वणी में WCL के नाम पर प्लॉटिंग और ठगी का आरोप, युवक ने जांच की मांग की
वणी तहसील में कथित अवैध प्लॉटिंग और WCL के नाम के कथित दुरुपयोग को लेकर एक युवक ने क्षेत्रीय महाप्रबंधक को शिकायत सौंपी है।
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घुग्घूस, चंद्रपुर : वणी तहसील में कथित अवैध प्लॉटिंग और लोगों के साथ पैसों की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। एक युवक ने वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) के वणी क्षेत्र के ताडाली स्थित क्षेत्रीय महाप्रबंधक को लिखित शिकायत दी है। उसने मांग की है कि मामले की जांच हो और कंपनी के नाम का कथित गलत इस्तेमाल करने वालों पर कार्रवाई की जाए।
शिकायतकर्ता के मुताबिक चिंचोली के रहने वाले एक व्यक्ति और कुछ अन्य लोगों पर आरोप है कि वे WCL की खदान के काम और सेक्टर-9 परियोजना का नाम लेकर खेती की जमीन की खरीद-बिक्री और प्लॉटिंग के बारे में लोगों को कथित तौर पर गुमराह कर रहे हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
शिकायत में दावा है कि इस खेती की जमीन को अकृषिक (NA) कराने के लिए राजस्व विभाग की जरूरी अनुमति नहीं ली गई। इसके अलावा प्लॉट काटने से पहले नगर रचना विभाग से लेआउट की मंजूरी या नक्शा पास कराया गया या नहीं, इस पर भी सवाल उठाए गए हैं।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी किए बिना खेती की जमीन को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर बेचे जाने की आशंका है। उनके मुताबिक ऐसे में जमीन खरीदने वालों को आगे चलकर कानूनी और आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि इस जमीन को WCL के सेक्टर-9 प्रोजेक्ट के अंतर्गत आने वाली जमीन बताकर लोगों को भरोसा दिलाया जा रहा है कि उसके दाम बढ़ेंगे। शिकायतकर्ता को आशंका है कि ऐसे दावों से लोग जमीन खरीदने के लिए प्रेरित हो सकते हैं। इसी आधार पर WCL प्रशासन से कहा गया है कि वह साफ करे कि इस जमीन का कंपनी की परियोजना से सचमुच कोई संबंध है या नहीं। साथ ही कंपनी के नाम के कथित दुरुपयोग से लोगों को गुमराह करने के आरोपों की जांच का आग्रह भी किया गया है।
युवक ने अपने आवेदन में दो मुख्य मांगें रखी हैं। पहली, जमीन खरीदने के इच्छुक लोगों को कंपनी के नाम पर कथित तौर पर गुमराह करने के मामले में WCL अपनी आधिकारिक स्थिति साफ करे। दूसरी, संबंधित व्यक्ति के खिलाफ शिकायत की जांच करके जरूरत के हिसाब से प्रशासनिक और पुलिस कार्रवाई की जाए।
शिकायत पत्र पर WCL वणी क्षेत्र के दफ्तर की प्राप्ति मुहर दिख रही है, जिस पर 13 अक्टूबर 2026 की तारीख है। हालांकि शिकायत पर अब तक क्या कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं है।
इस मामले को देखते हुए जमीन खरीदने वालों को सलाह दी जाती है कि कोई भी लेन-देन करने से पहले वे भूखंड के मालिकाना हक के दस्तावेज, 7/12 उतारा, जमीन के इस्तेमाल की कानूनी स्थिति, NA आदेश, मंजूर लेआउट और सक्षम प्राधिकरण की अनुमतियां जांच लें।
अब सवाल यह है कि क्या WCL प्रशासन इस शिकायत की जांच करके जमीन की असली स्थिति बताएगा। लोगों की नजर इस पर भी रहेगी कि राजस्व विभाग और नगर रचना विभाग कथित प्लॉटिंग के वैध होने की जांच करते हैं या नहीं।
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