वनोजा में समृद्धी महामार्ग पर ठाकरे गुट का आंदोलन, विधायक नितिन देशमुख हिरासत में
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हेक्टेयर एक लाख रुपये की मदद की मांग को लेकर वाशीम जिले के वनोजा में शिवसेना ठाकरे गुट ने समृद्धी महामार्ग रोकने की कोशिश की। पुलिस ने सौम्य लाठीचार्ज किया और विधायक नितिन देशमुख समेत कई आंदोलनकारियों को हिरासत में लिया।
अकोला: अतिवृष्टि और फसल के नुकसान से आर्थिक संकट में फंसे किसानों को हेक्टेयर एक लाख रुपये की मदद देने की मांग को लेकर शिवसेना ठाकरे गुट ने समृद्धी महामार्ग पर आंदोलन किया। शुक्रवार को वाशीम जिले के वनोजा में विधायक और उपनेता नितिन देशमुख की अगुवाई में हजारों किसान और शिवसैनिक सड़क पर उतरे।
पुलिस ने इस आंदोलन की इजाजत नहीं दी थी। इसके बावजूद आंदोलनकारियों ने महामार्ग रोकने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच जोरदार धक्का-मुक्की हुई। हालात काबू में लाने के लिए पुलिस को सौम्य लाठीचार्ज करना पड़ा। इसके बाद पुलिस ने विधायक नितिन देशमुख समेत कई आंदोलनकारियों को हिरासत में ले लिया।
आंदोलनकारियों की मांग है कि किसानों को सिर्फ पांच हजार रुपये की तात्कालिक मदद देने के बजाय अतिवृष्टि और फसल नुकसान की सही भरपाई मिले। ठाकरे गुट का रुख है कि हर किसान को हेक्टेयर एक लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाए। विधायक नितिन देशमुख ने साफ किया कि किसानों की जमीन ली गई थी और उसी जमीन पर बना समृद्धी महामार्ग आज किसानों के हक के लिए रोका जा रहा है।
आंदोलन में ज्यादा से ज्यादा लोग जुटें, इसके लिए विधायक देशमुख और शिवसेना के पदाधिकारियों ने अकोला और वाशीम जिलों में दौरे किए थे और किसानों से शामिल होने की अपील की थी। उसी के मुताबिक शुक्रवार सुबह से वनोजा में किसानों और शिवसैनिकों की भारी भीड़ जमा होने लगी।
आंदोलन को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा पुलिस बंदोबस्त लगाया था। विभाग के अलग-अलग जिलों से डेढ़ हजार से ज्यादा पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे थे। इतने बंदोबस्त के बावजूद आंदोलनकारियों ने समृद्धी महामार्ग पर रास्ता रोकने की कोशिश की, जिससे पुलिस और उनके बीच टकराव की स्थिति बन गई।
दोनों तरफ से धक्का-मुक्की के बाद पुलिस ने आंदोलनकारियों को तितर-बितर करने के लिए सौम्य लाठीचार्ज किया। इस कार्रवाई के बाद आंदोलनकारियों ने सरकार के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया। इसी बीच पुलिस ने विधायक नितिन देशमुख और आंदोलन में शामिल कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
समृद्धी महामार्ग राज्य का अहम द्रुतगति मार्ग है। यहां रास्ता रोको होने से ट्रैफिक में रुकावट आती है और यात्रियों की सुरक्षा का सवाल भी खड़ा हो सकता है। इसी वजह से पुलिस ने आंदोलन की इजाजत नहीं दी थी और आयोजकों को नोटिस भी दिए गए थे। फिर भी ठाकरे गुट अपने आंदोलन पर अड़ा रहा और महामार्ग पर प्रदर्शन किया। इससे वनोजा इलाके में कुछ देर तक तनाव का माहौल रहा।
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