वडूज में स्मार्ट मीटर लगाने के बाद निकाले गए सौ से ज्यादा पुराने मीटर नहर किनारे फेंके
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
खटाव तालुका के वडूज में दहिवडी रोड की एक बस्ती के पुराने बिजली मीटर नहर के पास खाली मैदान में मिले। कंपनी अधिकारी पर कार्रवाई की मांग हो रही है, संगठनों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
खटाव तालुका के वडूज शहर में बिजली उपभोक्ताओं के पुराने मीटर नहर वाली जगह पर खाली मैदान में फेंक दिए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगाने के बाद निकाले गए ये मीटर इसी तरह छोड़ दिए गए। संबंधित कंपनी के एक जिम्मेदार व्यक्ति को बताए जाने के बाद भी किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया, इसलिए कई सामाजिक संगठन नाराज हैं। शहर में अब यह चर्चा चल पड़ी है कि स्मार्ट मीटर लगवाइए और पुराना मीटर नहर पर पाइए।
पिछले कुछ महीनों से महावितरण की ओर से बिजली उपभोक्ताओं से स्मार्ट मीटर लगवाने को कहा जा रहा है। कई उपभोक्ता यह मीटर लगवा चुके हैं। इसे लगाने का काम एक निजी कंपनी को सौंपा गया है और उसके कर्मचारी कई जगह मीटर लगा रहे हैं। कुछ संगठनों ने इसका विरोध किया है, फिर भी कहा जा रहा है कि स्मार्ट मीटर लगाना अनिवार्य है। इसी के तहत वडूज में दहिवडी रोड की एक बस्ती के कुछ उपभोक्ताओं के पुराने मीटर निकालकर उनकी जगह स्मार्ट मीटर जोड़े गए।
नियम यह है कि बदले गए पुराने मीटर निजी कंपनी को महावितरण के दफ्तर में जमा करने होते हैं। लेकिन ऐसा करने के बजाय अंदाजन सौ से ज्यादा मीटर इस रोड पर नहर के किनारे फेंक दिए गए, यह बात सामने आई है।
इसके बाद कुछ मीडिया प्रतिनिधियों ने यह मामला महावितरण के वरिष्ठ अधिकारी मस्के के ध्यान में लाया। मस्के ने कहा कि यह विषय वडूज दफ्तर के तहत आता है, इसलिए संबंधित अधिकारियों से बात की जाए। यानी मामले को एक से दूसरे के पास टाल दिया गया। फिर संबंधित विभाग के अधिकारी दिवटे को इसकी जानकारी दी गई। आरोप है कि वडूज दफ्तर के अधिकारियों ने इस गंभीर मामले को अनदेखा करते हुए सिर्फ एक वायरमैन को मौके पर भेजकर जांच करने को कहा।
घटना की खबर मिलते ही सामाजिक कार्यकर्ता दिगंबर शिंगाडे मौके पर पहुंचे। उन्होंने महावितरण के दीडवाघ को जानकारी देकर मामले की गंभीरता बताई। दीडवाघ ने घटनास्थल का दौरा किया और निजी कंपनी के अधिकारी से इस बारे में जवाब मांगा। आरोप है कि अकड़ भरे रवैये वाले उस अधिकारी ने ऐसा जताया, मानो उसे इस बारे में कुछ पता ही नहीं।
मामला महावितरण के उच्च वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने के बाद भी कंपनी के इस कर्मचारी के रवैये में कोई फर्क नहीं पड़ा। इसलिए आम लोग सवाल उठा रहे हैं कि कहीं कंपनी के इस जिम्मेदार कर्मचारी और महावितरण के स्थानीय अधिकारियों के बीच कोई सांठगांठ तो नहीं है। फेंके गए मीटर महावितरण के अधिकारी और कर्मचारी इकट्ठा करके ले गए हैं, पर अब कई लोगों की नजर इस पर है कि वरिष्ठ अधिकारी इस गंभीर मामले में क्या रुख अपनाते हैं।
निजी कंपनी की ओर से खटाव तालुका की जिम्मेदारी संभालने वाले शुभम गुरव से इस बारे में संपर्क किया गया। इस दौरान महावितरण के अधिकारियों ने माना कि घटना गंभीर है और उसकी विस्तृत जानकारी भी दी। लेकिन आरोप है कि गुरव ने अपनी जिम्मेदारी झटक दी और घटना को एक आम कर्मचारी के सिर डालकर ऐसा जताया कि उनका इससे कोई लेना-देना नहीं है। इसलिए कुछ संगठनों ने तालुका की जिम्मेदारी संभालने वाले शुभम गुरव पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में चेतावनी दी है कि ऐसा न हुआ तो महावितरण के वरिष्ठ दफ्तर पर जल्द ही तीखा आंदोलन छेड़ा जाएगा।


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