वरोरा में बार की एनओसी के लिए 3 लाख की रिश्वत का आरोप, दो अधिकारी एसीबी की हिरासत में
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चंद्रपुर एसीबी की ट्रैप कार्रवाई में ग्राम पंचायत अधिकारी पांडुरंग पेंदे और विस्तार अधिकारी प्रणव बक्षी को हिरासत में लिया गया। वरोरा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।
चंद्रपुर जिले के वरोरा तालुका में बार एंड रेस्टॉरंट के निर्माण के लिए ग्राम पंचायत का अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) देने के बदले 3 लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप सामने आया है। भ्रष्टाचार निरोधक विभाग (एसीबी) की चंद्रपुर टीम ने ट्रैप कार्रवाई करके ग्राम पंचायत अधिकारी पांडुरंग पेंदे और विस्तार अधिकारी प्रणव बक्षी को हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई नवंबर 2026 में की गई।
एसीबी की जानकारी के मुताबिक पेंदे की उम्र 48 साल है और वे वरोरा तालुका के ग्राम पंचायत कार्यालय नागरी में ग्राम पंचायत अधिकारी हैं। बक्षी 51 साल के हैं और पंचायत समिति वरोरा में विस्तार अधिकारी (पंचायत) के पद पर हैं। दोनों राजपत्रित और सरकारी अधिकारी हैं और दोनों पर रिश्वत मांगने और लेने का आरोप है।
मामला एक 37 साल के शिकायतकर्ता से जुड़ा है। उनके और उनके भाई के नाम पर एक खेत है, जहां उन्हें बार एंड रेस्टॉरंट बनाना था। इस निर्माण के लिए ग्राम पंचायत की एनओसी जरूरी थी। आरोप है कि यह प्रमाणपत्र देने के लिए ग्राम पंचायत अधिकारी पांडुरंग पेंदे ने अपने लिए और अपने वरिष्ठ अधिकारी प्रणव बक्षी के लिए 5 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।
शिकायतकर्ता इतनी बड़ी रकम देने को तैयार नहीं थे। इसलिए उन्होंने सीधे एसीबी के चंद्रपुर कार्यालय पहुंचकर 2 नवंबर 2026 को विधिवत शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत की गंभीरता देखते हुए एसीबी की टीम ने 4 और 5 नवंबर को पंचों के सामने रिश्वत की मांग की पड़ताल की। यह पड़ताल वरोरा के आनंदवन चौक पर और उसके बाद पंचायत समिति कार्यालय में हुई। एसीबी के मुताबिक पड़ताल में सामने आया कि आरोपी पेंदे और बक्षी ने शुरुआती 5 लाख की मांग पर समझौता करते हुए 3 लाख रुपये लेने की बात पंचों के सामने मान ली।
इसके बाद गुरुवार 6 नवंबर 2026 को एसीबी की टीम ने पहले से तय योजना के तहत जाल बिछाया। तय हुई बात के मुताबिक खांबाला गांव में पंचों की मौजूदगी में आरोपी पांडुरंग पेंदे ने शिकायतकर्ता से 3 लाख रुपये की रकम ली। रकम हाथ में आते ही एसीबी की टीम ने पेंदे और उनके वरिष्ठ अधिकारी प्रणव बक्षी, दोनों को तुरंत हिरासत में ले लिया।
यह कार्रवाई एसीबी नागपुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. दिगंबर प्रधान, अपर पुलिस अधीक्षक श्रीमती माधुरी बाविस्कर और श्री विजय माहुलकर के मार्गदर्शन में हुई। चंद्रपुर एसीबी के पुलिस उपअधीक्षक अनिल जिट्टावार, पुलिस निरीक्षक तेजराम मेश्राम, पुलिस हवलदार हिवराज नेवारे और रविकांत इंगले की टीम ने इसे अंजाम दिया। टीम में पुलिस सिपाही अमोल सिडाम, राकेश जांभुलकर, प्रदिप ताडाम और महेश माहुरपवार, महिला पुलिस सिपाही सिमा झाडे, तथा चालक पुलिस सिपाही सतिश सिडाम और संदिप कवरासे भी शामिल थे।
इस मामले में वरोरा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी दर्ज की जा रही है। फिलहाल दोनों को हिरासत में लिया गया है।
एसीबी ने लोगों से अपील की है कि भ्रष्टाचार से जुड़ी कोई भी जानकारी हो या कोई लोकसेवक रिश्वत मांगे, तो एसीबी के चंद्रपुर कार्यालय या टोल फ्री नंबर 1064 पर संपर्क करें।
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