हिंगोली में दो घंटे के अंदर भूकंप के दो झटके, 4.5 तीव्रता का झटका भी; कोई हताहत नहीं
शनिवार सुबह हिंगोली जिले में दो घंटे के भीतर दो बार धरती हिली। प्रशासन के मुताबिक किसी के घायल होने या नुकसान की खबर नहीं है।
महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में शनिवार सुबह करीब दो घंटे के अंदर भूकंप के दो झटके लगे। इनमें से एक झटका 4.5 तीव्रता का था, जो ज्यादा तेज माना गया। झटकों से लोगों में घबराहट फैल गई और इलाके में बार-बार आ रही भूकंपीय हलचल को लेकर चिंता फिर बढ़ गई है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारियों के मुताबिक पहला झटका 3.3 तीव्रता का था। यह सुबह करीब 7.46 बजे दर्ज हुआ। इसका केंद्र औंढा नागनाथ तहसील के गढाला गांव के पास करीब 7 किलोमीटर की गहराई पर था।
पहले झटके के साथ गड़गड़ाहट की आवाज भी आई, जो कई गांवों के लोगों ने सुनी। पहले झटके से थोड़ी फिक्र हुई थी, लेकिन करीब दो घंटे बाद जब इससे कहीं तेज 4.5 तीव्रता का झटका लगा तो हालत ज्यादा डरावनी हो गई।
दूसरा झटका हिंगोली जिले के कई हिस्सों में महसूस किया गया। लोगों ने अचानक धरती हिलने और गड़गड़ाहट की आवाज की बात कही। औंढा नागनाथ तहसील के पिंपलदरी और आसपास के इलाकों के गांव वालों का कहना था कि दूसरा झटका लगने से पहले कुछ मिनट तक गड़गड़ाहट होती रही।
लगातार दो झटकों से लोग घबरा गए और कई लोग एहतियात के तौर पर घरों से बाहर निकल आए। हालांकि जिला प्रशासन ने कहा कि शनिवार के झटकों के बाद किसी के हताहत होने या संपत्ति को नुकसान पहुंचने की कोई खबर नहीं है।
हिंगोली के कुछ हिस्सों में कई साल से भूकंपीय हलचल की खबरें आती रही हैं। शनिवार के झटकों ने इस ओर फिर ध्यान खींचा है। इस इलाके में करीब छह साल से रुक-रुककर झटके लगते रहे हैं, इसलिए यह लोगों के लिए बार-बार की चिंता बन गई है। ताजा घटनाओं से गांव वालों का डर और बढ़ा है, खासकर उन इलाकों में जहां पहले तेज झटके आ चुके हैं।
पास के पांगरा शिंदे गांव में भी 1 अक्टूबर को ऐसी ही गड़गड़ाहट की आवाज की खबर थी। इससे जमीन के नीचे हलचल जारी रहने की चिंता और बढ़ी थी।
इस साल की शुरुआत में भी यहां तेज झटके दर्ज हुए थे। 9 जुलाई और 11 जुलाई को इलाके में क्रमशः 4.6 और 3.5 तीव्रता के भूकंप आए थे। बताया गया है कि जुलाई के झटके इतने तेज थे कि कुछ घरों में दरारें पड़ गईं।
ताजा झटकों के बाद जिला प्रशासन ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारी हालात पर नजर रखे हुए हैं और यह देख रहे हैं कि ताजा हलचल से किसी इमारत को नुकसान तो नहीं हुआ। लोगों से यह भी कहा गया है कि वे प्रशासन की हिदायतों पर चलें और बिना पुष्टि की खबरें न फैलाएं, जिनसे बेवजह डर फैल सकता है।
थोड़े ही वक्त में दो झटके आना और इलाके में रुक-रुककर होती भूकंपीय हलचल का पुराना इतिहास, इन दोनों बातों ने हिंगोली के कुछ हिस्सों की भूकंप के प्रति संवेदनशीलता को फिर चर्चा में ला दिया है।