हिंगोली में सुबह दो घंटे के अंदर भूकंप के दो झटके, दूसरा 4.5 तीव्रता का
महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में शनिवार, 3 अक्टूबर की सुबह एक के बाद एक भूकंप के दो झटके महसूस किए गए। इससे लोगों में डर का माहौल बन गया।
पहला झटका सुबह करीब 7.46 बजे लगा। जिला आपत्ति व्यवस्थापन कक्ष (जिला आपदा प्रबंधन कक्ष) की जानकारी के मुताबिक इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.3 दर्ज की गई। इसका केंद्र औंढा नागनाथ तालुका के गढाला गांव के आसपास था और बताया गया कि यह करीब 7 किलोमीटर की गहराई पर था। स्थानीय लोगों ने कहा कि इस झटके के साथ जमीन के अंदर से गड़गड़ाहट जैसी आवाज भी सुनाई दी।
पहले झटके के करीब दो घंटे बाद जमीन फिर जोर से हिली। दूसरे भूकंप की तीव्रता 4.5 दर्ज की गई। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के रिकॉर्ड के मुताबिक 4.5 तीव्रता का यह भूकंप सुबह 9.43 बजे आया और इसकी गहराई 5 किलोमीटर थी।
इस दूसरे झटके से औंढा नागनाथ समेत हिंगोली जिले के कई इलाकों में लोग डर गए। पिंपळदरी और आसपास के गांवों के लोगों ने बताया कि दूसरे झटके से पहले उन्हें गड़गड़ाहट जैसी आवाज सुनाई दी थी।
अभी की जानकारी के मुताबिक इन दोनों झटकों में किसी की जान जाने या बड़े पैमाने पर माल के नुकसान की कोई रिपोर्ट नहीं है। प्रशासन ने लोगों से घबराए बिना सतर्क रहने की अपील की है।
हिंगोली इलाके में पिछले कुछ सालों से बीच-बीच में भूकंप की हलचल महसूस होती रही है। इसी वजह से शनिवार सुबह लगातार लगे इन झटकों से लोगों की चिंता फिर बढ़ गई है।
भूकंप के वक्त घबराकर भागदौड़ करने के बजाय अपनी और परिवार की हिफाजत के लिए कुछ बातें याद रखना जरूरी है। नीचे बैठकर किसी मजबूत टेबल या फर्नीचर के नीचे पनाह लें और उसे कसकर पकड़े रखें। झटकों के दौरान घर से तुरंत बाहर न दौड़ें, क्योंकि सीढ़ियों या निकलने के रास्ते पर भीड़ लगाना खतरनाक हो सकता है। लिफ्ट का इस्तेमाल न करें। खिड़की, कांच के दरवाजे, अलमारी, पंखे और गिर सकने वाली चीजों से दूर रहें।
बाहर हों तो खुली जगह पर चले जाएं और इमारतों, पेड़ों, बिजली के खंभों, होर्डिंग और फ्लाईओवर से दूर रहें। गाड़ी चला रहे हों तो पुल, सुरंग, बड़ी इमारतों और बिजली के तारों से दूर गाड़ी रोकें और झटके थमने तक गाड़ी में ही रहें। झटके थमने के बाद नुकसान देखें। गैस रिसाव, बिजली के तार या इमारत में पड़ी दरारें दिखें तो संबंधित विभाग को बताएं। जिस इमारत को गंभीर नुकसान हुआ हो, उसमें दोबारा न जाएं।
मुख्य भूकंप के बाद फिर झटके लग सकते हैं, इसलिए सतर्क रहना जरूरी है। पीने का पानी, जरूरी दवाइयां, टॉर्च, पावर बैंक, प्राथमिक उपचार का सामान और अहम कागजात की कॉपी आसानी से मिलने लायक रखें। अफवाहों पर यकीन न करें और सिर्फ प्रशासन, राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS), NDMA या सरकारी एजेंसियों की दी हुई जानकारी पर भरोसा करें।