मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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18:54 IST

चंद्रपुर: कंपनियों को धमकाने, खंडणी मांगने वालों पर सीधी कार्रवाई की चेतावनी

पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी की अध्यक्षता में हुई बैठक में जिले की करीब 100 कंपनियों के प्रतिनिधी शामिल हुए, भंगार चोरी और खंडणीखोरों पर सख्ती का फैसला।

चंद्रपुर: कंपनियों को धमकाने, खंडणी मांगने वालों पर सीधी कार्रवाई की चेतावनी
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

चंद्रपुर जिला पुलिस प्रशासन ने स्थानीय उद्योगों को सुरक्षित माहौल देने के लिए कमर कस ली है। इसी सिलसिले में पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी की अध्यक्षता में हाल ही में तुकुम रोड स्थित पुलिस सभागार में एक खास बैठक हुई, जिसमें वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) समेत जिले की करीब 100 से ज्यादा कंपनियों के प्रमुख और प्रतिनिधी मौजूद रहे।

बैठक में मुख्य रूप से भंगार चोरी रोकने और खंडणी मांगने वालों पर नकेल कसने को लेकर विस्तार से रणनीति बनाई गई। बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक ईश्वर कातकडे, उपविभागीय पुलिस अधिकारी प्रमोद चौगुले, स्थानीय गुन्हे शाखा के पुलिस निरीक्षक अमोल काचोरे, जिला वाहतूक शाखा के पुलिस निरीक्षक अमोल बारापत्रे, रामनगर पुलिस स्टेशन की पुलिस निरीक्षक प्रभावती एकुरके, दुर्गापूर के पुलिस निरीक्षक संतोष शेगावकर और पडोली के पुलिस निरीक्षक सुधाकर कोकोडे भी मौजूद थे।

पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी ने साफ कहा कि जिले में औद्योगिक विकास, कानून-व्यवस्था और कंपनियों की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है, और चोरी, भंगार तस्करों तथा खंडणीखोरों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में औद्योगिक इलाकों की कानून-व्यवस्था, बढ़ती भंगार चोरी, मजदूरों की सुरक्षा, ट्रैफिक जाम और कंपनियों पर डाला जा रहा गैरकानूनी दबाव, इन सब मुद्दों पर गहराई से चर्चा हुई। WCL सहित दूसरी कंपनियों के इलाके में चोरी की घटनाएं रोकने के लिए संबंधित पुलिस स्टेशनों की सीमा में दिन-रात गश्त बढ़ाने का फैसला लिया गया, और सभी संवेदनशील जगहों पर पुलिस की खास नजर रहेगी। इसके अलावा ब्रह्मपुरी ओवरब्रिज इलाके में लगने वाले ट्रैफिक जाम को सुलझाने के लिए जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस स्टाफ और बंदोबस्त तैनात किया जाएगा।

मजदूरों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीरता दिखाते हुए निर्देश दिया गया कि हादसे की सूरत में मजदूर के परिवार को आर्थिक मदद मिल सके, इसके लिए सभी कंपनियों को अपने मजदूरों का बीमा कराना अनिवार्य होगा। इस मौके पर बताया गया कि धारिवाल कंपनी मजदूरों का बैंक खाता खोलते वक्त ही उनका बीमा भी जोड़ देती है, वहीं डालमिया सिमेंट पहले दिन से ही बीमा सुरक्षा देती है। दूसरी कंपनियों से भी ऐसी ही कल्याणकारी नीतियां तुरंत अपनाने की अपील की गई। साथ ही मजदूर हेलमेट और बाकी सुरक्षा नियमों का पालन करें, इसके लिए जिला वाहतूक शाखा की तरफ से औद्योगिक प्रतिष्ठानों में खास जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

सबसे अहम बात, पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी ने साफ चेतावनी दी कि मजदूरों को आगे कर कंपनी प्रबंधन को धमकाने, खंडणी वसूलने या किसी भी तरह का गलत दबाव डालने का काम बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई भी दबाव आने पर कंपनियां बिना डरे सीधे पुलिस से संपर्क करें, और ऐसी हरकतें करने वालों पर तुरंत मामला दर्ज कर कोई रियायत नहीं दी जाएगी। कार्यक्रम की शुरुआत में जिला विशेष शाखा के पुलिस निरीक्षक श्याम गव्हाणे ने प्रस्तावना रखी, जबकि आभार उपविभागीय पुलिस अधिकारी प्रमोद चौगुले ने माना। बैठक में यह भी कहा गया कि उद्योगों को सुरक्षित माहौल देना और मजदूरों का हित देखना प्रशासन का मुख्य मकसद है, और इसके लिए पुलिस व कंपनियों के बीच नियमित तालमेल बनाए रखा जाएगा।

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