चंद्रपूर में अप्रेंटिसशिप में स्थानीय युवकों को प्राथमिकता देने की मांग, शिवसेना ने कलेक्टर को सौंपा निवेदन
शिवसेना भारतीय कामगार संघटना ने WCL और MIDC में स्थानीय बेरोजगार युवकों के लिए अप्रेंटिसशिप की सीटें बढ़ाने की मांग को लेकर चंद्रपूर के जिलाधिकारी को निवेदन दिया।
औद्योगिक और खनन क्षेत्र के लिए मशहूर चंद्रपूर जिले में आईटीआई, डिप्लोमा, इंजीनियरिंग और ग्रेजुएशन पूरा कर चुके बड़ी संख्या में युवक अभी भी नौकरी की राह देख रहे हैं। इसी बीच शिवसेना भारतीय कामगार संघटना ने आरोप लगाया है कि जिले के WCL, MIDC और बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों में स्थानीय युवकों को जितना मौका मिलना चाहिए, उतना नहीं मिल रहा।
भारत सरकार की NATS (National Apprenticeship Training Scheme) और NAPS (National Apprenticeship Promotion Scheme) योजनाओं के तहत युवकों को उद्योगों में सीधे प्रशिक्षण, स्किल डेवलपमेंट और स्टायपेंड मिलने की सुविधा है। चंद्रपूर जिला Board of Apprenticeship Training (Western Region), मुंबई के दायरे में आता है।
इसी दौरान WCL में 2026 के लिए अलग-अलग ट्रेड में अप्रेंटिसशिप भर्ती प्रक्रिया शुरू है। इसी को देखते हुए शिवसेना भारतीय कामगार संघटना के जिलाध्यक्ष और चंद्रपूर तालुका प्रमुख संतोष लीलाबाई दशरथ पारखी ने जिलाधिकारी को निवेदन सौंपा, ताकि इन संधियों का ज्यादा से ज्यादा फायदा चंद्रपूर जिले के स्थानीय बेरोजगार युवकों को मिल सके।
निवेदन में WCL के चंद्रपूर, बल्लारपुर, वणी, वणी उत्तर और माजरी क्षेत्र में स्थानीय युवकों के लिए अप्रेंटिसशिप की सीटें बढ़ाने की मांग रखी गई है। साथ ही MIDC की सभी कंपनियों की मीटिंग बुलाकर NATS/NAPS के तहत उपलब्ध सीटों का जायजा लेने की भी मांग की गई है।
इसके अलावा आईटीआई, डिप्लोमा और इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स के लिए तालुका स्तर पर गाइडेंस और रजिस्ट्रेशन कैंप लगाने की मांग भी निवेदन में शामिल है। निवेदन में यह भी कहा गया है कि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में WCL, जिला उद्योग केंद्र, रोजगार विभाग और आईटीआई संस्थाओं की साझा मीटिंग बुलाकर अप्रेंटिसशिप के लिए सालाना टारगेट तय किया जाए।
संतोष पारखी ने कहा कि चंद्रपूर के औद्योगिक विकास में स्थानीय नागरिकों का बड़ा योगदान है, इसलिए स्थानीय युवकों को नौकरी और ट्रेनिंग की सुविधा दी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा, "चंद्रपूर की जमीन से कोयला निकलता है, प्रदूषण की मार स्थानीय नागरिकों को झेलनी पड़ती है, लेकिन नौकरी की संधी बाहर के लोगों को मिल रही है तो यह गंभीर मामला है। WCL और MIDC के उद्योगों को स्थानीय भूमिपुत्रों को अप्रेंटिसशिप का मौका देना चाहिए।"
पारखी ने चेतावनी दी कि अगर इन मांगों पर जल्दी कार्रवाई नहीं हुई, तो बेरोजगार युवक जिलाधिकारी कार्यालय पर मोर्चा निकालेंगे।
इस निवेदन की कॉपी कौशल विकास आयुक्त नवी मुंबई, BOAT मुंबई, WCL के महाप्रबंधक और जिला उद्योग केंद्र को भी भेजी गई है। निवेदन में मांग की गई है कि स्थानीय युवकों को ट्रेनिंग के साथ रोजगार का मौका देने के लिए प्रशासन, WCL और जिले की औद्योगिक संस्थाएं मिलकर ठोस कदम उठाएं।