वरली की पहाड़ी पर जरीमरी माता का मंदिर, नवरात्रि की अष्टमी पर उमड़ते हैं हजारों भक्त
मुंबई के वरली इलाके में पहाड़ी पर बसे श्री जरीमरी माता मंदिर को भक्त मन्नत पूरी करने वाली देवी का धाम मानते हैं।
मुंबई के भीड़भाड़ वाले वरली इलाके में एक पहाड़ी की चोटी पर श्री जरीमरी माता का मंदिर है। यह भक्तों की आस्था की जगह है। जरीमरी माता को मन्नत पूरी करने वाली और भक्तों की मुश्किलें दूर करने वाली देवी के रूप में जाना जाता है। दर्शन के लिए वरली के साथ-साथ मुंबई के अलग-अलग हिस्सों से भी लोग यहां आते हैं।
मंदिर के बारे में बताया जाता है कि वरली की पहाड़ी वाले हिस्से में 7 अक्टूबर 1993 को देवी की प्राचीन और स्वयंभू मूर्ति मिली थी। कुछ ऐतिहासिक संदर्भों के मुताबिक यह इलाका कई दशकों से देवी के वास के लिए जाना जाता रहा है। वक्त के साथ स्थानीय लोगों और मंडलों ने मिलकर इस मंदिर का जीर्णोद्धार किया।
यह मंदिर दो इमारतों के बीच या टेकड़ी की गोद में बसा है। अंदर देवी की सुंदर मूर्ति है, जो एक ही अखंड शिला में तराशी गई है। मन्नत पूरी करने वाली और भक्तों की मनोकामना पूरी करने वाली देवी के तौर पर उनकी ख्याति है।
वरली और आसपास के भक्तों की श्रद्धा है कि जरीमरी माता मन्नत पर पसीजने वाली देवी हैं। उन्हें ग्रामदेवता के रूप में पूजा जाता है, जो भक्तों की पुकार सुनती हैं और संकटों से उनकी रक्षा करती हैं। जरीमरी माता की परंपरा प्राचीन है। नाम में आने वाले 'जरी' का मतलब ताप या महामारी जैसी बीमारियां बताया गया है और 'मरी' का मतलब रोग-बीमारी। इन पर काबू रखने वाली देवी के रूप में उन्हें माना जाता है।
शारदीय नवरात्रि के दौरान मंदिर में खास रौनक रहती है। नौ दिनों तक देवी का विशेष शृंगार होता है, रोशनी की जाती है, आरती होती है और धार्मिक विधियां की जाती हैं। नवरात्रि की अष्टमी के दिन यहां खास भंडारा यानी महाप्रसाद रखा जाता है। इसका लाभ लेने के लिए वरली के साथ पूरी मुंबई से हजारों भक्त जुटते हैं।
मंदिर में रोज सुबह और शाम आरती होती है।
मंदिर तक पहुंचना आसान है। प्रभादेवी, लोअर परेल या दादर रेलवे स्टेशन से टैक्सी या लोकल बस लेकर यहां आया जा सकता है। मंदिर के पीछे बड़ा समुद्र किनारा है। यहां से पास में ही महालक्ष्मी मंदिर है, और प्रभादेवी का सिद्धिविनायक मंदिर तथा प्रभादेवी माता का मंदिर भी आसानी से पहुंच में हैं।
धर्म से जुड़ी यह जानकारी सिर्फ पाठकों की जानकारी के लिए है। किसी भी तरह का प्रयोग करने से पहले जानकारों की सलाह लेना जरूरी है।
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