश सीआरएस प्रणाली पर अपलोड होने के बाद ही सर्टिफिकेट मिलेगा। 2 साल से ज्यादा देरी होने पर प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी का आदेश अनिवार्य होगा। यह आदेश प्रणाली पर अपलोड कर निबंधकों के जरिए सर्टिफिकेट दिया जाएगा।

जिन लोगों के पास 31 दिसंबर 2023 से पहले की प्रविष्टियों का पुराना जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र है और जो क्यूआर कोड वाला नया सर्टिफिकेट चाहते हैं, उन्हें स्थानीय जन्म-मृत्यु निबंधक कार्यालय में अर्जी देनी होगी और अधिकारियों की इजाजत जरूरी होगी। अर्जी के बाद उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी (पंचायत), जिला परिषद यवतमाल की मंजूरी से नया सर्टिफिकेट मिलेगा। शहरी इलाके में अर्जी देने पर सहायक आयुक्त तथा अपर जिला निबंधक (शहर), नगरपालिका प्रशासन की मंजूरी से सर्टिफिकेट दिया जाएगा।

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