विद्यार्थियों की जगह मुझ पर केस करो: रोहित पवार पुलिस स्टेशन पहुंचे, फडणवीस पर साधा निशाना
एमपीएससी विद्यार्थियों के आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई को लेकर विधायक रोहित पवार ने विश्रामबाग पुलिस स्टेशन में अधिकारियों से जवाब मांगा।
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पुणे में एमपीएससी विद्यार्थियों के आंदोलन को लेकर चल रही पुलिस कार्रवाई पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब विद्यार्थियों पर केस दर्ज किए जा रहे हैं, तो उन पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। इसी सवाल के साथ पवार विश्रामबाग पुलिस स्टेशन पहुंचे और अधिकारियों से जवाब मांगा।
पवार ने मांग की कि विद्यार्थियों की जगह उन पर केस दर्ज किया जाए और विद्यार्थियों पर लगे केस वापस लिए जाएं। इसी दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी निशाना साधा। उन्होंने मुख्यमंत्री से संबंधित पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग भी की।
पुणे के एस. एम. जोशी पुल पर एमपीएससी अध्यक्ष के इस्तीफे समेत कई मांगों को लेकर पिछले दस दिनों से विद्यार्थियों का आंदोलन चल रहा है। रोहित पवार के मुताबिक विद्यार्थी शांति से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन पुलिस आयोजकों और विद्यार्थियों को जानबूझकर परेशान कर रही है। उन्होंने आधी रात को हॉस्टल चलाने वालों को दिए गए नोटिस और विद्यार्थियों को आंदोलन में शामिल न होने के लिए कथित तौर पर दी जा रही धमकियों पर भी ऐतराज जताया।
पवार ने कहा कि विद्यार्थियों को अपराधी या आतंकवादी समझकर बर्ताव करना गलत है। उनका आरोप है कि गरीब किसानों के बच्चों के साथ ऐसा सलूक किया जा रहा है, जैसे वे अपराधी और जासूस हों। उन्होंने मांग की कि विद्यार्थियों पर लगे केस वापस लेकर संबंधित धाराओं के तहत उन पर केस दर्ज किया जाए।
पवार ने बताया कि आंदोलन के लिए पुलिस के पास इजाजत की कई अर्जियां दी गई हैं, जिनमें से कुछ नामंजूर कर दी गईं। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार विद्यार्थियों की मांगों पर तुरंत फैसला ले, नहीं तो आंदोलन और बड़ा हो सकता है। उनकी राय है कि बातचीत करके हल निकालने के बजाय कार्रवाई का रास्ता अपनाया गया, तो हालात बिगड़ सकते हैं।
इस बीच आंदोलन की जगह पर बिना इजाजत ड्रोन उड़ाकर शूटिंग करने के मामले में विश्रामबाग पुलिस ने पांच लोगों पर केस दर्ज किया है। पुलिस ने ड्रोन जब्त कर लिया है। पुलिस हवालदार युवराज भारत टोळे की शिकायत पर दिगंबर भारत खारे, प्रमोद पाटील, शिवराज मोरे, ऋषिकेश गांगुर्डे और अक्षय कांबळे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत केस दर्ज हुआ है।
पुलिस की जानकारी के मुताबिक सोमवार, 5 अक्टूबर को शाम करीब साढ़े सात बजे आंदोलन की जगह के पीछे जनरेटर के पास दिगंबर खारे रिमोट कंट्रोलर से ड्रोन उड़ाते मिले। पूछताछ में सामने आया कि ड्रोन उड़ाने के लिए जरूरी लाइसेंस और पुलिस की इजाजत उनके पास नहीं थी। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की। इसी कार्रवाई के बाद रोहित पवार विश्रामबाग पुलिस स्टेशन पहुंचे और पुलिस से पूछा कि विद्यार्थियों पर केस किसके आदेश से दर्ज किए जा रहे हैं।
इससे पहले इजाजत रद्द होने के बाद भी आंदोलन जारी रखने के मामले में एमपीएससी विद्यार्थी प्रतिनिधियों समेत 15 लोगों पर केस दर्ज किया गया था।
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