शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
23:35 IST

वसई-विरार में नालों की सफाई के ई-टेंडर अक्टूबर में ही निकालने की मनोज पाटील की मांग

विरोधी पक्षनेता मनोज पाटील ने पालिका आयुक्त से पारदर्शी और वक्त पर ई-टेंडर की मांग की है। उन्होंने मांगें न मानने पर तीव्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

वसई-विरार में नालों की सफाई के ई-टेंडर अक्टूबर में ही निकालने की मनोज पाटील की मांग तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

वसई-विरार महापालिका में नालों की सफाई के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च होते हैं, फिर भी शहर में भीषण बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं। इसी को लेकर विपक्ष के नेता मनोज पाटील ने महापालिका प्रशासन को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने पालिका आयुक्त से आग्रह के साथ मांग की है कि सफाई के काम में हो रही पैसों की फिजूलखर्ची फौरन रोकी जाए। साथ ही अगले मानसून के लिए पारदर्शी और वक्त पर ई-टेंडर प्रक्रिया अक्टूबर महीने में ही चलाई जाए।

पाटील का कहना है कि मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई और पुणे जैसी महापालिकाओं में अगले साल की नालों की सफाई का सर्वे और टेंडर का काम अक्टूबर में ही शुरू हो जाता है। इससे ठेकेदारों के बीच सही मुकाबला होता है। उन्हें गाद निकालने और उसे ढोकर ले जाने के लिए काफी वक्त भी मिलता है, इसलिए काम की क्वालिटी बनी रहती है।

वसई-विरार महापालिका में हाल यह है कि हर साल मार्च या अप्रैल में आखिरी वक्त पर जल्दबाजी में टेंडर निकाले जाते हैं। कई बार वक्त की कमी बताकर अपनी पसंद के ठेकेदारों को मियाद बढ़ाकर यानी एक्सटेंशन दे दिया जाता है। पाटील के मुताबिक इस बिना प्लानिंग के कामकाज की वजह से सफाई सिर्फ कागजों पर दिखाई जाती है। इस साल शहर को जलभराव का सामना करना पड़ा, जिससे लोगों को बहुत परेशानी हुई और आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा।

पाटील ने कुछ सुझाव भी दिए हैं। उनका कहना है कि पुराने ठेकेदारों को एक्सटेंशन देने का तरीका बंद किया जाए। हर नाले की लंबाई, चौड़ाई, गाद की मात्रा और मंजूर हुआ फंड सबके सामने रखा जाए। काम में पारदर्शिता के लिए जियो-टैग्ड फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी जरूरी की जाए। गाद की ढुलाई का रिकॉर्ड ऑनलाइन रखा जाए और उसकी जांच एक अलग तकनीकी विभाग से करवाई जाए।

पाटील की मांग है कि दूसरी महापालिकाओं की तर्ज पर वार्ड के हिसाब से खुला ई-टेंडर अक्टूबर में ही शुरू किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन इन मांगों पर ध्यान देकर टाइमटेबल जाहिर नहीं करता, तो वे कानूनी रास्ते से तीव्र आंदोलन करेंगे और कानूनी लड़ाई भी लड़ेंगे।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे